तरलता की मौजूदा और बदलती स्थितियों के बीच भारतीय रिजर्व बैंक ने 22 जून 2026 को लिक्विडिटी एडजस्टमेंट फैसिलिटी के तहत ओवरनाइट वैरिएबल रेट रेपो नीलामी कराने का फैसला किया है। यह नीलामी 1.25 लाख करोड़ रुपये की होगी और इसका रिवर्सल 23 जून 2026 को निर्धारित है।
हाइलाइट्स
- RBI 22 जून 2026 को 1.25 लाख करोड़ रुपये की ओवरनाइट VRR नीलामी सुबह 9:30 से 10:00 बजे तक आयोजित करेगा।
- नीलामी की अधिसूचित राशि 1,25,000 करोड़ रुपये है और इसका रिवर्सल 23 जून 2026 को होगा, दिशा-निर्देश वही रहेंगे।
- इस नीलामी से बैंकिंग प्रणाली की शॉर्ट-टर्म लिक्विडिटी जरूरतें और मनी मार्केट रेट्स नीति दायरे में स्थिर रखने की उम्मीद है।
नीलामी का आकार और समय-सारिणी
RBI की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, यह ओवरनाइट VRR नीलामी सोमवार, 22 जून 2026 को सुबह 9:30 बजे से 10:00 बजे तक आयोजित की जाएगी। अधिसूचित राशि 1,25,000 करोड़ रुपये रखी गई है और इसकी अवधि एक दिन की होगी।
केंद्रीय बैंक ने कहा है कि इस ऑपरेशन का रिवर्सल मंगलवार, 23 जून 2026 को होगा। नीलामी के परिचालन दिशा-निर्देश 20 जनवरी 2022 की रिजर्व बैंक प्रेस विज्ञप्ति 2021-2022/1572 के समान रहेंगे।
बैंकिंग प्रणाली पर संभावित प्रभाव
यह कदम RBI के अल्पकालिक तरलता प्रबंधन ढांचे का हिस्सा है, जिसके जरिए बैंकिंग प्रणाली में धन की उपलब्धता को मौजूदा जरूरतों के अनुरूप समायोजित किया जाता है। ओवरनाइट VRR नीलामी आम तौर पर तब इस्तेमाल की जाती है जब केंद्रीय बैंक को बहुत कम अवधि के लिए प्रणाली में तरलता समर्थन देना होता है।1.25 लाख करोड़ रुपये के आकार से संकेत मिलता है कि RBI निकट अवधि की फंडिंग स्थितियों पर करीबी नजर रख रहा है। इससे मनी मार्केट दरों को नीति ढांचे के भीतर स्थिर रखने और बैंकों की अल्पकालिक नकदी जरूरतों को संभालने में मदद मिल सकती है।
हमारी पिछली रिपोर्ट में USD/INR की हालिया गिरावट और इसके पीछे के तकनीकी संकेतकों पर चर्चा की गई थी, जहां जोड़ी MA-20 और MA-50 के नीचे रहते हुए भी MA-200 के ऊपर बनी हुई दिखी। उस विश्लेषण में ओवरसोल्ड ऑस्सीलेटर के कारण निकट अवधि में रिबाउंड की संभावना बताई गई थी, साथ ही ₹93.86–₹94.88 के दायरे और ₹94.88 के रेजिस्टेंस को अहम स्तर माना गया था।
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