Ashutosh Sureka

RBI ने 18 NBFC के पंजीकरण प्रमाणपत्र रद्द किए

RBI ने 18 NBFC के पंजीकरण प्रमाणपत्र रद्द किए
RBI रद्द करता है 18 NBFC

भारतीय गैर-बैंकिंग वित्तीय क्षेत्र में नियामकीय सफाई के तहत 18 कंपनियां अपना पंजीकरण प्रमाणपत्र Reserve Bank of India को वापस करती हैं, जिसके बाद केंद्रीय बैंक उनके CoR रद्द करता है। यह कार्रवाई जून 2026 में अलग-अलग तिथियों पर लागू होती है और इसमें कारोबार से बाहर निकलने, अनरजिस्टर्ड CIC मानदंड पूरे करने तथा विलय, विघटन या स्ट्राइक-ऑफ जैसे कारण शामिल हैं।

हाइलाइट्स

  • Reserve Bank of India ने 18 NBFCs के पंजीकरण प्रमाणपत्र 10 जून 2026 से 22 जून 2026 के बीच रद्द किए।
  • रद्दीकरण की वजह कंपनियों द्वारा CoR स्वेच्छा से सरेंडर करना, एनबीएफसी गतिविधियों से बाहर निकलना, और कानूनी रूपांतरण (विलय, विघटन, अमलगमेशन) रही।
  • प्रमुख वित्तीय केंद्रों जैसे कोलकाता, मुंबई, बेंगलुरु और दिल्ली में पंजीकृत कई संस्थाओं को कवर करते हुए, यह कदम NBFC नियामकीय रिकॉर्ड को अद्यतन करता है।

जून 2026 की रद्दीकरण कार्रवाई

Reserve Bank of India की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, केंद्रीय बैंक Reserve Bank of India Act, 1934 की धारा 45-IA(6) के तहत इन 18 Non-Banking Financial Companies के Certificate of Registration रद्द करता है। सूची में शामिल संस्थाओं ने पहले अपना CoR सरेंडर किया था, जिसके बाद RBI ने औपचारिक रद्दीकरण आदेश जारी किया।

कारोबार से Non-Banking Financial Institution गतिविधियों से बाहर निकलने के कारण छह कंपनियों के CoR रद्द होते हैं, जिनमें Sahu Jain Limited, Mars Viniyog Pvt. Ltd., Cyrus Engineers Private Limited, Sarthak Trades Pvt. Ltd., Combine Holding Limited और Sidhbinayak Tracon Pvt. Ltd. शामिल हैं। इन रद्दीकरणों की तिथियां 10 जून 2026 से 22 जून 2026 के बीच हैं।

एक अलग श्रेणी में Shell Business Pvt. Ltd. का CoR 17 जून 2026 से रद्द होता है, क्योंकि कंपनी ऐसे unregistered Core Investment Company मानदंड पूरे करती है जिनके लिए पंजीकरण जरूरी नहीं है। इसके अलावा 11 कंपनियों के CoR इसलिए रद्द होते हैं क्योंकि वे विलय, अमलगमेशन, विघटन, स्वैच्छिक स्ट्राइक-ऑफ या अन्य कारणों से कानूनी इकाई नहीं रहतीं। इस समूह में Laser Financial And Project Consultants Private Limited, Chatha Financial Services Private Limited, Ashika Global Securities Private Limited, Castle Consultants Private Limited, Sethia Chemicals Private Limited, Placid Limited, Kashmira Investment And Leasing Private Limited, Wadia Investments Limited, Bikanna Commercial Co Private Limited, Park View Properties Pvt Ltd और PCI Marketing Pvt Ltd शामिल हैं।

क्षेत्रीय और नियामकीय असर

यह रद्दीकरण कई राज्यों में फैली कंपनियों को कवर करता है, जिनमें दिल्ली, कर्नाटक, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और पंजाब प्रमुख हैं। सूची से यह भी स्पष्ट होता है कि कोलकाता, मुंबई, बेंगलुरु और दिल्ली जैसे वित्तीय केंद्रों में पंजीकृत कई संस्थाएं इस कार्रवाई के दायरे में आती हैं।

NBFC क्षेत्र के लिए यह कदम संकेत देता है कि RBI निष्क्रिय, पुनर्गठित या पात्रता बदल चुकी संस्थाओं के लाइसेंस रिकॉर्ड को अद्यतन रखता है। इससे नियामकीय रजिस्टर अधिक साफ होता है और बाजार सहभागियों को यह स्पष्टता मिलती है कि कौन-सी संस्थाएं अब NBFC ढांचे के तहत पंजीकृत नहीं हैं।

हमारी पिछली रिपोर्ट में NSE Indices Limited द्वारा J.B. Chemicals & Pharmaceuticals Ltd. के Torrent Pharmaceuticals Ltd. में विलय के बाद कई निफ्टी सूचकांकों में किए गए बदलावों पर चर्चा की गई थी। इसमें बताया गया था कि 17 जुलाई 2026 से प्रभावी ये पुनर्संतुलन इंडेक्स फंड, ETF और डेरिवेटिव उत्पादों को ट्रैक करने वाले निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि सूचकांकों में समावेशन/बहिष्करण से पोर्टफोलियो वेटेज और ट्रैकिंग रणनीतियों पर असर पड़ता है।

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