NSE ने अवैध डब्बा ट्रेडिंग सेवाओं पर निवेशकों को चेताया

NSE ने अवैध डब्बा ट्रेडिंग सेवाओं पर निवेशकों को चेताया
डब्बा ट्रेडिंग से सावधान

भारतीय शेयर बाजार में अनधिकृत ट्रेडिंग प्लेटफॉर्मों को लेकर जोखिम फिर सामने आ रहा है, क्योंकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज निवेशकों को एक कथित डब्बा ट्रेडिंग नेटवर्क से दूर रहने की सलाह दे रहा है। एक्सचेंज का कहना है कि संबंधित व्यक्ति उसके साथ सदस्य या अधिकृत व्यक्ति के रूप में पंजीकृत नहीं है और इस मामले में पुलिस शिकायत दर्ज की जा चुकी है।

हाइलाइट्स

  • नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया ने Swati Gupta द्वारा मोबाइल, Facebook ग्रुप और 'Bull Tiatans' ऐप से अवैध डब्बा ट्रेडिंग प्लेटफार्मों के प्रति चेतावनी जारी की।
  • संबंधित व्यक्ति न तो एनएसई के पंजीकृत सदस्य हैं और न ही अधिकृत प्रतिनिधि, ऐसे प्लेटफॉर्म्स पर निवेश पूरी तरह निवेशकों के जोखिम पर होगा।
  • डब्बा ट्रेडिंग में शामिल होने पर सिक्योरिटीज कॉन्ट्रैक्ट्स रेगुलेशन एक्ट, 1956 की धारा 23(1) के तहत दस वर्ष तक कारावास या 25 करोड़ रुपये तक जुर्माना लग सकता है।

शिकायत, प्लेटफॉर्म और नियामकीय चेतावनी

जैसा कि NSE India द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया ने कहा है कि “Swati Gupta” नाम की एक व्यक्ति मोबाइल नंबर 8359821986, “Stock Market (Dabba Trading)” नामक Facebook समूह और “Bull Tiatans” नामक एप्लिकेशन के जरिए कथित डब्बा या अवैध ट्रेडिंग सेवाएं उपलब्ध करा रही है। एक्सचेंज ने निवेशकों से कहा है कि वे शेयर बाजार में किसी भी व्यक्ति द्वारा पेश की जा रही ऐसी योजना या उत्पाद की सदस्यता न लें, क्योंकि इस तरह की गतिविधियां कानूनन प्रतिबंधित हैं।

एनएसई ने अपनी वेबसाइट पर “Know/Locate your Stock Broker” सुविधा उपलब्ध होने का भी उल्लेख किया है, ताकि निवेशक पंजीकृत सदस्य और उनके अधिकृत व्यक्तियों का सत्यापन कर सकें। एक्सचेंज के अनुसार, संबंधित व्यक्ति न तो उसके किसी पंजीकृत सदस्य के रूप में दर्ज है और न ही किसी पंजीकृत सदस्य की अधिकृत प्रतिनिधि के रूप में।

निवेशकों के लिए कानूनी और वित्तीय जोखिम

एक्सचेंज ने कहा है कि सिक्योरिटीज कॉन्ट्रैक्ट्स रेगुलेशन एक्ट, 1956 की धारा 23(1) के तहत कुछ प्रावधानों का उल्लंघन करने पर अभियोजन चलाया जा सकता है, और दोषसिद्धि की स्थिति में दस वर्ष तक कारावास, 25 करोड़ रुपये तक जुर्माना, या दोनों हो सकते हैं। धारा 25 के तहत ऐसे अपराध संज्ञेय माने जाते हैं और राज्य की कानून प्रवर्तन एजेंसियां भी उनकी जांच कर सकती हैं।

एनएसई ने यह भी कहा है कि डब्बा ट्रेडिंग भारतीय न्याय संहिता, 2023 की कुछ धाराओं के दायरे में भी आती है। एक्सचेंज ने निवेशकों को आगाह किया है कि ऐसे अवैध प्लेटफॉर्मों पर भागीदारी पूरी तरह उनके अपने जोखिम, लागत और परिणामों पर होगी, क्योंकि इन्हें एक्सचेंज की मंजूरी या समर्थन प्राप्त नहीं है।

निवेशकों को यह भी बताया गया है कि प्रतिबंधित योजनाओं से जुड़े विवादों में एक्सचेंज के अधिकारक्षेत्र के तहत निवेशक सुरक्षा लाभ, विवाद समाधान तंत्र और निवेशक शिकायत निवारण व्यवस्था उपलब्ध नहीं होगी।

हमारी पिछली रिपोर्ट में एनएसई की अखिल सिंह से जुड़ी कथित डब्बा ट्रेडिंग सेवाओं पर जारी चेतावनी का जिक्र किया गया था, जिसमें मोबाइल नंबर, Facebook समूह, APK लिंक और एक वेबसाइट के जरिए अवैध ट्रेडिंग कराने के आरोप सामने आए थे। उस लेख में बताया गया था कि संबंधित व्यक्ति किसी पंजीकृत सदस्य या अधिकृत प्रतिनिधि के रूप में सूचीबद्ध नहीं है और निवेशकों को “Know/Locate your Stock Broker” टूल से सत्यापन की सलाह दी गई थी। साथ ही, डब्बा ट्रेडिंग में भागीदारी पर कड़े कानूनी दंड और निवेशक संरक्षण/शिकायत निवारण तंत्र उपलब्ध न होने जैसे जोखिमों पर भी जोर दिया गया था।

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