नोएडा औद्योगिक क्षेत्र में वेतन वृद्धि की मांग पर श्रमिक विरोध से परिचालन और यातायात बाधित
ट्रैफिक पुलिस की एक्स पोस्ट और लेख में उद्धृत प्रशासनिक विवरण के अनुसार, नोएडा फेज 2 में अधिक वेतन की मांग को लेकर श्रमिकों का विरोध सोमवार को हिंसक रूप लेता है, जिससे वाहनों और अन्य संपत्ति को नुकसान पहुंचता है तथा दिल्ली, नोएडा सीमा पर आवाजाही बुरी तरह प्रभावित होती है। प्रदर्शन सुबह शुरू होता है और पथराव, आगजनी तथा भारी जाम में बदल जाता है, जिसके बाद पुलिस क्षेत्र में बड़ी संख्या में बल तैनात करती है। यह असंतोष उत्तर प्रदेश और हरियाणा के न्यूनतम वेतन के बीच बढ़ते अंतर के बीच उभरता है, जिससे नोएडा के औद्योगिक इलाकों में दबाव बढ़ रहा है।
हाइलाइट्स
- हरियाणा द्वारा न्यूनतम वेतन ₹14,000 से ₹19,000 तक बढ़ाने के बाद, नोएडा में लगभग ₹13,000 वेतन के विरोध में श्रमिकों का आंदोलन उग्र होता है।
- नोएडा प्रशासन साप्ताहिक छुट्टी, दोगुना ओवरटाइम भुगतान, 30 नवंबर से पूर्व वार्षिक बोनस और बेहतर श्रमिक सुरक्षा जैसे कई उपाय लागू करने की घोषणा करता है।
- दिल्ली-नोएडा सीमा पर श्रमिक विरोध के कारण एनएच-9 सहित प्रमुख रास्तों पर लंबा जाम और औद्योगिक क्षेत्र में परिचालन में भारी बाधा उत्पन्न होती है।
वेतन अंतर, विरोध और प्रशासनिक प्रतिक्रिया
नोएडा के औद्योगिक क्षेत्र में श्रमिक पिछले दो दिनों से न्यूनतम वेतन बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। लेख के अनुसार, फेज 2 में तनाव तब और बढ़ता है जब हरियाणा मासिक न्यूनतम वेतन को 14,000 रुपये से 19,000 रुपये तक बढ़ाता है, जबकि उत्तर प्रदेश में यह स्तर लगभग 13,000 रुपये के आसपास बना रहता है। इसी अंतर ने स्थानीय श्रमिकों में असंतोष को तेज किया और सोमवार का प्रदर्शन उग्र हो जाता है। लेख में टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा गया है कि नोएडा प्रशासन रविवार को श्रमिकों की शिकायतों को संबोधित करने के लिए कई कदम घोषित करता है। इनमें सभी कर्मचारियों के लिए साप्ताहिक अवकाश अनिवार्य करना, अवकाश या ओवरटाइम पर दोगुना भुगतान, 30 नवंबर से पहले वार्षिक बोनस, हर महीने की 10 तारीख तक वेतन भुगतान, चिकित्सा बीमा, बेहतर सुरक्षा मानक और उत्पीड़न शिकायतों के निपटारे की औपचारिक व्यवस्था शामिल हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, ये फैसले सेक्टर 6 स्थित नोएडा प्राधिकरण कार्यालय में हुई संयुक्त बैठक में अंतिम रूप लेते हैं, जिसमें जिला मजिस्ट्रेट मेधा रूपम, प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी कृष्ण करुणेश, पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह और अन्य अधिकारी शामिल होते हैं। जिला मजिस्ट्रेट मेधा रूपम, जैसा कि रिपोर्ट में कहा गया है, बताती हैं कि प्रशासन पिछले कुछ दिनों से औद्योगिक इकाइयों के साथ बातचीत कर रहा है। कारखानों को अब हर श्रमिक को साप्ताहिक अवकाश देने का निर्देश दिया जाता है, और उस दिन काम लेने पर सामान्य मजदूरी का दोगुना भुगतान करना होगा। यही नियम ओवरटाइम पर भी लागू होता है, जबकि वार्षिक बोनस समयसीमा के भीतर देने और कार्यस्थल पर सम्मानजनक, सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया जाता है।दिल्ली, नोएडा सीमा पर यातायात और उद्योग पर असर
सुबह शुरू हुआ विरोध तेज होने के बाद कई वाहनों में तोड़फोड़ होती है और कम से कम एक वाहन में आग लगा दी जाती है। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस भारी बल तैनात करती है ताकि क्षेत्र में व्यवस्था बहाल की जा सके। इस घटनाक्रम से औद्योगिक गतिविधियों और दफ्तर समय की आवाजाही दोनों पर दबाव बढ़ता है। प्रदर्शन के कारण दिल्ली, नोएडा सीमा पर लंबा जाम लग जाता है और दोनों शहरों को जोड़ने वाले प्रमुख मार्गों पर यातायात लगभग ठहर जाता है। खासकर एनएच-9 और उससे जुड़े मार्गों पर कई किलोमीटर लंबी वाहन कतारें बनती हैं, जिससे यात्रियों को घंटों फंसे रहना पड़ता है। पीक ऑफिस आवर के दौरान यह व्यवधान क्षेत्रीय श्रम विवाद के व्यापक आर्थिक और परिचालन प्रभाव को रेखांकित करता है। ट्रैफिक पुलिस एक्स पर जारी सूचना में पूरी स्क्वायर, संदीप पेपर मिल रोड और सेक्टर 62 राउंडअबाउट से एनआईबी पुलिस पोस्ट की ओर जाने वाले मार्गों पर डायवर्जन की घोषणा करती है। यात्रियों की सहायता के लिए 9971009001 हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया जाता है। यह संकेत देता है कि कानून व्यवस्था के साथ-साथ शहरी गतिशीलता प्रबंधन भी प्रशासन की तत्काल प्राथमिकता बना हुआ है।हमने पहले जेवर के नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास उभरते एरोट्रोपोलिस मॉडल और उससे जुड़े औद्योगिक निवेश, रियल एस्टेट तथा लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम पर रिपोर्ट किया था। उस रिपोर्ट में कनेक्टिविटी, अनुशासित भूमि उपयोग और समयबद्ध बुनियादी ढांचे को दीर्घकालिक सफलता के लिए अहम बताते हुए, जमीन कीमतों में तेजी और बड़े निवेश प्रस्तावों का उल्लेख किया गया था।
नवीनतम परिवहन समाचार
- Forex
- Crypto