आरबीआई के मनी मार्केट परिचालन में 18 जून को शुद्ध तरलता अवशोषण दर्ज
भारतीय मुद्रा बाजार में 18 जून 2026 को ओवरनाइट खंड का कुल एक-तरफा कारोबार 6,66,232.85 करोड़ रुपये रहा, जिसमें भारित औसत दर 5.09 प्रतिशत रही। उसी दिन आरबीआई के आज के परिचालनों से 1,91,642 करोड़ रुपये की शुद्ध तरलता निकासी दिखी, जबकि कुल बकाया परिचालनों सहित प्रणाली में शुद्ध तरलता 19,163.11 करोड़ रुपये के अवशोषण पर रही।
हाइलाइट्स
- 18 जून को ओवरनाइट मनी मार्केट में कुल वॉल्यूम 6,66,232.85 करोड़ रुपये रहा, जबकि भारित औसत दर 5.09 प्रतिशत रही।
- आरबीआई ने एक दिन की एसडीएफ नीलामी में 1,91,670 करोड़ रुपये 5.00 प्रतिशत पर पार्क किए और एमएसएफ के तहत 28 करोड़ रुपये 5.50 प्रतिशत पर लिए।
- आज के और बकाया परिचालन मिलाकर शुद्ध तरलता 19,163.11 करोड़ रुपये का अवशोषण हुआ, जिससे नकद शेष 8,12,360.40 करोड़ रुपये रहा।
18 जून के बाजार परिचालन और दरें
आरबीआई की प्रेस विज्ञप्ति 2026-2027/490 के अनुसार, ओवरनाइट सेगमेंट में कॉल मनी, ट्राइपार्टी रेपो, मार्केट रेपो और कॉरपोरेट बॉन्ड में रेपो सहित कुल वॉल्यूम 6,66,232.85 करोड़ रुपये रहा। इस खंड में भारित औसत दर 5.09 प्रतिशत और दायरा 4.00 प्रतिशत से 5.50 प्रतिशत रहा।कॉल मनी में 18,500.97 करोड़ रुपये का कारोबार 5.33 प्रतिशत की भारित औसत दर पर हुआ। ट्राइपार्टी रेपो में 4,87,821.15 करोड़ रुपये, मार्केट रेपो में 1,53,230.78 करोड़ रुपये और कॉरपोरेट बॉन्ड में रेपो में 6,679.95 करोड़ रुपये का कारोबार दर्ज हुआ, जिनकी भारित औसत दरें क्रमशः 5.04 प्रतिशत, 5.18 प्रतिशत और 5.36 प्रतिशत रहीं।
टर्म सेगमेंट में नोटिस मनी का वॉल्यूम 713.10 करोड़ रुपये रहा और इसकी भारित औसत दर 5.73 प्रतिशत रही। टर्म मनी में 296 करोड़ रुपये का कारोबार 5.55 प्रतिशत से 6.60 प्रतिशत के दायरे में हुआ, जबकि ट्राइपार्टी रेपो 5,290 करोड़ रुपये और मार्केट रेपो 445.24 करोड़ रुपये रहा।
तरलता स्थिति और बैंकिंग प्रणाली पर असर
आज के आरबीआई परिचालनों में एक दिन की एसडीएफ नीलामी के तहत 1,91,670 करोड़ रुपये 5.00 प्रतिशत पर रखे गए, जबकि एमएसएफ के तहत 28 करोड़ रुपये 5.50 प्रतिशत पर लिए गए। इससे दिन के परिचालनों से शुद्ध तरलता 1,91,642 करोड़ रुपये का अवशोषण दिखाती है।बकाया परिचालनों में 17 जून और 16 जून की वैरिएबल रेट रेपो नीलामियों के तहत क्रमशः 50,016 करोड़ रुपये, 22,284 करोड़ रुपये और 89,440 करोड़ रुपये लंबित रहे। स्टैंडिंग लिक्विडिटी फैसिलिटी के तहत आरबीआई से 10,738.89 करोड़ रुपये की सुविधा भी ली गई, जिससे बकाया परिचालनों से शुद्ध तरलता प्रवाह 1,72,478.89 करोड़ रुपये का इंजेक्शन रहा।
आज के और बकाया परिचालनों को मिलाकर शुद्ध तरलता 19,163.11 करोड़ रुपये का अवशोषण दिखाती है। 18 जून 2026 तक अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों की आरबीआई के पास नकद शेष 8,12,360.40 करोड़ रुपये रहा, जो 30 जून 2026 को समाप्त पखवाड़े के लिए 8,01,069 करोड़ रुपये की औसत दैनिक नकद आरक्षित आवश्यकता से ऊपर है।
हमारी पिछली रिपोर्ट में USD/INR में 0.52% की गिरावट और जोड़ी के MA-20 व MA-50 के नीचे रहने, लेकिन MA-200 के ऊपर बने रहने की स्थिति पर चर्चा की गई थी। उस विश्लेषण में तकनीकी संकेतकों के आधार पर अल्पकालिक दबाव के साथ ओवरसोल्ड ज़ोन से संभावित रिबाउंड की संभावना बताई गई थी, जबकि ₹93.86–₹94.88 का दायरा और ₹94.88 का रेजिस्टेंस प्रमुख स्तर के रूप में सामने आया था।
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