RBI ने 10 जुलाई की सरकारी प्रतिभूति अंडरराइटिंग नीलामी के कट-ऑफ कमीशन तय किए

RBI ने 10 जुलाई की सरकारी प्रतिभूति अंडरराइटिंग नीलामी के कट-ऑफ कमीशन तय किए
RBI ने तय की कमीशन दरें

भारतीय सरकारी प्रतिभूतियों की 10 जुलाई 2026 की अतिरिक्त प्रतिस्पर्धी अंडरराइटिंग नीलामी में Primary Dealers के लिए कमीशन दरें तय हो गई हैं। यह प्रक्रिया 6.36% GS 2031 और 7.71% GS 2066 प्रतिभूतियों के लिए लागू है, जिनकी बिक्री नीलामी भी 10 जुलाई 2026 को होनी है।

हाइलाइट्स

  • RBI ने 6.36% GS 2031 के लिए 21,000 करोड़ रुपये की कुल अंडरराइटिंग राशि पर 100 रुपये पर 0.27 पैसे का ACU कट-ऑफ कमीशन तय किया।
  • 7.71% GS 2066 के लिए अधिसूचित 11,000 करोड़ रुपये पर 100 रुपये पर 0.66 पैसे का ACU कट-ऑफ कमीशन निर्धारित हुआ।
  • 10 जुलाई 2026 को होने वाली नीलामी से केंद्र सरकार की प्रतिभूतियों के लिए निर्गम-पूर्व अंडरराइटिंग व्यवस्था पूरी और मूल्य संकेत स्पष्ट हुए।

अंडरराइटिंग नीलामी के दर और दायरा

RBI की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 10 जुलाई 2026 को आयोजित अतिरिक्त प्रतिस्पर्धी अंडरराइटिंग नीलामी में Reserve Bank of India ने Primary Dealers को देय अंडरराइटिंग कमीशन के कट-ऑफ रेट निर्धारित किए हैं। यह नीलामी निर्दिष्ट सरकारी प्रतिभूतियों के लिए Additional Competitive Underwriting, ACU, के तहत हुई है।

6.36% GS 2031 के लिए अधिसूचित राशि 21,000 करोड़ रुपये रही, न्यूनतम अंडरराइटिंग प्रतिबद्धता 10,500 करोड़ रुपये थी और अतिरिक्त प्रतिस्पर्धी अंडरराइटिंग में 10,500 करोड़ रुपये स्वीकार किए गए। इस प्रतिभूति के लिए कुल अंडरराइटिंग 21,000 करोड़ रुपये रही और ACU कमीशन का कट-ऑफ रेट 100 रुपये पर 0.27 पैसे तय किया गया।

7.71% GS 2066 के लिए अधिसूचित राशि 11,000 करोड़ रुपये रही, न्यूनतम अंडरराइटिंग प्रतिबद्धता 5,502 करोड़ रुपये थी और अतिरिक्त प्रतिस्पर्धी अंडरराइटिंग में 5,498 करोड़ रुपये स्वीकार किए गए। इस प्रतिभूति के लिए कुल अंडरराइटिंग 11,000 करोड़ रुपये रही और ACU कमीशन का कट-ऑफ रेट 100 रुपये पर 0.66 पैसे तय किया गया।

सरकारी उधारी कार्यक्रम पर असर

यह अंडरराइटिंग व्यवस्था सरकारी प्रतिभूति बिक्री से पहले मांग और जोखिम वहन की रूपरेखा स्पष्ट करती है, जिससे प्राथमिक डीलरों की भागीदारी के लिए मूल्य संकेत मिलता है। अलग-अलग परिपक्वता वाली प्रतिभूतियों पर अलग कट-ऑफ दरें बाजार की जोखिम धारणा और अवधि-आधारित मूल्यांकन को भी दिखाती हैं।

RBI ने कहा है कि इन प्रतिभूतियों की बिक्री नीलामी 10 जुलाई 2026 को आयोजित होनी है। इससे केंद्र सरकार के बाजार उधारी कार्यक्रम के तहत जारी होने वाली प्रतिभूतियों के लिए निर्गम-पूर्व व्यवस्था पूरी हो जाती है।

हमारी पिछली रिपोर्ट में Goldman Sachs (GS) के शेयर में हालिया तेजी और Q2 आय रिपोर्ट से पहले निवेशकों की बढ़ती पोजिशनिंग पर चर्चा की गई थी, जहां लाभप्रदता, पूंजी आवंटन और गाइडेंस मुख्य फोकस थे। लेख में तकनीकी संकेतकों के आधार पर $1,024–$1,080 की रेंज में समेकन, $1,032 के आसपास सपोर्ट और ब्रेकआउट/डाउनसाइड के संभावित परिदृश्यों को रेखांकित किया गया था।

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