RBI ने REITs और InvITs को ऋण देने के लिए अंतिम संशोधन निर्देश जारी किए

RBI ने REITs और InvITs को ऋण देने के लिए अंतिम संशोधन निर्देश जारी किए
RBI के नए ऋण दिशा-निर्देश

भारतीय रिजर्व बैंक ने REITs और InvITs को ऋण देने के ढांचे में बदलाव को अंतिम रूप देते हुए नए संशोधन निर्देश जारी किए हैं। यह कदम बैंकों के लिए ऐसे एक्सपोजर पर प्रूडेंशियल सुरक्षा उपायों को स्पष्ट करता है और अलग-अलग संस्थानों पर लागू नियमों के समन्वय को आगे बढ़ाता है।

हाइलाइट्स

  • RBI ने REITs और InvITs को ऋण देने पर अंतिम संशोधन निर्देश जारी किए, जो प्रूडेंशियल सुरक्षा उपायों और नियामकीय सीमा के साथ लागू होंगे।
  • संशोधित निर्देशों में वाणिज्यिक बैंकों, स्मॉल फाइनेंस बैंकों और अखिल भारतीय वित्तीय संस्थानों के लिए क्रेडिट सुविधाओं, कंसंट्रेशन रिस्क मैनेजमेंट और पूंजी पर्याप्तता शामिल हैं।
  • 27 अप्रैल 2026 को जारी मानकीकृत क्रेडिट जोखिम निर्देशों के अनुसार परिसंपत्ति वर्गों में बदलाव 1 अप्रैल 2027 से प्रभावी होंगे, और 2025 प्रकटीकरण नियम यथावत रहेंगे।

नए ऋण ढांचे और नियामकीय बदलाव

RBI की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, केंद्रीय बैंक ने 13 फरवरी 2026 को जारी मसौदा संशोधन निर्देशों पर हितधारकों से मिली प्रतिक्रियाओं की समीक्षा के बाद अंतिम संशोधन निर्देश जारी किए हैं। मसौदे में वाणिज्यिक बैंकों को REITs को ऋण सुविधा देने की अनुमति देने का प्रस्ताव था, बशर्ते उपयुक्त प्रूडेंशियल सुरक्षा उपाय लागू हों, जिनमें REITs पर एक्सपोजर की नियामकीय सीमा भी शामिल है।

RBI ने कहा कि InvITs को ऋण देने संबंधी मौजूदा दिशानिर्देशों, जो वाणिज्यिक बैंकों, स्मॉल फाइनेंस बैंकों और अखिल भारतीय वित्तीय संस्थानों पर लागू होते हैं, को भी REITs के लिए तय प्रूडेंशियल सुरक्षा उपायों के अनुरूप समन्वित किया जा रहा है। प्राप्त फीडबैक के आधार पर किए गए संशोधन अंतिम निर्देशों में शामिल कर दिए गए हैं और फीडबैक पर एक विवरण परिशिष्ट में दिया गया है।

जारी संशोधनों में वाणिज्यिक बैंकों की क्रेडिट सुविधाएं, कंसंट्रेशन रिस्क मैनेजमेंट, पूंजी पर्याप्तता के प्रूडेंशियल मानदंड, स्मॉल फाइनेंस बैंकों की क्रेडिट सुविधाएं और अखिल भारतीय वित्तीय संस्थानों की क्रेडिट सुविधाएं शामिल हैं। ये सभी 2026 के संशोधन निर्देशों के रूप में अधिसूचित किए गए हैं।

बैंकों और निवेश ढांचे पर प्रभाव

इन बदलावों से सूचीबद्ध ट्रस्ट संरचनाओं को वित्तपोषण देने के लिए एक अधिक स्पष्ट नियामकीय आधार मिलता है, जबकि बैंकों के लिए जोखिम नियंत्रण की शर्तें भी समानांतर रूप से तय की जाती हैं। इससे REITs और InvITs के लिए ऋण उपलब्धता के ढांचे में अधिक एकरूपता आने की संभावना है।

RBI ने यह भी स्पष्ट किया कि 27 अप्रैल 2026 को जारी क्रेडिट जोखिम के लिए मानकीकृत दृष्टिकोण संबंधी निर्देशों के कारण परिसंपत्ति वर्गों में 1 अप्रैल 2027 से बदलाव प्रभावी होंगे। इसी वजह से, मसौदा निर्देशों के समय प्रस्तावित भारतीय रिजर्व बैंक (वाणिज्यिक बैंक, वित्तीय विवरण: प्रस्तुति और प्रकटीकरण), 2025 में फिलहाल संशोधन नहीं करने का निर्णय लिया गया है।

हमारी पिछली रिपोर्ट में जून में Indian Bank, HDFC Bank, Canara Bank, Punjab National Bank और IndusInd Bank की लाभांश रिकॉर्ड तिथियों और प्रति शेयर भुगतान विवरण पर फोकस किया गया था। उस लेख में बताया गया था कि रिकॉर्ड तिथियों के आसपास ट्रेडिंग गतिविधि बढ़ सकती है और लाभांश घोषणाएं बैंकों की पूंजी स्थिति व शेयरधारक प्रतिफल रणनीति का संकेत देती हैं।

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