ट्वीट लेखक द्वारा हटा दिया गया था.
लेकिन हमने सब कुछ सहेज लिया 🙂.
Rajeev Mantri ने ट्विटर पर 'लिस्टेड स्टार्टअप' शब्द के अर्थ को लेकर चर्चा छेड़ी है। उन्होंने सवाल उठाया है कि क्या किसी उद्योग या क्षेत्र में प्रमुखता हासिल कर चुकी कंपनियों को अभी भी 'स्टार्टअप' कहा जाना चाहिए। उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय स्टार्टअप सेक्टर में ऐसे कई उदाहरण हैं जहां इनोवेटिव डिजिटल कंपनियां, लिस्टिंग के बाद भी, स्वयं को स्टार्टअप के रूप में प्रस्तुत करती हैं। यह चर्चा खास तौर पर भारतीय शेयर बाजार में तेजी से विकास कर रही टेक्नोलॉजी और फिनटेक कंपनियों के संदर्भ में महत्वपूर्ण हो जाती है। बाजार विश्लेषक मानते हैं कि स्टार्टअप की परिभाषा स्पष्ट करना निवेशकों और नियामकों दोनों के लिए जरूरी है।
Mantri has previously commented on sector opportunities, including India's push to become an electric vehicle manufacturing hub. He has also observed growth in India's printed circuit board export industry. These statements reflect his ongoing engagement with trends across emerging Indian industries.