भारत सरकार 2036 परिपक्वता बॉन्ड की ₹34,000 करोड़ पुनर्निर्गम नीलामी लाती है
भारत सरकार 6.94% GS 2036 प्रतिभूति की ₹34,000 करोड़ की पुनर्निर्गम नीलामी 31 जुलाई 2026 को कराने जा रही है। इस इश्यू में ₹2,000 करोड़ तक अतिरिक्त सदस्यता बनाए रखने का विकल्प भी है, जबकि निपटान 3 अगस्त 2026 को होना है।
हाइलाइट्स
- सरकार ने 6.94% GS 2036 बॉन्ड का ₹34,000 करोड़ पुनर्निर्गम 31 जुलाई 2026 को RBI के e-Kuber सिस्टम पर नीलामी हेतु घोषित किया।
- बॉन्ड की When Issued ट्रेडिंग 28 जुलाई 2026 से 31 जुलाई 2026 के बीच रहेगी, और ₹2,000 करोड़ तक अतिरिक्त सदस्यता की अनुमति है।
- न्यूनतम निवेश ₹10,000 रखा गया है, 5% हिस्सा गैर-प्रतिस्पर्धी बोली के लिए आरक्षित है और निवेशकर्ता SGL/CSGL खातों या Retail Direct पोर्टल से भाग ले सकते हैं।
नीलामी की शर्तें और समय-सारिणी
RBI की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, यह पुनर्निर्गम 6.94% GS 2036 प्रतिभूति के लिए है, जिसकी परिपक्वता 11 मई 2036 को है। नीलामी भारतीय रिजर्व बैंक के मुंबई कार्यालय के माध्यम से बहु-मूल्य पद्धति से आयोजित होगी।
प्रतिस्पर्धी और गैर-प्रतिस्पर्धी, दोनों तरह की बोलियां 31 जुलाई 2026 को RBI के e-Kuber system पर इलेक्ट्रॉनिक प्रारूप में जमा की जाएंगी। गैर-प्रतिस्पर्धी बोलियों का समय सुबह 10:30 बजे से 11:00 बजे तक और प्रतिस्पर्धी बोलियों का समय सुबह 10:30 बजे से 11:30 बजे तक तय है।
सफल बोलियों के नतीजे उसी दिन घोषित किए जाएंगे और सफल बोलीदाताओं को भुगतान 3 अगस्त 2026 को करना होगा। Primary Dealers अतिरिक्त प्रतिस्पर्धी अंडरराइटिंग हिस्से के लिए 31 जुलाई 2026 को सुबह 09:00 बजे से 09:30 बजे तक बोलियां जमा कर सकते हैं।
बाजार भागीदारी और निवेशक प्रभाव
यह प्रतिभूति 28 जुलाई 2026 से 31 जुलाई 2026 तक “When Issued” ट्रेडिंग के लिए पात्र रहती है, जिससे बाजार सहभागियों को औपचारिक आवंटन से पहले मूल्य संकेत मिलते हैं। सरकार ने इस इश्यू में ₹2,000 करोड़ तक अतिरिक्त सदस्यता बनाए रखने का विकल्प रखा है, जो मांग मजबूत रहने पर उधारी आकार बढ़ाने की गुंजाइश देता है।न्यूनतम बोली आकार ₹10,000 नाममात्र रखा गया है और उसके बाद ₹10,000 के गुणकों में निवेश किया जा सकता है। अधिसूचित राशि के 5% तक का हिस्सा पात्र व्यक्तियों और संस्थानों के लिए गैर-प्रतिस्पर्धी बोली सुविधा के तहत उपलब्ध है, जबकि खुदरा निवेशक Retail Direct portal के माध्यम से भी भाग ले सकते हैं।
सफल निवेशकों को प्रतिभूतियां SGL या CSGL खातों में जमा की जाएंगी। यह प्रतिभूति Repo लेनदेन और गैर-निवासियों के निवेश के लिए भी लागू दिशानिर्देशों के अधीन पात्र रहती है, जिससे सरकारी प्रतिभूति बाजार में इसकी व्यापक उपयोगिता बनी रहती है।
हमारी पिछली रिपोर्ट में निफ्टी फिक्स्ड इनकम सूचकांकों के 31 जुलाई 2026 से लागू होने वाले पुनर्संतुलन और G-Sec सूचकांकों में शामिल/बहिष्कृत की जा रही प्रतिभूतियों पर चर्चा की गई थी। इसमें बताया गया था कि इन बदलावों से सरकारी बॉन्ड के मिश्रण, अवधि प्रोफाइल और सूचकांक-ट्रैकिंग निवेशकों के पोर्टफोलियो पुनर्संतुलन पर असर पड़ सकता है।
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