ट्वीट लेखक द्वारा हटा दिया गया था.
लेकिन हमने सब कुछ सहेज लिया 🙂.
Radhika Gupta ने ट्वीट में कहा है कि भारत में प्रजनन दर प्रतिस्थापन दर से नीचे पहुंच गई है, जिससे देश की जनसंख्या दीर्घकालिक रूप से स्थिर या कम हो सकती है। इसका अर्थ है कि अब भारत में जन्म लेने वाले बच्चों की संख्या भविष्य में जनसंख्या को बनाए रखने के लिए पर्याप्त नहीं है। हालांकि, देश की युवा आबादी के कारण फिलहाल आर्थिक गतिविधियों में गतिशीलता बनी हुई है। विशेषज्ञ मानते हैं कि यह संकेत भारत के श्रम बाजार, सरकारी योजनाओं और सामाजिक सुरक्षा नीतियों पर बड़े बदलाव की आवश्यकता की ओर इशारा करता है। आर्थिक विशेषज्ञों का सुझाव है कि सरकार को शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल विकास जैसे क्षेत्रों पर निवेश बढ़ाना चाहिए ताकि डेमोग्राफिक परिवर्तन के प्रभाव को संतुलित किया जा सके।
Gupta has previously emphasized the importance of long-term investing in systematic investment plans, citing benefits over five to ten years in a recent analysis. She has also discussed growing interest in SIFs and hybrid funds within the domestic market, highlighting increased activity in these segments in other commentary. These insights provide additional context for understanding her latest views on demographic change and its economic implications.