कर्नाटक सरकार ने एलके अतीक को मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार का वित्तीय सलाहकार नियुक्त किया
कर्नाटक में नई कांग्रेस सरकार के गठन के बीच मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने वित्तीय दबाव और कल्याणकारी वादों के संतुलन के लिए सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी एलके अतीक को अपना वित्तीय सलाहकार नियुक्त किया है। यह नियुक्ति ऐसे समय पर हुई है जब राज्य सरकार को गारंटी योजनाओं, प्रशासनिक नियुक्तियों और बेंगलुरु की बड़ी आईटी अर्थव्यवस्था से जुड़े नीति संकेतों को साथ लेकर आगे बढ़ना है।
हाइलाइट्स
- कर्नाटक सरकार ने एलके अतीक को मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार का वित्तीय सलाहकार बुधवार को नियुक्त किया, उनके वेतन और भत्ते मुख्य सचिव के बराबर होंगे।
- अतीक कांग्रेस की पांच गारंटी योजनाओं के क्रियान्वयन में प्रमुख भूमिका निभा चुके हैं और बेंगलुरु बिजनेस कॉरिडोर परियोजना के अध्यक्ष भी बने रहेंगे।
- यह नियुक्ति नई सरकार के राजकोषीय दबावों और कल्याणकारी योजनाओं को संतुलित ढंग से लागू करने पर फोकस का संकेत देती है।
नियुक्ति की शर्तें और प्रशासनिक पृष्ठभूमि
Financial Express के अनुसार, कर्नाटक सरकार की अधिसूचना में कहा गया है कि एलके अतीक को बुधवार को मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार का वित्तीय सलाहकार नियुक्त किया गया है। पिछले वर्ष सेवा से सेवानिवृत्त हुए अतीक इससे पहले सिद्धारमैया के नेतृत्व वाली सरकार में वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव रह चुके हैं।
अधिकारियों का कहना है कि यह फैसला ऐसे समय पर लिया गया है जब नई सरकार बढ़ते राजकोषीय दबावों और महत्वाकांक्षी कल्याणकारी प्रतिबद्धताओं के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रही है। अतीक को कांग्रेस की पांच प्रमुख गारंटी योजनाओं को लागू करने वाले प्रमुख नौकरशाहों में माना जाता है, और राज्य की वित्तीय योजना तथा व्यय प्रबंधन पर उनकी करीबी पकड़ को इस भूमिका में अहम माना जा रहा है।
सरकारी अधिसूचना के मुताबिक, नई भूमिका में उनका वेतन और भत्ते कर्नाटक के मुख्य सचिव के बराबर होंगे। वह बेंगलुरु बिजनेस कॉरिडोर परियोजना के अध्यक्ष के रूप में भी अपनी जिम्मेदारी जारी रखेंगे।
नई सरकार पर राजकोषीय और क्षेत्रीय असर
यह नियुक्ति डीके शिवकुमार के कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के तुरंत बाद हुई है, जिससे राज्य में कांग्रेस के भीतर लंबे समय से चल रहा नेतृत्व विवाद समाप्त हुआ है। राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने लोक भवन के ग्लास हाउस में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई, जहां राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे सहित कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।आने वाले दिनों में कर्नाटक मंत्रिमंडल में और मंत्रियों को शामिल किए जाने की उम्मीद है, जबकि नई सरकार विभागों के बंटवारे और अन्य प्रशासनिक नियुक्तियों को अंतिम रूप दे रही है। वित्तीय सलाहकार के रूप में अतीक की तैनाती से यह संकेत मिलता है कि सरकार कल्याणकारी योजनाओं की निरंतरता, बजटीय अनुशासन और बेंगलुरु केंद्रित निवेश माहौल के बीच संतुलन साधने पर जोर दे रही है।
हमारी पिछली रिपोर्ट में डीके शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने के संदर्भ में बेंगलुरु और आसपास के बड़े बुनियादी ढांचा प्रस्तावों की राजनीतिक और नीतिगत अहमियत पर चर्चा की गई थी। उसमें बिदादी के पास 7,000 एकड़ की एकीकृत टाउनशिप, Hebbal–Silk Board भूमिगत टनल रोड, दूसरे हवाईअड्डे के प्रस्ताव और मेकेदातु बैलेंसिंग रिजर्वायर जैसी योजनाओं की संभावित लागत, बाधाएं और संवेदनशीलताओं का संदर्भ भी शामिल था।
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