Ashutosh Sureka

ED ने झारखंड में संतोष कंस्ट्रक्शन मामले में 3.87 करोड़ रुपये की संपत्तियां अस्थायी रूप से कुर्क कीं

ED ने झारखंड में संतोष कंस्ट्रक्शन मामले में 3.87 करोड़ रुपये की संपत्तियां अस्थायी रूप से कुर्क कीं
ED की बड़ी कार्रवाई

झारखंड के लातेहार में कथित मनी लॉन्ड्रिंग और उगाही से जुड़े मामले में प्रवर्तन कार्रवाई तेज होती है, जिसमें संतोष कंस्ट्रक्शन और उससे जुड़े व्यक्तियों की अचल संपत्तियां निशाने पर हैं। यह कार्रवाई 11 संपत्तियों पर लागू होती है और जांच का दायरा कथित माओवादी हमले, लेवी भुगतान तथा औपचारिक अर्थव्यवस्था में धन के समावेशन तक फैला है।

हाइलाइट्स

  • प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग जांच में M/s Santosh Construction और सहयोगियों की लगभग 3.87 करोड़ रुपये की 11 अचल संपत्तियां अस्थायी रूप से कुर्क कीं।
  • मामला दो FIR और NIA की जांच से जुड़ा है, जिसमें एक 22.11.2019 के माओवादी हमले और दूसरा 5 लाख रुपये की कथित उगाही पर आधारित है।
  • एजेंसी ने अपराध आय लगभग 7.16 करोड़ रुपये आंकी, जिसमें 2.69 करोड़ रुपये नकद बरामद और शेष निवेश व संपत्ति खरीद में लगाया गया।

कुर्की की कार्रवाई और जांच का आधार

Enforcement Directorate के अनुसार, Enforcement Directorate के रांची जोनल कार्यालय ने धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 के तहत लगभग 3.87 करोड़ रुपये मूल्य की अचल संपत्तियां अस्थायी रूप से कुर्क की हैं। यह कार्रवाई M/s Santosh Construction और उसके सहयोगियों, जिनमें Santosh Kumar Singh, Mrityunjay Kumar @ Sonu Singh, Manish Kumar, Baijnath Ganjhu, Rajesh Kumar Ganjhu और Ravindra Ganjhu शामिल हैं, के खिलाफ चल रही मनी लॉन्ड्रिंग जांच में की गई है।

जांच की शुरुआत झारखंड के लातेहार जिले के चंदवा थाने में दर्ज दो FIR के आधार पर हुई, जिन्हें बाद में National Investigation Agency, NIA ने दोबारा दर्ज कर जांच के दायरे में लिया। इनमें एक मामला 22.11.2019 को NH-75 के लुकुइया मोड़ पर हुए माओवादी हमले से जुड़ा है, जिसमें झारखंड पुलिस के चार जवान शहीद हुए थे और हथियार तथा गोला-बारूद लूटे गए थे।

दूसरा मामला 5 लाख रुपये की नकद बरामदगी से जुड़ा है, जिसे जांच एजेंसियां कथित उगाही या लेवी भुगतान मानती हैं। आरोप है कि M/s Santosh Construction के एक भागीदार Mrityunjay Kumar @ Sonu Singh ने यह राशि प्रतिबंधित नक्सली संगठन CPI (Maoist) के लातेहार क्षेत्रीय कमांडर Ravindra Ganjhu को दी थी।

आय के कथित स्रोत और क्षेत्रीय असर

एजेंसी ने इस मामले में अनुसूचित अपराधों से उत्पन्न कुल अपराध आय लगभग 7.16 करोड़ रुपये आंकी है। इसमें से 2.69 करोड़ रुपये नकद NIA ने तलाशी के दौरान बरामद किए थे, जबकि शेष 4.46 करोड़ रुपये को वित्त वर्ष 2017-18 और 2018-19 में फर्म में पूंजी निवेश के रूप में लगाया गया बताया गया है।

जांच में यह भी सामने आया है कि कथित रूप से परतदार तरीके से घुमाए गए धन को झारखंड के लातेहार जिले के मौजा चंदवा और मौजा कामता में 11 अचल संपत्तियां खरीदकर औपचारिक अर्थव्यवस्था में मिलाया गया। ED का कहना है कि इन संपत्तियों की खरीद M/s Santosh Construction, Santosh Kumar Singh, Mrityunjay Kumar @ Sonu Singh और Manish Kumar के नाम पर कम मूल्य दर्शाने वाली बिक्री विलेखों और बहीखातों से बाहर नकद भुगतान के संयोजन से की गई, ताकि बैंकिंग निगरानी से बचा जा सके।

इसी आधार पर एजेंसी ने इन 11 अचल संपत्तियों को अपराध आय या उसके समतुल्य संपत्ति मानते हुए अस्थायी रूप से कुर्क किया है। मामले में आगे की जांच जारी है, जिससे निर्माण क्षेत्र, स्थानीय ठेका गतिविधियों और सुरक्षा-संबंधी संवेदनशील इलाकों में धन प्रवाह की निगरानी पर असर पड़ सकता है।

हमारी पिछली रिपोर्ट में प्रवर्तन निदेशालय की PMLA के तहत रिलायंस होम फाइनेंस (RHFL) और रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस (RCFL) से जुड़े मामले में 1,021 करोड़ रुपये की संपत्तियों की ताजा कुर्की पर बताया गया था। उस लेख में जांच के आधार, सार्वजनिक धन के कथित तौर पर शेल/समूह कंपनियों के जरिए डायवर्जन के आरोप, और समूह से जुड़े मामलों में कुल कुर्क संपत्तियों के बढ़ते आंकड़े के साथ FEMA के तहत चल रही कार्रवाई का संदर्भ भी शामिल था।

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