NSE ने TradeInn से जुड़ी अवैध ट्रेडिंग सेवा पर निवेशकों को चेताया

NSE ने TradeInn से जुड़ी अवैध ट्रेडिंग सेवा पर निवेशकों को चेताया
TradeInn पर NSE की चेतावनी

भारतीय शेयर बाजार में अनधिकृत ट्रेडिंग प्लेटफॉर्मों को लेकर नियामकीय सतर्कता बढ़ रही है, और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ने TradeInn नामक इकाई से जुड़ी कथित अवैध गतिविधि पर निवेशकों को आगाह किया है। एक्सचेंज का कहना है कि संबंधित व्यक्ति या इकाई उसके साथ पंजीकृत नहीं है और इस मामले में पुलिस शिकायत भी दर्ज की जा चुकी है।

हाइलाइट्स

  • एनएसई ने खुलासा किया कि 'Disha' नामक व्यक्ति www.tradeinn.in और मोबाइल नंबर 7974092256 के जरिए डब्बा ट्रेडिंग जैसी अवैध सेवाएं प्रदान कर रहा है।
  • एक्सचेंज ने बताया कि दोषी पाए जाने पर प्रतिभूति कानूनों के तहत 10 साल तक की कैद या 25 करोड़ रुपये तक का जुर्माना संभव है।
  • निवेशकों को चेताया गया कि ऐसे अवैध प्लेटफॉर्म पर ट्रेडिंग की स्थिति में एक्सचेंज का विवाद समाधान या शिकायत निवारण तंत्र उपलब्ध नहीं होगा।

अवैध ट्रेडिंग सेवा और एक्सचेंज की चेतावनी

जैसा कि NSE India द्वारा नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया के हवाले से बताया गया है, “Disha” नामक एक व्यक्ति, जो खुद को “TradeInn” से जुड़ा बताता है, मोबाइल नंबर 7974092256 और वेबसाइट www.tradeinn.in के माध्यम से डब्बा या अवैध ट्रेडिंग सेवाएं दे रहा है। एक्सचेंज ने कहा कि यह व्यक्ति या इकाई उसके किसी पंजीकृत सदस्य या अधिकृत व्यक्ति के रूप में दर्ज नहीं है।

निवेशकों को सलाह दी गई है कि वे शेयर बाजार में किसी भी व्यक्ति या इकाई की योजना या उत्पाद की सदस्यता लेने से पहले सावधानी बरतें, क्योंकि ऐसी गतिविधियां कानूनन प्रतिबंधित हैं। एक्सचेंज ने अपनी वेबसाइट पर “Know/Locate your Stock Broker” सुविधा उपलब्ध कराई है, जिसके जरिए निवेशक पंजीकृत ब्रोकरों और उनके अधिकृत व्यक्तियों का सत्यापन कर सकते हैं।

एनएसई ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस मामले में पुलिस शिकायत दर्ज कराई गई है। एक्सचेंज ने निवेशकों से कहा है कि वे ऐसे किसी भी अवैध ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर कारोबार न करें, क्योंकि ये प्लेटफॉर्म न तो एक्सचेंज से स्वीकृत हैं और न ही उसके द्वारा समर्थित।

कानूनी जोखिम और निवेशकों के लिए असर

एक्सचेंज ने कहा कि प्रतिभूति संविदा (विनियमन) अधिनियम, 1956 की धारा 23(1) के तहत धारा 13, 16, 17 या 19 का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति या इकाई पर अभियोजन चलाया जा सकता है। दोषसिद्धि की स्थिति में दस साल तक की कैद, 25 करोड़ रुपये तक का जुर्माना, या दोनों दंड संभव हैं।

धारा 25 के अनुसार, धारा 23 के अंतर्गत दंडनीय अपराध संज्ञेय हैं और इनकी जांच राज्य की कानून प्रवर्तन एजेंसियां भी कर सकती हैं। एनएसई ने यह भी कहा कि डब्बा ट्रेडिंग, प्रतिभूति कानूनों के उल्लंघन के अलावा, भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धाराओं 316, 318 और 61 के दायरे में भी आती है।

निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण बात यह है कि ऐसे प्रतिबंधित प्लेटफॉर्मों में भागीदारी पूरी तरह उनके अपने जोखिम, लागत और परिणामों पर आधारित होती है। एक्सचेंज ने स्पष्ट किया है कि ऐसे मामलों में निवेशकों को एक्सचेंज विवाद समाधान तंत्र या एक्सचेंज द्वारा संचालित निवेशक शिकायत निवारण तंत्र जैसी औपचारिक राहत उपलब्ध नहीं होगी।

एनएसई द्वारा असामान्य शेयर मूल्य या वॉल्यूम गतिविधि पर सूचीबद्ध कंपनियों से स्पष्टीकरण मांगे जाने पर हमारी पिछली रिपोर्ट में बताया गया था कि एक्सचेंज ने कई स्टॉक्स में हुई गैर-मानक हलचलों और कुछ खबरों/घटनाक्रमों के सत्यापन के लिए कंपनियों को पत्र भेजे। इसमें Archean Chemical, CARYSIL, JITF Infralogistics, Kronox Lab Sciences, Shreedhar Spinners और Swaraj Suiting जैसे मामलों के साथ IDBI Bank, Instamart-HPCL, Tata Motors-UCO Bank और Zydus की दवा Ikra से जुड़ी जानकारी स्पष्ट करने की प्रक्रिया का उल्लेख था।

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