भारत सरकार 28,000 करोड़ रुपये की दिनांकित प्रतिभूतियों की नीलामी करेगी

भारत सरकार 28,000 करोड़ रुपये की दिनांकित प्रतिभूतियों की नीलामी करेगी
28,000 करोड़ की नीलामी

भारत सरकार 24 जुलाई 2026 को 28,000 करोड़ रुपये की दो दिनांकित प्रतिभूतियों की बिक्री, जारीकरण या पुनर्जारीकरण के लिए नीलामी करेगी। इस पेशकश में नई GS 2041 और 7.43% GS 2076 शामिल हैं, जबकि सरकार प्रत्येक प्रतिभूति पर 2,000 करोड़ रुपये तक अतिरिक्त सदस्यता बनाए रखने का विकल्प भी रखती है.

हाइलाइट्स

  • RBI 28,000 करोड़ रुपये की दिनांकित प्रतिभूतियों की नीलामी 24 जुलाई 2026 को करेगा, जिसमें GS 2041 के लिए 17,000 करोड़ रुपये और 7.43% GS 2076 के लिए 11,000 करोड़ रुपये शामिल हैं।
  • नई प्रतिभूति की नीलामी प्रतिफल-आधारित और पुनर्जारी प्रतिफल मूल्य-आधारित होगी, न्यूनतम बोली आकार 10,000 रुपये नाममात्र का निर्धारित किया गया है।
  • प्रत्येक प्रतिभूति का 5% गैर-प्रतिस्पर्धी बोली सुविधा के तहत पात्र व्यक्तियों/संस्थानों को आवंटन, और खुदरा निवेशक Retail Direct पोर्टल से भागीदारी कर सकेंगे।

नीलामी की संरचना और समयसीमा

भारतीय रिजर्व बैंक के अनुसार, इन प्रतिभूतियों की बिक्री उसके मुंबई कार्यालय के माध्यम से होगी और यह संबंधित विशिष्ट अधिसूचना तथा 26 मार्च 2025 की सामान्य अधिसूचना की शर्तों के अधीन रहेगी। नई GS 2041 के लिए अधिसूचित राशि 17,000 करोड़ रुपये है और इसकी परिपक्वता 27 जुलाई 2041 को है, जबकि 7.43% GS 2076 के लिए 11,000 करोड़ रुपये अधिसूचित हैं और इसकी परिपक्वता 19 जनवरी 2076 को है.

नीलामी बहु-मूल्य पद्धति से होगी। प्रतिस्पर्धी और गैर-प्रतिस्पर्धी दोनों बोलियां 24 जुलाई 2026 को RBI के e-Kuber सिस्टम पर इलेक्ट्रॉनिक प्रारूप में जमा करनी होंगी, गैर-प्रतिस्पर्धी बोलियों का समय सुबह 10:30 बजे से 11:00 बजे तक और प्रतिस्पर्धी बोलियों का समय सुबह 10:30 बजे से 11:30 बजे तक रहेगा.

उसी दिन नतीजे घोषित किए जाएंगे और सफल बोलीदाताओं को 27 जुलाई 2026 को भुगतान करना होगा। अतिरिक्त प्रतिस्पर्धी अंडरराइटिंग हिस्से के लिए प्राइमरी डीलर्स 24 जुलाई 2026 को सुबह 09:00 बजे से 09:30 बजे तक बोलियां दे सकेंगे, जबकि इन प्रतिभूतियों में 21 जुलाई 2026 से 24 जुलाई 2026 तक 'व्हेन इश्यूड' ट्रेडिंग की पात्रता रहेगी.

बाजार भागीदारी और निवेशकों पर असर

नई प्रतिभूति के लिए नीलामी प्रतिफल-आधारित होगी, जबकि पुनर्जारी प्रतिभूति के लिए यह मूल्य-आधारित रहेगी। न्यूनतम बोली आकार 10,000 रुपये नाममात्र का तय किया गया है और इसके बाद 10,000 रुपये के गुणकों में निवेश किया जा सकेगा.

प्रत्येक व्यक्तिगत प्रतिभूति की अधिसूचित बिक्री राशि का 5% तक हिस्सा गैर-प्रतिस्पर्धी बोली सुविधा के तहत पात्र व्यक्तियों और संस्थानों को आवंटित किया जाएगा। खुदरा निवेशक Retail Direct पोर्टल के माध्यम से भी गैर-प्रतिस्पर्धी श्रेणी में भाग ले सकते हैं, जबकि बैंक और प्राइमरी डीलर अपने ग्राहकों की ओर से समेकित बोलियां जमा करेंगे.

RBI ने कहा है कि सामान्य स्थिति में केवल इलेक्ट्रॉनिक बोलियां स्वीकार की जाएंगी और भौतिक बोलियां केवल प्रणाली विफल होने की असाधारण स्थिति में मान्य होंगी। ये प्रतिभूतियां रेपो लेनदेन, 'व्हेन इश्यूड' ट्रेडिंग और लागू दिशानिर्देशों के तहत गैर-निवासियों के निवेश के लिए भी पात्र रहेंगी, जिससे सरकारी प्रतिभूति बाजार में व्यापक भागीदारी की गुंजाइश बनी रहती है.

हमारी पिछली रिपोर्ट में सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) 2020-21 Series X और SGB 2021-22 Series IV के जुलाई 2026 में होने वाले रिडेम्प्शन के लिए तय मूल्य और उनकी गणना का आधार बताया गया था। इसमें समझाया गया था कि रिडेम्प्शन मूल्य 999 शुद्धता वाले सोने के प्रति ग्राम IBJA के बंद भाव के साधारण औसत पर आधारित होता है, जिससे निवेशकों को परिपक्वता से पहले नकदी प्रवाह और निपटान को लेकर अधिक स्पष्टता मिलती है।

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