RBI की नीलामी में राज्य सरकारें 24,800 करोड़ रुपये जुटाएंगी

RBI की नीलामी में राज्य सरकारें 24,800 करोड़ रुपये जुटाएंगी
RBI नीलामी: 24,800 करोड़

कई राज्य सरकारें 14 जुलाई 2026 को होने वाली नीलामी के जरिए कुल 24,800 करोड़ रुपये के राज्य विकास ऋण बेचने की पेशकश कर रही हैं। इस निर्गम में नए और पुनर्निर्गमित दोनों तरह के बॉन्ड शामिल हैं, जबकि सफल बोलियों का भुगतान 15 जुलाई 2026 को किया जाएगा।

हाइलाइट्स

  • आंध्र प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, मेघालय, मिजोरम, पंजाब, राजस्थान, तमिलनाडु और तेलंगाना 24,800 करोड़ रुपये की राज्य ऋण प्रतिभूति नीलामी में भाग लेंगे।
  • नीलामी 14 जुलाई 2026 को RBI की E-Kuber प्रणाली पर आयोजित होगी, जिसमें महाराष्ट्र सबसे बड़ा उधारकर्ता है और विभिन्न राज्यों द्वारा बहु-खंड व यील्ड आधारित निर्गम जारी होंगे।
  • प्रतिभूतियों की 10% राशि गैर-प्रतिस्पर्धी बोली हेतु आरक्षित रहेगी, जो बैंकों के SLR और ready forward सुविधा के लिए भी योग्य होंगी, ब्याज दरें नीलामी द्वारा निर्धारित होंगी।

नीलामी का आकार और समयसीमा

जैसा कि Reserve Bank of India की प्रेस विज्ञप्ति के हवाले से बताया गया है, आंध्र प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, मेघालय, मिजोरम, पंजाब, राजस्थान, तमिलनाडु और तेलंगाना इस नीलामी में भाग ले रहे हैं। कुल 24,800 करोड़ रुपये के इस उधार कार्यक्रम में अलग-अलग अवधि के प्रतिभूतियां शामिल हैं, जिनमें कुछ नई यील्ड आधारित पेशकशें हैं और कुछ पहले जारी राज्य सरकारी प्रतिभूतियों के पुनर्निर्गम हैं।

नीलामी 14 जुलाई 2026, मंगलवार को RBI की Core Banking Solution, E-Kuber प्रणाली पर आयोजित होगी। प्रतिस्पर्धी बोलियां सुबह 10:30 बजे से 11:30 बजे तक और गैर-प्रतिस्पर्धी बोलियां सुबह 10:30 बजे से 11:00 बजे तक इलेक्ट्रॉनिक प्रारूप में जमा होंगी।

महाराष्ट्र इस निर्गम में सबसे बड़ा उधारकर्ता है और उसने कई पुनर्निर्गमों के जरिए राशि जुटाने की पेशकश की है। आंध्र प्रदेश, पंजाब, राजस्थान, तमिलनाडु और तेलंगाना भी बहु-खंड निर्गम ला रहे हैं, जबकि गुजरात, मेघालय और मिजोरम यील्ड आधारित प्रतिभूतियां पेश कर रहे हैं।

निवेशक भागीदारी और बाजार पर असर

प्रत्येक प्रतिभूति की अधिसूचित राशि का 10 प्रतिशत तक हिस्सा पात्र व्यक्तियों और संस्थानों को गैर-प्रतिस्पर्धी बोली सुविधा के तहत आवंटित किया जाएगा, हालांकि एकल बोली के लिए सीमा संबंधित प्रतिभूति की अधिसूचित राशि के 1 प्रतिशत तक रहेगी। खुदरा निवेशक RBI Retail Direct पोर्टल के माध्यम से भी गैर-प्रतिस्पर्धी श्रेणी में बोली लगा सकते हैं।

RBI अधिकतम स्वीकार्य यील्ड या न्यूनतम स्वीकार्य मूल्य तय करेगा, और प्रतिभूतियां न्यूनतम 10,000 रुपये के नाममात्र मूल्य तथा उसके बाद 10,000 रुपये के गुणकों में जारी होंगी। नीलामी के नतीजे 14 जुलाई 2026 को घोषित होंगे और सफल बोलीदाताओं को बैंकिंग समय के दौरान 15 जुलाई 2026 को भुगतान करना होगा।

नई राज्य सरकारी प्रतिभूतियों पर ब्याज दरें नीलामी में तय होंगी और उनका ब्याज हर वर्ष 15 जनवरी और 15 जुलाई को अर्धवार्षिक आधार पर देय होगा। ये प्रतिभूतियां बैंकों के लिए वैधानिक तरलता अनुपात, SLR, के तहत पात्र सरकारी निवेश मानी जाएंगी और ready forward सुविधा के लिए भी योग्य होंगी, जिससे राज्य उधारी बाजार में उनकी उपयोगिता बनी रहती है।

हमारी पिछली रिपोर्ट में FY27 की पहली तिमाही में भारतीय कंपनियों की आय के अनुमान, मार्जिन पर बढ़ती इनपुट लागत और पश्चिम एशिया के तनाव से बने दबाव का आकलन किया गया था। इसमें बताया गया था कि समग्र आय वृद्धि अनुमानित रहने के बावजूद तेल-गैस, आईटी और FMCG जैसे क्षेत्रों में लाभप्रदता और मांग के जोखिम अलग-अलग दिशा में जा सकते हैं, जबकि कमोडिटी/एनर्जी से जुड़े क्षेत्रों को सप्लाई शॉक का सहारा मिल सकता है।

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