हॉर्मुज झड़प के बीच भारत-ध्वज वाले जहाजों पर ईरानी गोलीबारी से तेल आपूर्ति जोखिम बढ़ा
हॉर्मुज जलडमरूमध्य में नौवहन तनाव फिर बढ़ने से भारत की ऊर्जा आपूर्ति शृंखला पर नया दबाव बन रहा है। भारत-गामी तेल और गैस ले जा रहे जहाजों के एक काफिले को लौटना पड़ा, जबकि इस घटना ने नई दिल्ली और तेहरान के बीच कूटनीतिक तनाव भी बढ़ा दिया है।
हाइलाइट्स
- ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने शनिवार को हॉर्मुज जलडमरूमध्य पार कर रहे भारत-गामी जहाजों के काफिले में शामिल दो भारत-ध्वजवाले जहाजों पर गोलीबारी की।
- 14 जहाजों के काफिले में से केवल Hindustan Petroleum Corporation Limited के लिए कच्चा तेल ले जा रहा एक भारत-ध्वज जहाज ही जलडमरूमध्य पार कर सका, 13 जहाजों को लौटना पड़ा।
- घटना के बाद भारत के विदेश मंत्रालय ने ईरानी दूत को तलब किया, ऊर्जा आपूर्ति, शिपिंग लागत और बीमा जोखिम पर तत्काल विपरीत असर की संभावना बनी।
जहाजों पर फायरिंग और काफिले की वापसी
Financial Express की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड से जुड़े बलों ने शनिवार को हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे भारत-गामी जहाजों के काफिले को रोका, जिसमें दो भारत-ध्वज वाले जहाजों पर गोलीबारी की गई। NBC News ने जहाजों में से एक की पहचान Sanmar Herald के रूप में की और समुद्री खुफिया कंपनी Tanker Trackers के रेडियो संचार ऑडियो का हवाला दिया, जिसमें एक व्यक्ति को यह कहते सुना जाता है कि उसे पहले आगे बढ़ने की अनुमति दी गई थी और अब उन पर फायरिंग हो रही है।
उपलब्ध विवरण के मुताबिक 14 जहाजों का काफिला कच्चा तेल, LPG और उर्वरक लेकर भारत की ओर बढ़ रहा था, जब ईरानी नौसेना ने उन्हें रुकने के लिए कहा। एक जहाज जलडमरूमध्य पार करने में सफल रहा, जबकि 13 अन्य को फारस की खाड़ी के अलग-अलग स्थानों की ओर लौटना पड़ा।
रिपोर्ट में कहा गया है कि काफिले में सात जहाज भारत-ध्वज वाले थे, जबकि अन्य पर लाइबेरिया, वियतनाम और मार्शल आइलैंड्स के ध्वज थे। PTI के अनुसार, एक भारत-ध्वज वाला कच्चा तेल ले जा रहा जहाज गोलियों की चपेट में आया और उसकी खिड़की का शीशा टूट गया, जबकि दूसरे जहाज को हुए नुकसान की पूरी जानकारी तुरंत सामने नहीं आई।
ऊर्जा व्यापार और कूटनीतिक असर
यह टकराव ऐसे समय हो रहा है जब हॉर्मुज जलडमरूमध्य के संचालन को लेकर अनिश्चितता फिर बढ़ी है और ईरानी बंदरगाहों पर U.S. दबाव भी जारी है। संकरे समुद्री मार्ग में किसी भी रुकावट का असर भारत जैसे बड़े ऊर्जा आयातक देशों की आपूर्ति, शिपिंग लागत और बीमा जोखिम पर पड़ सकता है।रिपोर्ट के अनुसार, Hindustan Petroleum Corporation Limited के लिए कच्चा तेल लेकर जा रहा एक जहाज ही जलडमरूमध्य पार कर सका और वह भारत की ओर बढ़ रहा है। बाकी जहाजों की वापसी से यह संकेत मिलता है कि क्षेत्रीय सुरक्षा जोखिम फिलहाल वाणिज्यिक शिपिंग संचालन को सीधे प्रभावित कर रहा है।
घटना के बाद भारत के विदेश मंत्रालय ने ईरानी दूत को तलब किया है, जिससे मामला औपचारिक कूटनीतिक स्तर पर पहुंच गया है। भारत में ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने ANI से कहा कि उन्हें गोलीबारी की घटना की जानकारी नहीं है, लेकिन भारत और ईरान के संबंध मजबूत हैं और वह उम्मीद करते हैं कि स्थिति शांतिपूर्ण तरीके से सुलझेगी।
हमारी पिछली रिपोर्ट में होर्मुज़ जलडमरूमध्य में भारतीय जहाजों से जुड़ी गोलीबारी और कथित ईरानी दखल के बाद भारत द्वारा ईरानी दूत को तलब कर औपचारिक कूटनीतिक आपत्ति दर्ज करने पर चर्चा की गई थी। इसमें ईरान द्वारा जलडमरूमध्य को अपनी सशस्त्र सेनाओं के “सख्त प्रबंधन और नियंत्रण” में रखने, ट्रांजिट परमिट कड़े करने और इसके चलते तेल आपूर्ति, बीमा व मालवहन लागत पर पड़ने वाले संभावित असर को रेखांकित किया गया था।
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