राज्य सरकारें 24,400 करोड़ रुपये के प्रतिभूति नीलामी निर्गम लाती हैं

राज्य सरकारें 24,400 करोड़ रुपये के प्रतिभूति नीलामी निर्गम लाती हैं
24,400 करोड़ की नीलामी

भारत में राज्य सरकारों की उधारी गतिविधि के तहत 11 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश कुल 24,400 करोड़ रुपये के राज्य विकास ऋणों की नीलामी के जरिए बाजार से धन जुटाने जा रहे हैं। यह नीलामी 19 अक्टूबर 2026 को Reserve Bank of India के E-Kuber मंच पर होगी, जिसमें प्रतिस्पर्धी और गैर-प्रतिस्पर्धी दोनों तरह की बोलियां स्वीकार की जाएंगी।

हाइलाइट्स

  • आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश सहित 11 राज्यों ने कुल 24,400 करोड़ रुपये की सरकारी प्रतिभूतियों की नीलामी 19 अक्टूबर 2026 को रखी है।
  • प्रतिभूतियों में से प्रत्येक के 10% तक का हिस्सा पात्र संस्थानों और व्यक्तियों को गैर-प्रतिस्पर्धी बोली में आवंटित किया जाएगा, जबकि न्यूनतम बोली राशि 10,000 रुपये रखी गई है।
  • ये प्रतिभूतियां SLR पात्र मानी जाएंगी और रेडी फॉरवर्ड सुविधा के योग्य होंगी, जिससे बैंकों व संस्थागत निवेशकों की मांग का समर्थन संभावित है।

नीलामी का आकार और समय-सारिणी

Reserve Bank of India की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, आंध्र प्रदेश, गोवा, गुजरात, जम्मू और कश्मीर, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, मेघालय, पंजाब, राजस्थान, तेलंगाना और त्रिपुरा ने विभिन्न अवधियों वाले राज्य सरकारी प्रतिभूतियों की बिक्री की पेशकश की है। कुल निर्गम राशि 24,400 करोड़ रुपये है, जिसमें नई प्रतिभूतियों के साथ कई पुनर्निर्गम भी शामिल हैं।

सबसे बड़े उधारकर्ताओं में महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, राजस्थान और तेलंगाना शामिल हैं, जबकि कुछ राज्यों ने निश्चित परिपक्वता वाली पुनर्निर्गम प्रतिभूतियां और कुछ ने प्रतिफल आधारित निर्गम पेश किए हैं। नीलामी 19 अक्टूबर 2026, सोमवार को होगी और इसके नतीजे उसी दिन घोषित किए जाएंगे, जबकि सफल बोलीदाताओं को 21 अक्टूबर 2026, बुधवार को भुगतान करना होगा।

प्रतिस्पर्धी बोलियां सुबह 10:30 बजे से 11:30 बजे तक और गैर-प्रतिस्पर्धी बोलियां सुबह 10:30 बजे से 11:00 बजे तक E-Kuber प्रणाली पर जमा की जानी हैं। प्रणाली विफल होने की स्थिति में ही भौतिक बोलियां स्वीकार की जाएंगी, जिन्हें RBI की निर्धारित प्रक्रिया के तहत Public Debt Office में समय सीमा से पहले जमा करना होगा।

निवेशकों के लिए प्रावधान और बाजार प्रभाव

प्रत्येक प्रतिभूति की अधिसूचित राशि का 10 प्रतिशत तक हिस्सा पात्र व्यक्तियों और संस्थानों को गैर-प्रतिस्पर्धी बोली सुविधा के तहत आवंटित किया जाएगा। किसी एक प्रतिभूति में एकल बोली के लिए यह सीमा उसकी अधिसूचित राशि के 1 प्रतिशत तक रहेगी, जबकि खुदरा निवेशक Retail Direct पोर्टल के माध्यम से भी बोली लगा सकते हैं।

RBI अधिकतम स्वीकृत प्रतिफल या न्यूनतम स्वीकृत मूल्य तय करेगा, और प्रतिभूतियां न्यूनतम 10,000 रुपये के नाममात्र मूल्य तथा उसके बाद 10,000 रुपये के गुणकों में जारी होंगी। नई राज्य सरकारी प्रतिभूतियों पर ब्याज दरें नीलामी में तय होंगी, जबकि पुनर्निर्गम प्रतिभूतियों पर मूल निर्गम तिथि की निर्धारित दरें लागू रहेंगी।

इन निवेशों को बैंकों के लिए वैधानिक तरलता अनुपात, SLR, के तहत पात्र सरकारी प्रतिभूति निवेश माना जाएगा और ये रेडी फॉरवर्ड सुविधा के लिए भी योग्य होंगी। इससे राज्य उधारी कार्यक्रम को संस्थागत मांग का समर्थन मिलने की संभावना है, खासकर ऐसे समय में जब बैंक और अन्य निवेशक वैधानिक तथा पोर्टफोलियो जरूरतों के अनुरूप सरकारी कागजों में निवेश बनाए रखते हैं।

हमारी पिछली रिपोर्ट में FY2027 की तीसरी तिमाही के लिए राज्यों की बाजार उधारी और राज्य सरकारी प्रतिभूतियों (SGS) के निर्गम में तेज बढ़त पर चर्चा की गई थी। लेख में बताया गया था कि रिडेम्प्शन समायोजन के बाद शुद्ध SGS निर्गम के 2.3 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है और अतिरिक्त उधारी में महाराष्ट्र जैसे बड़े उधारकर्ताओं की भूमिका प्रमुख रही, साथ ही कई राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा बेंचमार्क इश्यूअंस स्ट्रैटेजी (BIS) अपनाने का विस्तार भी दर्ज किया गया था।

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