Forbes India के 27 मार्च 2026 के प्रकाशन में इस वर्ष के FILA विजेताओं के चयन के पीछे जूरी की सोच सामने आती है, जिसमें भारत इंक की निवेश क्षमता, बेहतर गवर्नेंस, नवाचार और टिकाऊ वृद्धि पर जोर दिया गया है. जूरी सदस्यों के अनुसार मूल्यांकन में साहसिक निर्णय, अलग गो-टू-मार्केट रणनीति, लाभ की दृश्यता और दीर्घकालिक निष्पादन क्षमता प्रमुख कारक रहे.
हाइलाइट्स
- FILA चयन में पैनल ने दृढ़ विश्वास, निर्णायक जोखिम लेने, टिकाऊ गो-टू-मार्केट रणनीति और लाभ की स्पष्ट राह को मुख्य मानदंड माना.
- जूरी ने भारत की कंपनियों की वित्तीय मजबूती, गवर्नेंस सुधार और नवाचार व R&D निवेश क्षमता पर विशेष जोर दिया, जिससे वैश्विक प्रतिस्पर्धा की तैयारी परिलक्षित होती है.
- क्षेत्रीय ब्रांड्स की सफलता और समग्र चयन प्रक्रिया से स्पष्ट है कि बाजार हिस्सेदारी के लिए स्थानीयकरण, परिचालन चपलता और पूंजी अनुशासन निर्णायक हो गए हैं.
विजेताओं के चयन के कारोबारी मानदंड
जूरी चेयर अनिश शाह कहते हैं कि उन्होंने जिन गुणों पर ध्यान दिया, उनमें दृढ़ विश्वास, फोकस और बारीकियों तक जाकर बेदाग निष्पादन की क्षमता शामिल है. Allianz Services India की रितु अरोड़ा के अनुसार पैनल ऐसे उद्यमों को देखता है जो जोखिम लेने का साहस दिखाते हैं, बाजार को बदलने का आत्मविश्वास रखते हैं और समय पर रणनीतिक सुधार कर सकते हैं. उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि अलग और टिकाऊ गो-टू-मार्केट रणनीति, साथ ही लाभ की स्पष्ट राह, चयन प्रक्रिया में महत्वपूर्ण रही.
ChrysCapital के कुनाल श्रॉफ का कहना है कि किसी स्टार्टअप की स्थिरता उसके बिजनेस मॉडल पर निर्भर करती है, खासकर तब जब टीम मूल्यांकन के बजाय उपभोक्ता को मूल्य देने पर केंद्रित रहे. Federal Bank के KVS मनियन के मुताबिक इस वर्ष की टर्नअराउंड कंपनियों की सूची में पुरानी और नई अर्थव्यवस्था, दोनों तरह की कंपनियां हैं, और उनमें फुर्ती तथा पुराने ढर्रे पर सवाल उठाने की इच्छा निर्णायक है. ये टिप्पणियां बताती हैं कि पुरस्कार प्रक्रिया केवल तेज वृद्धि पर नहीं, बल्कि टिकाऊ संचालन और पुनर्गठन क्षमता पर भी केंद्रित है.
निवेश, गवर्नेंस और नवाचार पर जूरी का फोकस
Crisil के प्रबंध निदेशक और CEO अमिश मेहता का कहना है कि भारत की कंपनियां अभी वित्तीय रूप से स्वस्थ स्थिति में हैं और संकेत निवेश तथा विस्तार की क्षमता की ओर इशारा करते हैं. PwC India के संजीव कृष्ण के अनुसार भारत में गवर्नेंस मानकों में पिछले दो दशकों में उल्लेखनीय सुधार हुआ है, और कारोबारी जगत अब गवर्नेंस को मूल्य सृजन के हिस्से के रूप में देखता है. यह दृष्टिकोण जूरी के उस जोर को मजबूत करता है जिसमें पूंजी तैनाती और संस्थागत गुणवत्ता, दोनों को महत्व दिया गया है.
Bain Capital India के अमित चंद्रा का कहना है कि विकसित भारत के लक्ष्य हासिल करने के लिए अधिक जोखिम लेने, R&D और नवाचार में ज्यादा निवेश की जरूरत है. Emcure Pharmaceuticals की नमिता थापर के मुताबिक भारतीय टेक स्टार्टअप अब केवल निचले आय वर्ग की समस्याओं तक सीमित नहीं हैं, बल्कि AI सहित उन्नत प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में भी नवाचार कर रहे हैं. इन विचारों से संकेत मिलता है कि जूरी भारत के उद्यम परिदृश्य को अधिक परिपक्व, पूंजी समर्थ और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार मानती है.
क्षेत्रीय ब्रांड और भारत इंक के लिए निहितार्थ
Marico के सौगात गुप्ता का कहना है कि खाद्य क्षेत्र में कई क्षेत्रीय ब्रांड इसलिए सफल हो रहे हैं क्योंकि वे उपभोक्ता को बेहतर समझते हैं, स्थानीय वितरण में मजबूत हैं और तेजी से निर्णय लेते हैं. यह अवलोकन बताता है कि बाजार हिस्सेदारी हासिल करने के लिए स्थानीयकरण और परिचालन चपलता अभी भी महत्वपूर्ण प्रतिस्पर्धी लाभ हैं. जूरी की समग्र टिप्पणियां भी इसी व्यापक रुझान की ओर इशारा करती हैं, जहां पूंजी अनुशासन, नवाचार और उपभोक्ता-केंद्रितता साथ-साथ चलते हैं.
इस तरह FILA चयन प्रक्रिया भारत के कॉरपोरेट और स्टार्टअप परिदृश्य के लिए एक संकेतक की तरह उभरती है, जिसमें टिकाऊ लाभप्रदता, शासन, अनुसंधान निवेश और बाजार अनुकूलता को प्रमुख मानदंड के रूप में देखा जाता है. मौजूदा टिप्पणियां यह भी दर्शाती हैं कि निवेशकों और उद्योग नेताओं की नजर अब केवल वृद्धि की गति पर नहीं, बल्कि उसके गुणवत्ता पक्ष पर भी है. इससे उन कंपनियों को बढ़त मिल सकती है जो दीर्घकालिक मूल्य सृजन और अनुशासित विस्तार के बीच संतुलन बना रही हैं.
हमने पहले महिंद्रा एंड महिंद्रा में 2020 के बाद पूंजी आवंटन और कारोबार पुनर्संरचना की रणनीति पर रिपोर्ट किया था। उस रिपोर्ट में बताया गया था कि डेटा-आधारित फैसलों के जरिए समूह ने घाटे वाले व्यवसायों से बाहर निकलकर एसयूवी, ट्रैक्टर, ईवी और वित्तीय सेवाओं जैसे मुख्य क्षेत्रों पर फोकस बढ़ाया, साथ ही ROE लक्ष्य और कुछ उभरते कारोबारों में टर्नअराउंड जैसे संकेत सामने आए।
- Forex
- Crypto