RBI की मनी मार्केट परिचालन रिपोर्ट में 9 जुलाई को शुद्ध तरलता अवशोषण दिखा

RBI की मनी मार्केट परिचालन रिपोर्ट में 9 जुलाई को शुद्ध तरलता अवशोषण दिखा
RBI की तरलता रिपोर्ट

भारतीय मुद्रा बाजार में 9 जुलाई 2026 को ओवरनाइट खंड का कुल वॉल्यूम 6,90,802.32 करोड़ रुपये दर्ज होता है और भारित औसत दर 5.28 प्रतिशत रहती है। इसी दिन RBI की तरलता खिड़की के जरिये शुद्ध तरलता अवशोषण 1,20,978.00 करोड़ रुपये पर पहुंचता है, जो अल्पकालिक फंडिंग परिस्थितियों का संकेत देता है।

हाइलाइट्स

  • 9 जुलाई को ओवरनाइट बाजार का कुल वॉल्यूम 6,90,802.32 करोड़ रुपये रहा, जिसमें ट्राइपार्टी रेपो का हिस्सा 4,80,842.85 करोड़ रुपये रहा।
  • दिन के परिचालन से शुद्ध तरलता अवशोषण 1,20,978.00 करोड़ रुपये रहा और कुल शुद्ध तरलता इंजेक्शन ऋणात्मक 1,10,894.18 करोड़ रुपये पर रहा।
  • 9 जुलाई 2026 को बैंकों के पास RBI में नकद शेष 7,87,542.58 करोड़ रुपये और औसत दैनिक सीआरआर आवश्यकता 7,98,115.00 करोड़ रुपये रही।

9 जुलाई के बाजार और RBI परिचालन

RBI की प्रेस विज्ञप्ति 2026-2027/639 के अनुसार, कॉल मनी, ट्राइपार्टी रेपो, मार्केट रेपो और कॉरपोरेट बॉन्ड रेपो को मिलाकर ओवरनाइट खंड का कुल वॉल्यूम 6,90,802.32 करोड़ रुपये रहता है। इसमें ट्राइपार्टी रेपो 4,80,842.85 करोड़ रुपये के साथ सबसे बड़ा हिस्सा रखता है, जबकि कॉल मनी 24,893.22 करोड़ रुपये और मार्केट रेपो 1,78,345.95 करोड़ रुपये दर्ज करते हैं।

ओवरनाइट खंड में कॉल मनी की भारित औसत दर 5.34 प्रतिशत, ट्राइपार्टी रेपो 5.27 प्रतिशत, मार्केट रेपो 5.30 प्रतिशत और कॉरपोरेट बॉन्ड रेपो 5.38 प्रतिशत रहती है। पूरे ओवरनाइट खंड की दर सीमा 4.10 प्रतिशत से 5.70 प्रतिशत के बीच रहती है।

अवधि खंड में नोटिस मनी 89.00 करोड़ रुपये, टर्म मनी 661.00 करोड़ रुपये, ट्राइपार्टी रेपो 3,195.00 करोड़ रुपये और मार्केट रेपो 473.31 करोड़ रुपये दर्ज होते हैं। कॉरपोरेट बॉन्ड में टर्म रेपो लेनदेन शून्य रहता है।

तरलता स्थिति और आरक्षित नकदी संकेतक

RBI की आज की परिवर्तनीय दर रेपो परिचालन में 46,729.00 करोड़ रुपये डाले जाते हैं, जबकि स्टैंडिंग डिपॉजिट फैसिलिटी के तहत 1,67,785.00 करोड़ रुपये अवशोषित किए जाते हैं। मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी के तहत 78.00 करोड़ रुपये दर्ज होने से दिन के परिचालन से शुद्ध तरलता अवशोषण 1,20,978.00 करोड़ रुपये रहता है।

स्टैंडिंग लिक्विडिटी फैसिलिटी के तहत RBI से 10,083.82 करोड़ रुपये का उपयोग दिखता है। बकाया परिचालनों सहित कुल शुद्ध तरलता इंजेक्शन ऋणात्मक 1,10,894.18 करोड़ रुपये पर रहता है, जो प्रणाली में अधिशेष तरलता के अवशोषण को दर्शाता है।

अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों की RBI के पास 9 जुलाई 2026 की नकद शेष राशि 7,87,542.58 करोड़ रुपये रहती है, जबकि 15 जुलाई 2026 को समाप्त पखवाड़े के लिए औसत दैनिक नकद आरक्षित आवश्यकता 7,98,115.00 करोड़ रुपये है। भारत सरकार की नीलामी के लिए गणना की गई अधिशेष नकद शेष राशि 46,729.00 करोड़ रुपये और 15 जून 2026 तक शुद्ध टिकाऊ तरलता अधिशेष 4,82,130.00 करोड़ रुपये दर्ज होता है।

हमारी पिछली रिपोर्ट में FY27 की पहली तिमाही में भारतीय कंपनियों की आय के अनुमान और मार्जिन पर दबाव के प्रमुख कारकों—असमान मांग, इनपुट लागत, कच्चे तेल की चाल और भू-राजनीतिक अनिश्चितता—पर चर्चा की गई थी। इसमें बताया गया था कि Nifty/Sensex कंपनियों के मुनाफे में समग्र वृद्धि का अनुमान है, लेकिन तेल-गैस, IT और FMCG जैसे क्षेत्रों में लागत, रुपये की कमजोरी और फॉरेक्स नुकसान जैसे जोखिमों के कारण प्रदर्शन असमान रह सकता है।

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