भारत ने होरमुज और लाल सागर के जरिए व्यापार सुरक्षित रखने की अपील की
मॉस्को में चल रहे अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मंच पर भारत पश्चिम एशिया में तनाव कम करने और वैश्विक समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा पर जोर दे रहा है। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने कहा कि तेल और गैस आपूर्ति में किसी भी तरह की रुकावट से वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा बाजारों पर सीधा असर पड़ता है।
हाइलाइट्स
- अजीत डोभाल ने मॉस्को के सुरक्षा मंच पर पश्चिम एशिया के तनाव के कारण होरमुज जलडमरूमध्य और लाल सागर में सुरक्षित व्यापार आवाजाही की अपील की।
- होरमुज जलडमरूमध्य के पास सैन्य घटनाओं के बाद टोल व्यवस्था लागू करने की संभावित कोशिशों और U.S. आपत्ति से मार्ग का सामरिक महत्व बढ़ा है।
- डोभाल ने संयुक्त राष्ट्र में तत्काल सुधार और आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक, सुसंगत वैश्विक कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया।
समुद्री व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर फोकस
FinancialExpress.com की रिपोर्ट के अनुसार, अजीत डोभाल ने 26 मई से 29 मई तक मॉस्को में आयोजित 1st International Security Forum और XIV International Meeting of High-Ranking Officials Responsible for Security Matters में कहा कि पश्चिम एशिया का संघर्ष गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है। उन्होंने चेतावनी दी कि क्षेत्रीय तनाव समुद्री यातायात और ऊर्जा ढांचे के लिए जोखिम बढ़ा रहा है, जिससे अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति शृंखलाएं और बाजार अस्थिर हो सकते हैं।
डोभाल ने होरमुज जलडमरूमध्य और लाल सागर समेत अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों से व्यापार की सुरक्षित और निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि भारत तनाव घटाने और स्थिरता बहाल करने के सभी प्रयासों में रचनात्मक सहयोग देने के लिए तैयार है।
पाठ में यह भी कहा गया है कि हालिया सैन्य घटनाक्रम के बाद होरमुज जलडमरूमध्य के आसपास तनाव बढ़ा है। क्षेत्रीय पर्यवेक्षकों के हवाले से इसमें वाणिज्यिक जहाजों पर टोल व्यवस्था लागू करने की संभावित कोशिशों और उस पर U.S. की आपत्ति का भी उल्लेख है, जिससे इस समुद्री मार्ग का सामरिक और आर्थिक महत्व और स्पष्ट होता है।
आतंकवाद, संयुक्त राष्ट्र सुधार और भारत का रुख
डोभाल ने आतंकवाद के खिलाफ सुसंगत और निर्णायक रुख अपनाने की मांग करते हुए कहा कि इस खतरे से निपटने में दोहरे मानदंड नहीं हो सकते। उनके अनुसार, हर देश की जिम्मेदारी है कि वह आतंकवाद, उसके वित्तपोषकों और उसे समर्थन देने वाले तंत्र के खिलाफ स्पष्ट विकल्प चुने और ठोस कार्रवाई करे।समुद्री सुरक्षा के साथ ही उन्होंने संयुक्त राष्ट्र में सुधार की जरूरत भी रेखांकित की। डोभाल ने कहा कि 1945 की संस्थागत संरचनाएं मौजूदा सुरक्षा चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना करने में लगातार अक्षम साबित हो रही हैं, इसलिए संगठन को अधिक प्रतिनिधिक बनाने के लिए तत्काल सुधार जरूरी है।
यह रुख प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया बयान से मेल खाता है, जिसमें उन्होंने यूक्रेन और पश्चिम एशिया जैसे संघर्षों के शीघ्र समाधान तथा वैश्विक संस्थाओं में सुधार को जरूरी बताया था। मॉस्को में 140 से अधिक विदेशी प्रतिनिधिमंडलों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों की भागीदारी वाला यह मंच भारत की उस कूटनीतिक स्थिति को सामने रखता है, जिसमें वह एक ओर तत्काल तनाव कम करने के व्यावहारिक उपायों का समर्थन कर रहा है और दूसरी ओर वैश्विक सुरक्षा ढांचे में दीर्घकालिक सुधार की वकालत कर रहा है।
Schlumberger (SLB) के शेयर की हालिया चाल और तकनीकी संकेतकों पर हमारी पिछली रिपोर्ट में बताया गया था कि तेल कीमतों की अस्थिरता और आगामी कमाई को लेकर अनिश्चितता के बीच स्टॉक पर अल्पकालिक बिकवाली का दबाव बना हुआ है, जबकि मध्यम-दीर्घकाल में संरचना तुलनात्मक रूप से बुलिश दिखती है। रिपोर्ट में कंपनी के ड्रिलिंग, डिजिटल समाधान और लो-कार्बन तकनीकों पर फोकस तथा $53.77–$57.27 की रेंज में संभावित समेकन को प्रमुख स्तरों के रूप में रेखांकित किया गया था।
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