RBI 24,000 करोड़ रुपये के ट्रेजरी बिलों की नीलामी 15 जुलाई को करेगा
भारत सरकार की अल्पकालिक उधारी के तहत 91-दिवसीय, 182-दिवसीय और 364-दिवसीय ट्रेजरी बिलों की अगली नीलामी 15 जुलाई 2026 को निर्धारित है। इस पेशकश के तहत कुल 24,000 करोड़ रुपये जुटाए जाने हैं और सफल बोलियों का निपटान 16 जुलाई 2026 को होगा।
हाइलाइट्स
- RBI 15 जुलाई को 91-दिवसीय के लिए 9,000 करोड़ रुपये, 182-दिवसीय के लिए 8,000 करोड़ रुपये और 364-दिवसीय ट्रेजरी बिल के लिए 7,000 करोड़ रुपये की नीलामी करेगा।
- प्रतिस्पर्धी बोलियां सुबह 10:30 से 11:30 बजे और गैर-प्रतिस्पर्धी बोलियां 10:30 से 11:00 बजे तक E-Kuber system पर जमा होंगी; नतीजे उसी दिन घोषित होंगे।
- खुदरा निवेशक गैर-प्रतिस्पर्धी श्रेणी में अधिकतम 5 प्रतिशत अधिसूचित राशि तक Retail Direct पोर्टल के माध्यम से बोलियां जमा कर सकते हैं।
नीलामी का आकार और भागीदारी नियम
जैसा कि भारतीय रिजर्व बैंक की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार बताया गया है, 91-दिवसीय ट्रेजरी बिल के लिए 9,000 करोड़ रुपये, 182-दिवसीय ट्रेजरी बिल के लिए 8,000 करोड़ रुपये और 364-दिवसीय ट्रेजरी बिल के लिए 7,000 करोड़ रुपये की अधिसूचित राशि तय की गई है। यह बिक्री भारत सरकार की सामान्य अधिसूचना F.No.4(2)-B(W&M)/2018 दिनांक 26 मार्च 2025 की शर्तों के अधीन रहेगी, जिसमें समय-समय पर संशोधन लागू होते हैं।राज्य सरकारें, विधानमंडल वाले केंद्रशासित प्रदेश, भारत में पात्र भविष्य निधि, नामित विदेशी केंद्रीय बैंक और RBI द्वारा निर्दिष्ट अन्य व्यक्ति या संस्थान गैर-प्रतिस्पर्धी आधार पर भाग ले सकते हैं। खुदरा निवेशक के रूप में व्यक्ति भी गैर-प्रतिस्पर्धी श्रेणी में भाग ले सकते हैं, लेकिन उनके लिए आवंटन अधिसूचित राशि के अधिकतम 5 प्रतिशत तक सीमित रहेगा।
व्यक्तिगत निवेशक Retail Direct पोर्टल के माध्यम से भी गैर-प्रतिस्पर्धी योजना के तहत बोलियां जमा कर सकते हैं। नीलामी मूल्य-आधारित होगी और इसमें मल्टीपल प्राइस पद्धति अपनाई जाएगी।
जमा प्रक्रिया और परिचालन व्यवस्था
प्रतिस्पर्धी और गैर-प्रतिस्पर्धी बोलियां 15 जुलाई 2026, बुधवार को RBI के Core Banking Solution, E-Kuber system पर इलेक्ट्रॉनिक प्रारूप में जमा की जानी हैं। प्रतिस्पर्धी बोलियों के लिए समय सुबह 10:30 बजे से 11:30 बजे तक और गैर-प्रतिस्पर्धी बोलियों के लिए सुबह 10:30 बजे से 11:00 बजे तक निर्धारित है।नीलामी के नतीजे उसी दिन घोषित किए जाएंगे और सफल बोलीदाताओं को भुगतान 16 जुलाई 2026, गुरुवार को करना होगा। केवल प्रणाली विफल होने की स्थिति में ही भौतिक बोलियां स्वीकार की जाएंगी, जिन्हें निर्धारित प्रपत्र में नीलामी समय समाप्त होने से पहले Public Debt Office को जमा करना होगा।
RBI ने तकनीकी कठिनाइयों के लिए Core Banking Operations Team और अन्य नीलामी संबंधी दिक्कतों के लिए IDMD auction team से संपर्क का प्रावधान भी दिया है। यह व्यवस्था सरकारी प्रतिभूति बाजार में अल्पकालिक उधारी कार्यक्रम के सुचारु निष्पादन और खुदरा भागीदारी के लिए परिचालन स्पष्टता प्रदान करती है।
हमारी पिछली रिपोर्ट में FY27 की पहली तिमाही के लिए बड़ी भारतीय कंपनियों की आय के अनुमान और मार्जिन पर दबाव के प्रमुख कारकों—असमान मांग, बढ़ती इनपुट लागत और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं—पर चर्चा की गई थी। इसमें तेल-गैस, IT, कमोडिटी और FMCG जैसे क्षेत्रों में संभावित लाभ-हानि का आकलन भी शामिल था, साथ ही रुपये की कमजोरी और कच्चे तेल की कीमतों के उतार-चढ़ाव को अहम जोखिम के रूप में रेखांकित किया गया था।
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