Kalanee Impex पर FEMA जांच में मुंबई में तलाशी, निर्यात प्राप्ति और विदेशी खातों की पड़ताल तेज

Kalanee Impex पर FEMA जांच में मुंबई में तलाशी, निर्यात प्राप्ति और विदेशी खातों की पड़ताल तेज
FEMA जांच, Kalanee Impex पर छापा

मुंबई में 9 जुलाई 2026 को की गई प्रवर्तन कार्रवाई ने Kalanee Impex Private Limited की विदेशी लेनदेन अनुपालन व्यवस्था पर नए सवाल खड़े किए हैं। जांच में कंपनी के निर्यात भुगतान, कथित अघोषित विदेशी खाते और संबंधित विदेशी इकाइयों के बीच संभावित नियामकीय उल्लंघनों की एक साथ जांच हो रही है।

हाइलाइट्स

  • Enforcement Directorate ने Kalanee Impex Private Limited के मुंबई परिसरों पर तलाशी में निदेशक Dharmesh Sangani से जुड़ी कथित अघोषित विदेशी कंपनियों और बैंक खातों के सबूत बरामद किए।
  • कंपनी की करोड़ों रुपये की निर्यात प्राप्तियां निर्धारित समयसीमा के बाद भी वसूल नहीं हुईं और इनके लिए RBI या अधिकृत डीलर बैंकों से कोई अनुमति नहीं ली गई।
  • जांच में US Customs द्वारा जून 2025 में 3.05 मिलियन U.S. डॉलर मूल्य के जब्त आभूषणों और तीसरे पक्ष द्वारा प्राप्त निर्यात भुगतान की वैधता की भी पड़ताल हो रही है।

तलाशी में मिले दस्तावेज और जांच का दायरा

Enforcement Directorate के अनुसार, उसकी Headquarters Investigation Unit ने Foreign Exchange Management Act, 1999 के तहत मुंबई के कई परिसरों पर तलाशी की है, जो Kalanee Impex Private Limited से जुड़ी है। कंपनी के निदेशक Dharmesh Sangani, Narendra Sangani और Mrs. Rajeeta Dharmesh Sangani हैं।

तलाशी के दौरान निदेशक Dharmesh Sangani से जुड़े कथित अघोषित विदेशी कंपनियों और विदेशी बैंक खातों के साक्ष्य मिले हैं। एजेंसी का कहना है कि इन कंपनियों और खातों का उल्लेख आयकर रिटर्न में नहीं किया गया है, और अब धन के स्रोत, स्वामित्व संरचना तथा अन्य संबंधित पहलुओं की जांच की जा रही है.

जांच में यह भी सामने आया है कि कंपनी की करोड़ों रुपये की निर्यात प्राप्तियां, Foreign Exchange Management (Export of Goods and Services) Regulations, 2015 और Reserve Bank of India की संबंधित Master Direction में दी गई समयसीमा बीतने के बावजूद वसूल नहीं हुईं। एजेंसी के अनुसार, निर्यात प्राप्ति की समयसीमा बढ़ाने के लिए Authorised Dealer Banks या Reserve Bank of India से आवश्यक अनुमति भी नहीं ली गई।

निर्यात लेनदेन, सीमा शुल्क संकेत और संभावित कानूनी जोखिम

मई 2026 में Customs Department ने एक सार्वजनिक सूचना जारी कर कंपनी को उन डिफॉल्टर निर्यातकों में शामिल किया था, जिनके शिपिंग बिल सीमा शुल्क अभिलेखों के अनुसार अनरियलाइज्ड रहे। यह पहलू अब FEMA अनुपालन जांच के व्यापक ढांचे में जुड़ गया है।

एजेंसी यह भी जांच रही है कि कुछ निर्यात सौदों में भुगतान घोषित विदेशी खरीदारों या कंसाइनी के बजाय तीसरे पक्ष की इकाइयों से क्यों प्राप्त हुआ। ऐसे third-party remittances की वैधता, उनका व्यावसायिक आधार और FEMA तथा RBI नियमों के अनुपालन की स्थिति की पड़ताल जारी है।

तलाशी के दौरान ऐसे दस्तावेज भी मिले हैं जो जून 2025 में U.S. Customs and Border Protection द्वारा लगभग 3.05 मिलियन U.S. डॉलर मूल्य के आभूषणों की जब्ती से संबंधित हैं। एजेंसी इस जब्त खेप और भारत से कंपनी के निर्यात के बीच संभावित संबंध की जांच कर रही है।

जांच में सितंबर 2016 की एक पुरानी घटना का भी उल्लेख है, जब Heathrow Airport London पर Dharmesh Sangani को रोका गया था और कथित रूप से कम घोषित 7.412 किलोग्राम सोने के आभूषण जब्त किए गए थे। तलाशी के दौरान कई आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल उपकरण भी जब्त किए गए हैं, जिनकी जांच से कथित उल्लंघनों की पूरी सीमा, विदेशी परिसंपत्तियों, धन के प्रवाह और शामिल व्यक्तियों की भूमिका का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।

हमारी पिछली रिपोर्ट में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच यूरेनियम निर्यात समझौते को लेकर हुई उच्चस्तरीय वार्ता पर चर्चा की गई थी। उस लेख में बताया गया था कि प्रस्तावित समझौता परमाणु ईंधन आपूर्ति, स्वच्छ ऊर्जा रणनीति, और दोनों देशों के व्यापार व निवेश सहयोग के लिहाज से महत्वपूर्ण संकेत देता है।

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