RBI की मनी मार्केट परिचालन रिपोर्ट में 14 जुलाई को शुद्ध तरलता अवशोषण दिखा
भारत के अल्पकालिक धन बाजार में 14 जुलाई 2026 को ओवरनाइट खंड का कुल एक-पक्षीय कारोबार 6,51,261.72 करोड़ रुपये दर्ज होता है। इसी दिन RBI की तरलता समायोजन सुविधाओं के तहत शुद्ध तरलता अवशोषण 1,48,792.18 करोड़ रुपये पर रहता है, जो बैंकिंग प्रणाली में अधिशेष धनराशि की स्थिति को रेखांकित करता है।
हाइलाइट्स
- 14 जुलाई को RBI के मनी मार्केट ऑपरेशंस में शुद्ध तरलता अवशोषण 1,58,876.00 करोड़ रुपये और कुल शुद्ध तरलता स्थिति ऋणात्मक 1,48,792.18 करोड़ रुपये रही।
- ओवरनाइट सेगमेंट में ट्राइपार्टी रेपो ₹4,42,650.85 करोड़, मार्केट रेपो ₹1,78,336.51 करोड़ और कॉल मनी ₹22,662.51 करोड़ पर, औसत दर 5.13 प्रतिशत दर्ज हुई।
- अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों की RBI के पास नकद शेषराशि 7,68,838.88 करोड़ रुपये रही, जबकि औसत दैनिक नकद आरक्षित आवश्यकता 7,98,115.00 करोड़ रुपये रिकॉर्ड हुई।
14 जुलाई के बाजार परिचालन और RBI आंकड़े
RBI की प्रेस विज्ञप्ति 2026-2027/670 के अनुसार, ओवरनाइट सेगमेंट में भारित औसत दर 5.13 प्रतिशत रहती है, जबकि कुल दायरा 4.00 प्रतिशत से 6.30 प्रतिशत के बीच दर्ज होता है। इस खंड में कॉल मनी का कारोबार 22,662.51 करोड़ रुपये, ट्राइपार्टी रेपो 4,42,650.85 करोड़ रुपये, मार्केट रेपो 1,78,336.51 करोड़ रुपये और कॉरपोरेट बॉन्ड में रेपो 7,611.85 करोड़ रुपये रहता है।टर्म सेगमेंट में नोटिस मनी 60.50 करोड़ रुपये पर 5.13 प्रतिशत की भारित औसत दर के साथ दर्ज होती है। टर्म मनी में 267.00 करोड़ रुपये का कारोबार 5.50 प्रतिशत से 5.70 प्रतिशत के दायरे में होता है, जबकि ट्राइपार्टी रेपो 6,871.50 करोड़ रुपये और मार्केट रेपो 469.76 करोड़ रुपये पर दर्ज होते हैं।
तरलता समायोजन सुविधा, सीमांत स्थायी सुविधा और स्थायी जमा सुविधा के तहत 14 जुलाई के एक-दिवसीय परिचालन में MSF के माध्यम से 201.00 करोड़ रुपये 5.50 प्रतिशत पर उपलब्ध कराए जाते हैं। वहीं SDF के तहत 1,59,077.00 करोड़ रुपये 5.00 प्रतिशत पर अवशोषित किए जाते हैं, जिससे दिन के परिचालन से शुद्ध तरलता अवशोषण 1,58,876.00 करोड़ रुपये निकलता है।
RBI से स्टैंडिंग लिक्विडिटी फैसिलिटी के तहत 10,083.82 करोड़ रुपये का उपयोग दर्ज होता है। बकाया परिचालनों सहित कुल शुद्ध तरलता स्थिति 14 जुलाई को ऋणात्मक 1,48,792.18 करोड़ रुपये पर रहती है।
बैंकिंग प्रणाली और दर संकेतों पर असर
यह रुझान दिखाता है कि बैंकिंग प्रणाली में अल्पकालिक फंडिंग का बड़ा हिस्सा अब भी ट्राइपार्टी और मार्केट रेपो जैसे सुरक्षित साधनों में केंद्रित रहता है। कॉल मनी का अपेक्षाकृत छोटा आकार यह भी संकेत देता है कि बिना जमानत वाले उधार की तुलना में प्रतिभूति-समर्थित उधारी को प्राथमिकता मिलती है।अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों की RBI के पास नकद शेषराशि 14 जुलाई 2026 को 7,68,838.88 करोड़ रुपये दर्ज होती है, जबकि 15 जुलाई 2026 को समाप्त पखवाड़े के लिए औसत दैनिक नकद आरक्षित आवश्यकता 7,98,115.00 करोड़ रुपये रहती है। सरकार की अधिशेष नकद शेषराशि नीलामी प्रयोजन के लिए शून्य दर्ज होती है, जबकि 15 जून 2026 तक शुद्ध टिकाऊ तरलता अधिशेष 4,82,130.00 करोड़ रुपये बताया गया है।
हमारी पिछली रिपोर्ट में NSE के निफ्टी फैक्टर/थीमैटिक सूचकांकों में प्रस्तावित पुनर्संतुलन पर चर्चा की गई थी, जो J.B. Chemicals & Pharmaceuticals Ltd. के Torrent Pharmaceuticals Ltd. में विलय के बाद 17 जुलाई 2026 से प्रभावी होना है। उस लेख में बताया गया था कि विभिन्न निफ्टी सूचकांकों में नए समावेशन/बहिष्करण से इंडेक्स फंड, ETF और डेरिवेटिव उत्पादों को ट्रैक करने वाले निवेशकों पर सीधा असर पड़ सकता है।
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