Sanjeev Sanyal ने अर्थव्यवस्था में तेज़ निकासी व्यवस्था की आवश्यकता को रेखांकित किया

Sanjeev Sanyal ने अर्थव्यवस्था में तेज़ निकासी व्यवस्था की आवश्यकता को रेखांकित किया
Sanjeev Sanyal ने तेज़ निकासी को बताया जरूरी

Sanjeev Sanyal ने डॉ. एमएस साहू और राघव पांडेय की टिप्पणी का हवाला देते हुए बताया कि नवाचार और जोखिम लेने पर आधारित मजबूत अर्थव्यवस्था के लिए तेज़ निकासी व्यवस्था आवश्यक है। दोनों विशेषज्ञों के अनुसार, रचनात्मक विनाश को बढ़ावा देने में यह व्यवस्था महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। हालांकि, समाजवादी युग के 'सिक उद्योग पुनर्जीवन' की अवधारणा अब भी नीतियों में गहराई से स्थापित है, जो अर्थव्यवस्था की गति में बाधा बन रही है। विशेषज्ञों ने नियामकीय ढांचे में सुधार और समयबद्ध निष्कासन को प्रोत्साहित करने की सलाह दी है, ताकि भारतीय उद्योग संरचना में प्रतिस्पर्धा और नवाचार को प्रोत्साहन मिल सके।

Sanjeev Sanyal has previously emphasized the importance of high-growth strategies for Indian states, referencing broader policy challenges in a discussion on state-level growth. He has also commented on procedural reforms, citing recent changes in IEPFA process administration. These views align with his continued focus on regulatory improvements to enhance competitiveness.

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