GIFT IFSC में सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के लिए कारोबारी अवसरों पर चर्चा को आगे बढ़ाने के लिए IFSCA PSE Summit 2024 आयोजित करने जा रहा है। यह आयोजन सरकारी अधिकारियों, वित्तीय क्षेत्र के प्रतिनिधियों और उद्योग विशेषज्ञों को एक मंच पर लाकर नियामकीय ढांचे, अंतरराष्ट्रीय बाजार पहुंच और परिचालन क्षमता पर फोकस करता है।
हाइलाइट्स
- IFSCA GIFT IFSC में शिखर सम्मेलन सार्वजनिक sector enterprises के लिए GIFT IFSC ढांचे के तहत व्यापारिक अवसरों का आकलन और चर्चा करेगा।
- ONGC Videsh, Indian Oil Corporation और Air India के case studies के जरिए सफल वित्तीय मॉडल और रणनीतियां सम्मेलन में प्रस्तुत की जाएंगी।
- IFSCA, India INX और Ernst & Young के वक्ता नियामकीय परिदृश्य व रुझानों पर जानकारी साझा करेंगे, जिससे PSEs की अंतरराष्ट्रीय भागीदारी और समन्वय बढ़ाने का लक्ष्य है।
GIFT IFSC में अवसरों पर फोकस
जैसा कि IFSCA के अनुसार, यह शिखर सम्मेलन GIFT IFSC ढांचे के भीतर सार्वजनिक sector enterprises के लिए उपलब्ध व्यावसायिक अवसरों का आकलन और चर्चा करने के लिए आयोजित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य वित्तीय सेवाओं के क्षेत्र में सहयोग और नवाचार को बढ़ावा देना है, खासकर GIFT City में।कार्यक्रम में सरकार, वित्त और उद्योग से जुड़े प्रमुख हितधारक शामिल होने जा रहे हैं। IFSCA इस मंच के जरिये अलग-अलग संस्थानों और उपक्रमों के बीच तालमेल मजबूत करने तथा PSEs की अंतरराष्ट्रीय भागीदारी को प्रोत्साहित करने पर जोर देता है.
प्रस्तुतियों और उद्योग प्रभाव की रूपरेखा
सम्मेलन के दौरान ONGC Videsh, Indian Oil Corporation और Air India जैसे संगठनों के case studies पेश किए जाएंगे, जिनके माध्यम से सफल मॉडलों और रणनीतियों को रेखांकित किया जाएगा। साथ ही IFSCA, India INX और Ernst & Young के वक्ता वित्तीय परिदृश्य में रुझानों और अवसरों पर अपने विचार साझा करेंगे।यह शिखर सम्मेलन PSEs को प्रभावित करने वाले नियामकीय ढांचे पर अद्यतन जानकारी देने के साथ विभिन्न क्षेत्रों के बीच व्यावहारिक समन्वय बढ़ाने का मंच बनता है। IFSCA का लक्ष्य इस प्रक्रिया के माध्यम से PSEs की परिचालन क्षमता बढ़ाना और उन्हें अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अधिक सक्रिय भागीदारी के लिए सक्षम बनाना है।
MSME और ट्रांसशिपमेंट के जरिए भारत के एयर कार्गो नेटवर्क के विस्तार पर हमारी पिछली रिपोर्ट में बताया गया था कि अगली वृद्धि बड़े महानगरों से आगे टियर-2 और टियर-3 शहरों के कारोबारों को जोड़ने, डिजिटलीकरण और लागत घटाने पर निर्भर करेगी। लेख में Air Cargo Policy 2.0, प्रस्तावित National Air Cargo Community System, और bonded trucking जैसे मॉडलों के माध्यम से एंड-टू-एंड प्रोसेसिंग व परिचालन दक्षता बढ़ाने की जरूरत को रेखांकित किया गया था।
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