SBI Funds Management का IPO मूल्यांकन पर फोकस के बीच निवेशकों को अवसर देता है
भारत के एसेट मैनेजमेंट क्षेत्र में 2026 की सबसे ज्यादा देखी जा रही लिस्टिंग में से एक SBI Funds Management अपना IPO ला रही है, जिससे करीब 9,813 करोड़ रुपये जुटाने की योजना है। 16 जुलाई को बंद होने वाले इस निर्गम में कंपनी की बाजार नेतृत्व स्थिति और सूचीबद्ध प्रतिस्पर्धियों की तुलना में अपेक्षाकृत कम मूल्यांकन, दोनों निवेशकों के लिए मुख्य चर्चा का विषय बने हुए हैं।
हाइलाइट्स
- SBI Funds Management ने 545-574 रुपये प्रति शेयर के प्राइस बैंड पर 20.37 करोड़ शेयरों का IPO शुरू किया, मार्केट कैप 1,16,913.9 करोड़ रुपये आंका गया।
- IPO का मूल्यांकन 38.2 गुना FY26 EPS पर सूचीबद्ध समकक्षों ICICI Prudential AMC और HDFC AMC के औसत 41.6 गुना से कम डिस्काउंट में है।
- FY24-FY26 में कंपनी का राजस्व 2,690.56 करोड़ रुपये से बढ़कर 4,389.49 करोड़ रुपये हो रहा है, शुद्ध लाभ मार्जिन बढ़कर 61.65 प्रतिशत पहुंचेगा।
IPO मूल्यांकन और पेशकश की शर्तें
Forbes India के अनुसार, SBI Funds Management ने IPO के लिए 545 रुपये से 574 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है, और इस तीन दिन की बिक्री में उसके सबसे बड़े शेयरधारक State Bank of India और Amundi India Holding कुल 20.37 करोड़ इक्विटी शेयर बेच रहे हैं। यह निर्गम 2026 के वित्तीय क्षेत्र के सबसे प्रमुख पब्लिक इश्यू में गिना जा रहा है।Nirmal Bang की विश्लेषक वृशाली पुनीवाला कहती हैं कि कंपनी सूचीबद्ध प्रतिस्पर्धियों की तुलना में आकर्षक मूल्यांकन पर उपलब्ध है। उनके मुताबिक, 33.6 गुना EV/Ebitda और 38.1 गुना प्राइस-टू-अर्निंग्स पर यह इश्यू ICICI Prudential AMC और HDFC AMC के मुकाबले छूट पर है, जबकि कंपनी के पास मजबूत वितरण नेटवर्क, उच्च लाभप्रदता और मीडियम से लॉन्ग टर्म के लिए बाजार नेतृत्व की स्थिति है।
BP Equities के विश्लेषकों का कहना है कि कंपनी का मूल्यांकन सूचीबद्ध समकक्षों के औसत से नीचे है, जबकि उसकी वितरण क्षमता और बाजार पहुंच कहीं अधिक मजबूत है। उनके अनुसार, भारत के 95 करोड़ बैंक खाताधारकों में केवल करीब 6 प्रतिशत ही म्यूचुअल फंड में निवेश करते हैं, इसलिए उद्योग के लिए नए निवेशकों को जोड़ने की गुंजाइश अभी भी बड़ी है।
ऊपरी प्राइस बैंड 574 रुपये पर यह IPO FY26 की प्रति शेयर आय के 38.2 गुना पर मूल्यांकित है, जबकि सूचीबद्ध प्रतिस्पर्धियों का औसत लगभग 41.6 गुना है। Anand Rathi के विश्लेषक शिवम गुप्ता कहते हैं कि पोस्ट-इश्यू आधार पर कंपनी का मार्केट कैप 1,16,913.9 करोड़ रुपये बैठता है, हालांकि वह यह भी चेतावनी देते हैं कि म्यूचुअल फंड कारोबार कुछ सीमित स्कीमों पर केंद्रित है और शीर्ष 10 स्कीमें FY26 में QAAUM का 59.5 प्रतिशत तथा MF राजस्व का 46.5 प्रतिशत योगदान देती हैं।
बाजार नेतृत्व, लाभप्रदता और क्षेत्रीय असर
SBI Funds Management के पास 12.5 लाख करोड़ रुपये का म्यूचुअल फंड तिमाही औसत एसेट अंडर मैनेजमेंट है और 15.3 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी के साथ यह अपने क्षेत्र में अग्रणी बनी हुई है। कंपनी 15.5 प्रतिशत म्यूचुअल फंड हिस्सेदारी, 39.7 प्रतिशत PMS और एडवाइजरी हिस्सेदारी, 27.9 प्रतिशत निष्क्रिय निवेश बाजार हिस्सेदारी और B-30 शहरों के बाहर 19.2 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ कई खंडों में मजबूत उपस्थिति रखती है।कंपनी का बिजनेस मॉडल एसेट-लाइट और शुल्क-आधारित है, जिसमें म्यूचुअल फंड, PMS, AIFs, SIFs और एडवाइजरी मैंडेट्स के जरिए इक्विटी, डेट, हाइब्रिड, पैसिव और ओवरसीज निवेश उत्पादों का प्रबंधन शामिल है। SBI की घरेलू वितरण पहुंच और Amundi की वैश्विक एसेट मैनेजमेंट विशेषज्ञता कंपनी के लिए प्रतिस्पर्धी बढ़त का आधार बनती है।
वित्तीय प्रदर्शन भी मजबूत दिखता है। परिचालन से राजस्व FY24 के 2,690.56 करोड़ रुपये से बढ़कर FY26 में 4,389.49 करोड़ रुपये हो जाता है, जो 27.73 प्रतिशत चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर को दिखाता है, जबकि कर पश्चात लाभ 2,072.79 करोड़ रुपये से बढ़कर 3,067.38 करोड़ रुपये पर पहुंचता है। इसी अवधि में शुद्ध लाभ मार्जिन 60.50 प्रतिशत से बढ़कर 61.65 प्रतिशत हो जाता है, और 31 मार्च 2026 तक इक्विटी पर प्रतिफल 43.02 प्रतिशत दर्ज होता है।
BP Equities का मानना है कि फिलहाल लाभप्रदता में जो अंतर दिखता है, वह फ्रेंचाइजी की गुणवत्ता से अधिक उत्पाद मिश्रण का परिणाम है। विश्लेषकों के मुताबिक, यदि प्रबंधन उच्च-यील्ड एक्टिव इक्विटी, विशेष निवेश उत्पादों और वैकल्पिक परिसंपत्तियों की हिस्सेदारी बढ़ाने की रणनीति पर आगे बढ़ता है, तो मध्यम अवधि में शुल्क प्राप्ति, लाभप्रदता और रिटर्न अनुपात में सुधार की गुंजाइश बनती है।
एनएसई द्वारा सूचीबद्ध कंपनियों से मीडिया रिपोर्टों पर स्पष्टीकरण मांगे जाने के मामले पर हमारी पिछली रिपोर्ट में बताया गया था कि एक्सचेंज ने Gensol Engineering, IDBI Bank, JSW Dulux, Shadowfax Technologies और Zydus Lifesciences से संवेदनशील खबरों की पुष्टि/खंडन के लिए जवाब तलब किया। इसमें बड़े लेन-देन, ऋण को धोखाधड़ी घोषित करने, संभावित हिस्सेदारी बिक्री और अदालती आदेशों जैसी सूचनाओं की सटीकता जांचकर निवेशकों को समय पर विश्वसनीय जानकारी देने पर जोर था।
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