केरल, असम, पुडुचेरी में 9 अप्रैल को एक चरण का मतदान

केरल, असम, पुडुचेरी में 9 अप्रैल को एक चरण का मतदान
9 अप्रैल को मतदान

चुनाव कार्यक्रम के अनुसार केरल, असम और पुडुचेरी की 400 से अधिक विधानसभा सीटों पर 9 अप्रैल को एक ही चरण में मतदान शुरू होता है। मतदान सुबह 7 बजे से शुरू होकर शाम 6 बजे तक चलने की उम्मीद है, जबकि चुनाव आयोग ने सुरक्षा बलों और पर्यवेक्षकों की तैनाती के साथ प्रक्रिया को सुचारु रखने की तैयारी की है। इन तीनों क्षेत्रों में प्रचार मंगलवार शाम समाप्त हो चुका है और अब राजनीतिक दलों की नजर मतदान प्रतिशत और सीट-दर-सीट मुकाबले पर है।

हाइलाइट्स

  • केरल, असम और पुडुचेरी में 9 अप्रैल को एक चरण में सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक मतदान कराया जाएगा, चुनाव आयोग ने व्यापक सुरक्षा प्रबंध किए हैं।
  • केरल में वाम मोर्चा, कांग्रेस गठबंधन और भाजपा-एनडीए के बीच त्रिकोणीय मुकाबला है, जबकि असम में भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने हैं; दोनों राज्यों में मुख्यमंत्री तीसरे कार्यकाल की कोशिश में हैं।
  • पुडुचेरी में एनडीए और कांग्रेस-डीएमके गठबंधन के बीच सीधे मुकाबले और अभिनेता विजय की सक्रियता ने चुनावी प्रतिस्पर्धा बढ़ाई है, वोटों की गिनती 4 मई को होगी।

मतदान कार्यक्रम और प्रशासनिक तैयारी

केरल, असम और पुडुचेरी में मतदान एक ही चरण में कराया जाता है, जिससे 9 अप्रैल चुनावी दृष्टि से अहम दिन बनता है। तीनों क्षेत्रों में मतदान का समय समान रखा गया है, सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक। चुनाव आयोग की ओर से सुरक्षा व्यवस्था, निगरानी और मतदान केंद्रों पर आवश्यक प्रबंध किए गए हैं ताकि प्रक्रिया शांतिपूर्ण और व्यवस्थित रहे।

राज्यों में प्रमुख राजनीतिक मुकाबले

केरल में मुकाबला मुख्य रूप से वाम लोकतांत्रिक मोर्चा, कांग्रेस नीत संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा और भाजपा नीत एनडीए के बीच त्रिकोणीय रूप लेता है। मुख्यमंत्री पिनराई विजयन लगातार तीसरे कार्यकाल की कोशिश में हैं, जबकि विपक्ष की ओर से वी डी सतीशन और रमेश चेन्निथला जैसे नेता सक्रिय हैं। भाजपा की तरफ से के. सुरेंद्रन और सी. रघुनाथ प्रमुख चेहरों में शामिल हैं। असम में लड़ाई मुख्य रूप से भाजपा और कांग्रेस के बीच केंद्रित है, जहां मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा तीसरे कार्यकाल की कोशिश कर रहे हैं और गौरव गोगोई के नेतृत्व में कांग्रेस अपनी स्थिति मजबूत करने का प्रयास कर रही है।

पुडुचेरी और व्यापक चुनावी असर

पुडुचेरी में सत्तारूढ़ एनडीए गठबंधन, एआईएनआरसी-भाजपा, और कांग्रेस-डीएमके गठबंधन के बीच सीधा मुकाबला बनता है। मुख्यमंत्री एन. रंगासामी फिर से जनसमर्थन हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि विपक्ष सत्ता में वापसी के लिए संयुक्त अभियान चला रहा है। अभिनेता से राजनेता बने विजय की राजनीतिक सक्रियता ने भी मुकाबले में अतिरिक्त रुचि पैदा की है। वोटों की गिनती 4 मई को इस महीने मतदान वाले अन्य राज्यों के साथ निर्धारित है, इसलिए इन तीनों क्षेत्रों के नतीजे क्षेत्रीय दलों, राष्ट्रीय गठबंधनों और दक्षिण तथा पूर्वोत्तर भारत के राजनीतिक संतुलन पर असर डालते हैं।

हमने पहले केरल विधानसभा चुनाव से पहले एलडीएफ, यूडीएफ और एनडीए के बीच त्रिकोणीय मुकाबले में विकास मॉडल, बुनियादी ढांचा, पर्यटन और केंद्र-राज्य वित्तीय संबंध जैसे मुद्दों पर तेज होती बहस पर रिपोर्ट किया था। उस रिपोर्ट में 9 अप्रैल की वोटिंग और 4 मई की मतगणना के संदर्भ में यह भी बताया गया था कि अलग-अलग मोर्चे अपने शासन रिकॉर्ड और आर्थिक वादों के जरिए मतदाताओं को साधने की कोशिश कर रहे हैं।

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