भारत ने ऑपरेशन सिंदूर की वर्षगांठ पर रक्षा आत्मनिर्भरता और सुरक्षा सिद्धांत में बदलाव को रेखांकित किया
ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने X खाते की डिस्प्ले तस्वीर बदलकर भारतीय सशस्त्र बलों की भूमिका को प्रमुखता दी। इस मौके ने पाकिस्तान के खिलाफ 7 मई 2025 को शुरू की गई सैन्य कार्रवाई के बाद भारत की रक्षा तैयारी, संयुक्त सैन्य समन्वय और आत्मनिर्भरता पर नए सिरे से ध्यान केंद्रित किया।
हाइलाइट्स
- ऑपरेशन सिंदूर की वर्षगांठ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आत्मनिर्भर रक्षा क्षेत्र और सुरक्षा सिद्धांत में बदलाव को रेखांकित किया।
- ऑपरेशन सिंदूर के तहत 7 मई 2025 को भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान और पीओजेके में 9 बड़े आतंकी लॉन्चपैड नष्ट कर 100 से अधिक आतंकवादियों को मारा।
- सटीक हमलों, सिंधु जल संधि के निलंबन और वायु रक्षा क्षमता में बढ़ोतरी को विशेषज्ञ भारत की सुरक्षा नीति में संरचनात्मक बदलाव मानते हैं।
वर्षगांठ पर सरकारी संदेश और अभियान का संदर्भ
Financial Express के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को X पर कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने भारत की आतंकवाद के खिलाफ दृढ़ प्रतिक्रिया और राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के संकल्प को दिखाया। उन्होंने यह भी कहा कि इस अभियान ने सशस्त्र बलों की पेशेवर क्षमता, तैयारी और समन्वित शक्ति के साथ रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में हुई प्रगति को भी रेखांकित किया।
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि एक साल पहले भारतीय सशस्त्र बलों ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान साहस, सटीकता और दृढ़ निश्चय का परिचय दिया। उनके अनुसार, यह कार्रवाई पहलगाम में निर्दोष भारतीयों पर हुए हमले का उपयुक्त जवाब थी और आज भी भारत आतंकवाद तथा उसे समर्थन देने वाले तंत्र को समाप्त करने के अपने संकल्प पर अडिग है।
ऑपरेशन सिंदूर 7 मई 2025 को पहलगाम आतंकी हमले के बाद शुरू किया गया था, जिसमें 26 लोगों की मौत हुई थी। भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी ढांचे को निशाना बनाया था, जिनमें लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिजबुल मुजाहिदीन से जुड़े ठिकाने शामिल थे।
सुरक्षा सिद्धांत, सैन्य असर और राजनीतिक महत्व
वर्षगांठ के साथ ऑपरेशन सिंदूर से जुड़े व्यापक रणनीतिक बदलाव पर भी फिर से ध्यान गया है। सटीक हमलों, सिंधु जल संधि के निलंबन और वायु रक्षा तैयारी में बढ़ोतरी जैसे कदमों को अधिकारी और सुरक्षा विशेषज्ञ भारत की सुरक्षा नीति में एक अहम मोड़ के रूप में देखते हैं।पाठ में ANI के हवाले से कहा गया है कि इस कार्रवाई में नौ बड़े आतंकी लॉन्चपैड नष्ट किए गए और 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए। प्रमुख लक्ष्यों में बहावलपुर स्थित जैश-ए-मोहम्मद का मुख्यालय और मुरीदके में लश्कर-ए-तैयबा का मुख्य प्रशिक्षण केंद्र शामिल था।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी वर्षगांठ पर सशस्त्र बलों को श्रद्धांजलि देते हुए ऑपरेशन सिंदूर को राष्ट्रीय संकल्प और तैयारी का सशक्त प्रतीक बताया। उन्होंने X पर कहा कि यह अभियान अद्वितीय सटीकता, सेवाओं के बीच निर्बाध संयुक्तता और गहरे तालमेल को दर्शाता है, जो भारत की सुरक्षा व्यवस्था के लिए दीर्घकालिक महत्व रखता है।
हमारे पहले के लेख में EUR/USD में मजबूती का विश्लेषण किया गया था, जहां यूरोप में बढ़ते रक्षा खर्च (Readiness 2030 जैसी पहलों) और ECB की निगरानी/नियामकीय सख्ती को यूरो की मांग को सहारा देने वाले प्रमुख कारक बताया गया था। लेख में तकनीकी संकेतकों के आधार पर जोड़ी के प्रमुख सपोर्ट-रेजिस्टेंस स्तरों और संभावित ब्रेकआउट ज़ोन पर भी चर्चा की गई थी, साथ ही यह चेतावनी दी गई थी कि उच्च अस्थिरता में ओवरएक्सटेंशन का जोखिम बना रह सकता है।
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