ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 34 लाख रुपये की संपत्तियां अस्थायी रूप से कुर्क कीं

ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 34 लाख रुपये की संपत्तियां अस्थायी रूप से कुर्क कीं
ईडी की बड़ी कुर्की

दिल्ली और उत्तर प्रदेश से जुड़ी संपत्तियों पर कार्रवाई के साथ कुसुम और उसके सहयोगियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग जांच का दायरा और बढ़ रहा है। मौजूदा कुर्की के बाद इस मामले में अब तक कुर्क की गई संपत्तियों का कुल मूल्य 2.61 करोड़ रुपये हो गया है।

हाइलाइट्स

  • प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत 34,07,200 रुपये मूल्य की दो अचल संपत्तियां अस्थायी रूप से कुर्क कीं।
  • कुर्क संपत्तियों में रोहिणी (दिल्ली) का 9,07,200 रुपये का आवासीय फ्लैट और अलीगढ़ (उत्तर प्रदेश) की 25 लाख रुपये की कृषि भूमि शामिल है।
  • ईडी ने इससे पूर्व 28 मार्च 2026 के आदेश से 2,26,96,928 रुपये की 12 संपत्तियां कुर्क कर 30 मार्च 2026 को अभियोजन शिकायत दाखिल की थी।

कुर्की की कार्रवाई और जांच के आधार

जैसा कि प्रवर्तन निदेशालय के अनुसार बताया गया है, दिल्ली जोनल कार्यालय-द्वितीय ने धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 की धारा 5(1) के तहत 34,07,200 रुपये मूल्य की दो अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क किया है। यह कार्रवाई कुसुम और उसके सहयोगियों के खिलाफ चल रही मनी लॉन्ड्रिंग जांच में की गई है।

कुर्क की गई संपत्तियों में रोहिणी, दिल्ली स्थित कुसुम के नाम पर एक आवासीय फ्लैट और उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में उसके भाई हरिओम राघव के नाम पर कृषि भूमि शामिल है। जांच की शुरुआत दिल्ली पुलिस द्वारा नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्स्टांसेज अधिनियम, 1985 के तहत दर्ज प्राथमिकी के आधार पर हुई, जिनमें सुल्तानपुरी थाने में दर्ज मामला भी शामिल है। ये मामले कथित तौर पर हेरोइन, जिसे आम तौर पर स्मैक कहा जाता है, समेत मादक पदार्थों के कब्जे, आपूर्ति और बिक्री से जुड़े हैं।

ईडी का कहना है कि कथित मादक पदार्थ कारोबार से पैदा नकदी को परिवार के सदस्यों और बैंक खातों, जिनमें एक स्वामित्व फर्म का खाता भी शामिल है, के जरिए प्रवाहित किया गया। एजेंसी के अनुसार, बिना किसी वास्तविक व्यावसायिक लेनदेन के तीसरे पक्षों से बैंक ट्रांसफर के बदले नकदी का आदान-प्रदान भी किया गया और बाद में इन्हीं धनराशियों का इस्तेमाल अचल संपत्तियां खरीदने में किया गया।

पहले की कुर्की और मामले का व्यापक असर

जांच में जिन संपत्तियों की पहचान की गई है, उनमें रोहिणी के सेक्टर-2 स्थित डीडीए जनता फ्लैट्स में ग्राउंड फ्लोर का एक फ्लैट, जिसकी कीमत 9,07,200 रुपये बताई गई है, और अलीगढ़ के गोधा क्षेत्र में 0.2535 हेक्टेयर कृषि भूमि, जिसकी कीमत 25 लाख रुपये है, शामिल हैं। एजेंसी ने इन दोनों संपत्तियों को कथित मादक पदार्थ कारोबार से अर्जित आय से खरीदा गया मानते हुए अस्थायी रूप से कुर्क किया है।

इससे पहले ईडी 28 मार्च 2026 के अस्थायी कुर्की आदेश संख्या 09/2026 के जरिए 2,26,96,928 रुपये मूल्य की 12 अचल संपत्तियां कुर्क कर चुकी है। एजेंसी ने 30 मार्च 2026 को रोहिणी स्थित विशेष पीएमएलए अदालत के समक्ष कुसुम के खिलाफ अभियोजन शिकायत भी दायर की थी।

मामला मादक पदार्थ कारोबार से जुड़े धन के कथित रूप से औपचारिक वित्तीय तंत्र और परिजनों के नाम पर संपत्ति खरीद में इस्तेमाल होने की जांच को रेखांकित करता है। ईडी ने कहा है कि मामले में आगे की जांच जारी है।

बिहार में धान खरीद और कस्टम मिल्ड राइस (CMR) आपूर्ति से जुड़ी कथित अनियमितताओं के मामले में हम पहले बता चुके हैं कि प्रवर्तन निदेशालय ने PMLA, 2002 के तहत Arena Food and Agro Industries और उससे जुड़े लोगों की 1.09 करोड़ रुपये से अधिक की अचल संपत्तियां अस्थायी रूप से कुर्क की थीं। जांच में आरोप था कि तय मात्रा के बजाय कम CMR आपूर्ति कर नुकसान पहुंचाया गया और कथित अपराध की आय को पारिवारिक इकाइयों/खातों के जरिए घुमाकर संपत्तियां बनाई गईं, जिस पर आगे की जांच जारी बताई गई थी।

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