RBI की स्वैप सुविधा के तहत विदेशी मुद्रा प्रवाह 20.7 अरब U.S. डॉलर तक पहुंचा

RBI की स्वैप सुविधा के तहत विदेशी मुद्रा प्रवाह 20.7 अरब U.S. डॉलर तक पहुंचा
RBI स्वैप से 20.7 अरब डॉलर

भारत के भुगतान संतुलन को मजबूत करने और पूंजी प्रवाह को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई RBI की रियायती स्वैप सुविधा जून 2026 से लगातार विदेशी मुद्रा आकर्षित कर रही है। 17 जुलाई 2026 तक इस व्यवस्था के तहत FCNR(B) जमा, OFCB और ECB से कुल 20,718 मिलियन U.S. डॉलर जुटाए गए हैं।

हाइलाइट्स

  • RBI की स्वैप सुविधा के तहत 17 जुलाई 2026 तक कुल 20,718 मिलियन U.S. डॉलर का विदेशी मुद्रा प्रवाह दर्ज हुआ।
  • FCNR(B) जमाओं के जरिए 17,406 मिलियन U.S. डॉलर, OFCBs से 1,970 मिलियन U.S. डॉलर और ECBs से 1,342 मिलियन U.S. डॉलर जुटाए गए।
  • 8 जून 2026 से लागू रियायती स्वैप सुविधा ने उदार पूंजी प्रवाह और बैंकिंग क्षेत्र के लिए विदेशी मुद्रा संसाधनों में वृद्धि सुनिश्चित की।

स्वैप सुविधा के दायरे और जुटान की स्थिति

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, केंद्रीय बैंक ने 5 जून 2026 को ताजा FCNR(B) जमा, Overseas Foreign Currency Borrowings और External Commercial Borrowings के लिए रियायती स्वैप सुविधा सहित कई कदमों की घोषणा की थी। यह सुविधा 8 जून 2026 से लागू है, और FCNR(B) जमाओं के लिए 30 सितंबर 2026 तक तथा OFCB और ECB के लिए 31 दिसंबर 2026 तक उपलब्ध है।

अधिकृत डीलर बैंकों से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर 17 जुलाई 2026 तक FCNR(B) जमाओं से 17,406 मिलियन U.S. डॉलर, OFCBs से 1,970 मिलियन U.S. डॉलर और ECBs से 1,342 मिलियन U.S. डॉलर का प्रवाह दर्ज हुआ है। इन तीनों श्रेणियों को मिलाकर कुल विदेशी मुद्रा प्रवाह 20,718 मिलियन U.S. डॉलर है।

पूंजी प्रवाह और बैंकिंग क्षेत्र पर असर

केंद्रीय बैंक का कहना है कि 8 जून 2026 से यह स्वैप सुविधा मजबूत रुचि देख रही है और इसके जरिये विदेशी मुद्रा का स्थिर प्रवाह आ रहा है। इससे भारत के बाह्य क्षेत्र को सहारा मिलने के साथ बैंकों और उधारकर्ताओं को विदेशी मुद्रा संसाधन जुटाने के लिए अतिरिक्त प्रोत्साहन मिल रहा है।

जुटान में FCNR(B) जमाओं का सबसे बड़ा हिस्सा यह दिखाता है कि बैंकिंग चैनल के माध्यम से अनिवासी जमा इस योजना के प्रमुख चालक बने हुए हैं। वहीं OFCB और ECB प्रवाह यह संकेत देते हैं कि कॉरपोरेट और अन्य पात्र उधारकर्ता भी रियायती स्वैप व्यवस्था का उपयोग कर रहे हैं।

हमारी पिछली रिपोर्ट में जुलाई 2026 में परिपक्व होने वाली SGB 2020-21 Series X और SGB 2021-22 Series IV के लिए RBI द्वारा पहले से तय किए गए रिडेम्प्शन मूल्य पर चर्चा की गई थी। इसमें बताया गया था कि यह मूल्य 999 शुद्धता वाले सोने के प्रति ग्राम IBJA के बंद भाव के साधारण औसत के आधार पर निर्धारित होता है, जिससे निवेशकों को मैच्योरिटी पर नकदी प्रवाह की स्पष्टता और बाजार पारदर्शिता बढ़ती है।

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