तमिलनाडु में डीएमके कल्याण वादे बढ़ाती, राजकोषीय दबाव गहराता
तमिलनाडु सरकार के अंतरिम बजट 2026-27 दस्तावेज और मंत्रियों के बयानों के आधार पर, डीएमके का 2026 विधानसभा चुनाव घोषणापत्र मौजूदा कल्याण योजनाओं के बड़े विस्तार पर टिका है, जबकि राज्य पहले से ऊंचे राजस्व घाटे और बढ़ते कर्ज के बीच संतुलन साधने की कोशिश कर रहा है। पार्टी ने रविवार को जारी दस्तावेज में महिलाओं के लिए मासिक सहायता, पेंशन और छात्र लैपटॉप जैसी योजनाओं को बढ़ाने का वादा किया है। यह रुख ऐसे समय सामने आता है जब सरकार 2030-2032 तक 1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य और निवेश आकर्षित करने की महत्वाकांक्षा भी दोहरा रही है।
हाइलाइट्स
- डीएमके ने घोषणापत्र में महिलाओं की मासिक सहायता राशि 1,000 से 2,000 रुपये, वृद्धावस्था पेंशन 2,000 रुपये और महिला समूहों को 5 लाख रुपये ब्याज-मुक्त ऋण देने का वादा किया।
- 2025-26 के संशोधित अनुमान में तमिलनाडु का राजस्व घाटा 69,219 करोड़ रुपये और बकाया कर्ज 31 मार्च 2027 तक 10.71 लाख करोड़ रुपये होने का अनुमान है, जिससे राजकोषीय दबाव बढ़ता है।
- मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने 18 लाख करोड़ रुपये निवेश और आर्थिक आकार बढ़ाने का लक्ष्य रखा है, लेकिन नई लोकलुभावन घोषणाएं राजस्व-सब्सिडी संतुलन को चुनौती देती हैं।
घोषणापत्र में खर्च बढ़ाने वाली प्रमुख प्रतिज्ञाएं
डीएमके ने परिवार की महिला मुखियाओं के लिए मासिक सहायता राशि 1,000 रुपये से बढ़ाकर 2,000 रुपये करने का वादा किया है। पाठ में कहा गया है कि यह योजना पहले से 1.37 करोड़ से अधिक लाभार्थियों तक पहुंचती है, इसलिए इस एक मद पर राज्य की प्रतिबद्ध व्यय राशि प्रभावी रूप से दोगुनी हो सकती है। घोषणापत्र में वृद्धावस्था पेंशन 2,000 रुपये करने और महिला स्वयं सहायता समूहों को 5 लाख रुपये तक ब्याज-मुक्त ऋण देने का भी प्रस्ताव है।शिक्षा और मानव पूंजी के मोर्चे पर पार्टी 35 लाख उच्च शिक्षा छात्रों को लैपटॉप देने की बात करती है। यह लक्ष्य राज्य सरकार की शुरुआती 2026 की 20 लाख लैपटॉप योजना से बड़ा है और इससे खरीद लागत पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। दस्तावेज में निओ टिडेल पार्क स्थापित कर रोजगार बढ़ाने, खासकर प्रौद्योगिकी क्षेत्र में अवसर विस्तार, का भी वादा किया गया है।बजट संकेतकों से बढ़ती राजकोषीय चुनौती
तमिलनाडु के अंतरिम बजट 2026-27 के अनुसार 2025-26 के संशोधित अनुमान में राजस्व घाटा 69,219 करोड़ रुपये तक पहुंचता है। 2026-27 के अंतरिम बजट अनुमान में यह 48,696 करोड़ रुपये दिखाया गया है, लेकिन पाठ के अनुसार नई घोषणाएं लागू होने पर इस पर ऊपर की ओर दबाव बन सकता है। राज्य का बकाया कर्ज 31 मार्च 2027 तक 10.71 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान भी चिंता बढ़ाता है।बजट दस्तावेज दिखाता है कि कुल व्यय 4,67,264 करोड़ रुपये है, जबकि कुल प्राप्तियां 3,45,314 करोड़ रुपये हैं। व्यय संरचना में सब्सिडी और अनुदान, वेतन और ब्याज भुगतान बड़े हिस्से पर कब्जा रखते हैं, जिससे नई लोकलुभावन प्रतिबद्धताओं के लिए वित्तीय गुंजाइश सीमित दिखती है। महिलाओं की कल्याण योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, बिजली सहायता और परिवहन सहायता जैसी मदें पहले से ही राज्य के खर्च ढांचे में महत्वपूर्ण स्थान रखती हैं।विकास लक्ष्य और कल्याण मॉडल के बीच संतुलन
मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन बजट प्रस्तुति में 18 लाख करोड़ रुपये के निवेश आकर्षित करने और अर्थव्यवस्था का आकार बढ़ाने का लक्ष्य रखते हैं। घोषणापत्र इसी विकास कथा को बनाए रखता है, लेकिन साथ ही प्रत्यक्ष नकद हस्तांतरण और मुफ्त सुविधाओं का विस्तार भी प्रस्तावित करता है। इससे 2026 के चुनाव से पहले तमिलनाडु की राजनीति में विकास बनाम कल्याण की बहस और तेज होती है।पाठ के अनुसार एआईएडीएमके की समान नकद सहायता प्रतिज्ञा के बाद डीएमके का कदम राजनीतिक प्रतिस्पर्धा से भी जुड़ा दिखता है। अल्पकाल में ये वादे उपभोग और सामाजिक समर्थन को बढ़ा सकते हैं, लेकिन दीर्घकाल में उनकी सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि राज्य राजस्व वृद्धि को कर्ज और सब्सिडी बोझ से तेज रख पाता है या नहीं। अगर ऐसा नहीं होता, तो बड़े आर्थिक लक्ष्य कल्याण प्रतिबद्धताओं के वित्तपोषण के दबाव में आ सकते हैं।हमने पहले तमिलगा वेत्रि कझगम (टीवीके) के प्रमुख सी जोसेफ विजय द्वारा तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के लिए उम्मीदवार सूची जारी करने और पेरंबूर व तिरुचिरापल्ली ईस्ट से चुनाव लड़ने के ऐलान पर रिपोर्ट किया था। उस रिपोर्ट में डीएमके और एआईएडीएमके के खिलाफ मुकाबले की रूपरेखा, प्रमुख सीटों पर कोर टीम को उतारकर संगठनात्मक विस्तार और राज्य की राजनीति में नई पार्टी की सीधी चुनावी चुनौती को रेखांकित किया गया था।
नवीनतम सामाजिक नीति समाचार
- Forex
- Crypto