ट्वीट लेखक द्वारा हटा दिया गया था.
लेकिन हमने सब कुछ सहेज लिया 🙂.
भारत और चीन 1990 में समान आर्थिक बिंदु पर थे, पर अब चीन की GDP भारत से लगभग पांच गुना अधिक है। इस अंतर के पीछे के कारणों पर हार्ष गोयनका ने ट्वीट किया।
वह बताते हैं कि चीन की त्वरित औद्योगिकरण नीति और प्रभावी आर्थिक सुधारों ने उनकी अर्थव्यवस्था को तेजी से विकसित करने में मदद की। चीन के आर्थिक चमत्कार के विपरीत, भारत ने संरचनात्मक बदलावों और नीतिगत सुधारों में देरी की।
विशेषज्ञ मानते हैं कि इस दौरान चीन ने अपने आर्थिक लक्ष्यों के प्रति सतत व सुसंगत दृष्टिकोण बनाए रखा और विदेशी निवेश को आकर्षित किया। उन्होंने ''भारत की राजनैतिक निर्णय प्रक्रिया'' की धीमी गति को इसका मुख्य कारण बताया।
चीन की त्वरित नीतिगत पहल और औद्योगिकरण के लाभों पर चर्चा करते हुए, विशेषज्ञों की राय सामने आती है कि सामाजिक स्वीकार्यता और राजनैतिक प्रक्रिया का प्रभाव इन बदलावों में अहम भूमिका निभाता है। ऐसे ही दृष्टिकोण सामाजिक स्वीकार्यता के विमर्श में भी देखे गए हैं, जहाँ पारस्परिक सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया गया था। इसके अलावा, नेतृत्व की सोच और दूरदृष्टि कैसे निर्णायक बनती है, यह रॉयल चैलेंजर्स की रणनीतियों की चर्चा में भी उल्लेखित हुआ था, जो भारत-चीन के आर्थिक अंतर को समझने में और गहराई जोड़ता है।