ट्वीट लेखक द्वारा हटा दिया गया था.
लेकिन हमने सब कुछ सहेज लिया 🙂.
Sridhar Vembu, Zoho Corporation के सीईओ, ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते प्रभाव पर ठोस टिप्पणी की। उनका मानना है कि यदि आत्ममूल्य या तो आर्थिक योगदान या बौद्धिक श्रेष्ठता से निर्धारित होता है, तो AI मानव आत्मसम्मान के लिए गंभीर चुनौती बन सकता है। Vembu ने जोर देते हुए कहा कि ''AI जैसी उन्नत तकनीकों के बावजूद देखभाल, बच्चों की शिक्षा और अन्य मानवीय कार्यों की महत्ता बरकरार है''। विशेषज्ञों के अनुसार, AI की तीव्र प्रगति पेशेवर भूमिकाओं को पुनर्परिभाषित कर सकती है, जबकि देखभाल संबंधी क्षेत्रों में मानवीय सहभागिता आवश्यक बनी रहेगी।
Vembu की ताजातरीन टिप्पणियां उनके दृष्टिकोण की निरंतरता को रेखांकित करती हैं, जैसा कि उनकी मानसिक शक्ति और तकनीक के प्रभाव पर गहराई से की गई विश्लेषणात्मक समीक्षा में भी परिलक्षित हुआ था (मानसिक शक्ति की अनोखी विधि). साथ ही, सॉफ्टवेयर कंपनियों की भूमिका और तकनीकी प्रगति के आर्थिक प्रभाव पर उनकी चर्चित रिपोर्ट ने भी पेशेवर भूमिकाओं के बदलते स्वरूप को उजागर किया था (सॉफ्टवेयर शेयरों की अधिक मूल्यांकन पर चर्चा).