Rajeev Mantri ने आंतरिक सुधारों पर जोर देते हुए घरेलू वृद्धि को समाधान बताया

Rajeev Mantri ने आंतरिक सुधारों पर जोर देते हुए घरेलू वृद्धि को समाधान बताया
Rajeev Mantri ने सुधारों को बताया समाधान

Rajeev Mantri ने ट्वीट में अंतरराष्ट्रीय परिवेश में गत 3-4 वर्षों में तेजी से आए बदलावों को रेखांकित किया। Mantri का मानना है कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों के मद्देनज़र, भारत जैसे देश को सतत वृद्धि सुनिश्चित करने के लिए आंतरिक सुधारों की दिशा में अपनी नीतियों को दोगुना गति देनी चाहिए। उन्होंने घरेलू नेतृत्व वाले विकास को एकमात्र व्यावहारिक समाधान बताया, साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय परिवेश में बदलाव प्रत्याशित हैं और इन पर निर्भरता सीमित रखनी होगी। विशेषज्ञों की राय में, ऐसे दृष्टिकोण से दीर्घकाल में अर्थव्यवस्था को अधिक स्थिरता मिल सकती है।

Earlier this year, Rajeev Mantri highlighted the need to address key supply-side structural barriers in a market commentary. He has previously examined shifts in economic policy in West Bengal, focusing on the impact of institutional change on local growth trajectories in a separate analysis. Mantri’s recent statements build on these themes of policy-driven domestic development.

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