असम कांग्रेस ने चुनावी घोषणा पत्र जारी किया, रोजगार और कृषि पर दांव

असम कांग्रेस ने चुनावी घोषणा पत्र जारी किया, रोजगार और कृषि पर दांव
कांग्रेस का चुनावी वादा

कांग्रेस नेता राहुल गांधी 2 अप्रैल को जोरहाट की चुनावी रैली में असम विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी का घोषणा पत्र जारी करते हैं, जैसा कि लेख में कहा गया है। 126 सीटों वाले सदन के लिए मतदान 9 अप्रैल को होना है और नतीजे 4 मई को घोषित होने हैं। दस्तावेज 11 क्षेत्रों पर केंद्रित है और इसे भाजपा के नेतृत्व वाले सत्तारूढ़ गठबंधन के खिलाफ शासन, पहचान और नौकरियों के मुद्दों पर केंद्रित चुनौती के रूप में पेश किया जा रहा है।

हाइलाइट्स

  • असम कांग्रेस के घोषणा पत्र ने रोजगार, कौशल विकास, और विशेष आर्थिक क्षेत्रों के जरिए युवाओं के लिए व्यापक रोजगार सृजन पर जोर दिया।
  • घोषणा पत्र में किसानों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाने, बाढ़-रोधी कृषि सहायता और आयात प्रतिस्पर्धा से सुरक्षा का वादा किया गया।
  • राहुल गांधी ने जोरहाट और करबी आंगलोंग में भाजपा सरकार पर भ्रष्टाचार और नीतिगत फैसलों के किसानों व कारोबारों पर नकारात्मक प्रभाव को लेकर हमला बोला।

घोषणा पत्र में 11 क्षेत्रों पर फोकस

कांग्रेस का कहना है कि उसका घोषणा पत्र स्थानीय शासन, असमिया भाषा और संस्कृति की सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, बुनियादी ढांचे, औद्योगिकीकरण, कृषि, ग्रामीण और शहरी विकास, जलवायु और सुरक्षा जैसे क्षेत्रों को कवर करता है। पार्टी ने इससे पहले घोषित पांच गारंटी को भी इस दस्तावेज से जोड़ा है, जिनमें रोजगार, महिलाओं की सुरक्षा, किसानों की मदद, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे मुद्दे शामिल बताए गए हैं। यह रणनीति युवाओं, किसानों और विभिन्न जातीय समूहों के मतदाताओं तक पहुंच बनाने की कोशिश के रूप में सामने आ रही है।

रोजगार, किसानों और स्वास्थ्य पर चुनावी संदेश

घोषणा पत्र में युवाओं के लिए विशेष आर्थिक क्षेत्र, कौशल कार्यक्रम और रोजगार सृजन पर जोर दिया गया है, ताकि बेरोजगारी और पलायन जैसे मुद्दों को संबोधित किया जा सके। किसानों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाने, आयात प्रतिस्पर्धा से सुरक्षा और बाढ़-रोधी खेती सहायता के वादे रखे गए हैं, क्योंकि राज्य में हर साल बाढ़ ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर दबाव डालती है। स्वास्थ्य क्षेत्र में सार्वभौमिक पहुंच और नए जिला अस्पतालों का प्रस्ताव रखा गया है, खासकर दूरदराज और चाय बागान क्षेत्रों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए।

भाजपा पर हमले से चुनावी मुकाबला तेज

जोरहाट और करबी आंगलोंग में अपने संबोधनों के दौरान राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी तीखे राजनीतिक हमले किए। उन्होंने कृषि, ऊर्जा, डेटा और व्यापार से जुड़े समझौतों को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना की और कहा कि इसका असर असम के किसानों और कारोबारों पर पड़ता है। भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन 2016 और 2021 की जीत के बाद तीसरे कार्यकाल की कोशिश में है, जबकि कांग्रेस पूर्वोत्तर में अपनी राजनीतिक वापसी के लिए कल्याणकारी वादों और अभियान तेज करने पर भरोसा कर रही है।

हमने पहले नाजिरा रैली से असम विधानसभा चुनाव 2026 के लिए कांग्रेस के प्रचार अभियान की शुरुआत पर रिपोर्ट किया था। उस रिपोर्ट में प्रियंका गांधी के भाजपा सरकार पर संसाधनों के बाहरी नियंत्रण, औद्योगिक हितों और जनजातीय दर्जे को लेकर किए गए हमलों के साथ-साथ महंगाई, CAA और पहचान जैसे मुद्दों को चुनावी एजेंडे में आगे लाने की रणनीति सामने आई थी।

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