नोएडा औद्योगिक क्षेत्र में वेतन वृद्धि की मांग पर श्रमिकों का विरोध तेज
गौतम बुद्ध नगर पुलिस आयुक्तालय के बयान के अनुसार, नोएडा के औद्योगिक इलाकों में जारी श्रमिक विरोध के बीच स्थिति निगरानी में है और प्रशासन श्रमिकों को समझाने के साथ कानून व्यवस्था बनाए रखने की कोशिश कर रहा है। यह आंदोलन ऐसे समय में जारी है जब पड़ोसी हरियाणा में हालिया न्यूनतम वेतन वृद्धि के बाद नोएडा के परिधान और फैक्टरी श्रमिक समान काम के बदले कम आय मिलने का मुद्दा उठा रहे हैं। सोमवार सुबह विरोध के कारण दिल्ली जाने वाले प्रमुख मार्गों पर यातायात बुरी तरह प्रभावित होता है और औद्योगिक गतिविधियों पर भी असर पड़ता है।
हाइलाइट्स
- नोएडा फेज 2 होजरी कॉम्प्लेक्स के हजारों श्रमिक मासिक वेतन को 18,000-20,000 रुपये करने और वर्तमान इंक्रीमेंट को अपर्याप्त बता वेतन असमानता पर विरोध कर रहे हैं।
- सोमवार को हिंसक विरोध के दौरान पथराव, आगजनी और तोड़फोड़ से सेक्टर 60 व औद्योगिक क्षेत्र में यातायात ठप हुआ, प्रशासन ने स्थिति नियंत्रण में होने की पुष्टि की।
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वेतन आंदोलन को औद्योगिक छवि के लिए खतरा बताते हुए इसकी तुलना साजिश से की, लंबा विवाद आपूर्ति शृंखला और निवेश वातावरण को प्रभावित कर सकता है।
वेतन अंतर और श्रमिकों की प्रमुख मांगें
नोएडा के फेज 2 होजरी कॉम्प्लेक्स में हजारों परिधान और फैक्टरी श्रमिक मासिक वेतन बढ़ाकर 18,000 रुपये से 20,000 रुपये करने की मांग कर रहे हैं। श्रमिकों का कहना है कि अकुशल मजदूरों को फिलहाल लगभग 350 रुपये से 435 रुपये प्रतिदिन मिलते हैं, जबकि हरियाणा में हालिया वृद्धि के बाद दैनिक मजदूरी लगभग 580 रुपये से 750 रुपये तक पहुंचने की बात कही जा रही है। इसी अंतर को विरोध की मुख्य वजह बताया जा रहा है, खासकर तब जब दोनों राज्यों में समान निर्यात इकाइयों में काम होता है। श्रमिक मौजूदा 250 रुपये से 350 रुपये के वार्षिक इंक्रीमेंट को अपर्याप्त बताते हैं और कहते हैं कि 11,000 रुपये से 13,000 रुपये की मासिक आय बढ़ती जीवनयापन लागत के लिए पर्याप्त नहीं है। कुछ श्रमिक रसोई गैस सिलेंडर महंगी मिलने की शिकायत भी कर रहे हैं। अतिरिक्त मांगों में ओवरटाइम का दोगुना भुगतान, अनिवार्य साप्ताहिक अवकाश, चिकित्सा कवर और समय पर बोनस वितरण शामिल हैं।हिंसा, यातायात बाधा और प्रशासनिक प्रतिक्रिया
सोमवार को विरोध के दौरान फेज 2 और सेक्टर 60 के कुछ हिस्सों में पथराव, तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं सामने आती हैं। पुलिस के अनुसार, कुछ प्रदर्शनकारी एक वाहन में आग लगाते हैं और कई वाहनों व संपत्तियों को नुकसान पहुंचता है, जिससे सुबह के व्यस्त समय में यातायात ठप हो जाता है। वरिष्ठ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और औद्योगिक क्षेत्रों में अतिरिक्त बल तैनात किया गया है। पुलिस का कहना है कि स्थिति नियंत्रण में है, लगातार निगरानी की जा रही है और शांति बनाए रखने के लिए जहां जरूरी है, वहां न्यूनतम बल का इस्तेमाल किया जा रहा है। प्रशासन अब हितधारकों के बीच बातचीत की संभावना देख रहा है ताकि श्रमिकों की चिंताओं को संबोधित कर सामान्य स्थिति बहाल की जा सके।राज्य की औद्योगिक छवि पर असर
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस आंदोलन को राज्य के विकास को पटरी से उतारने की बड़ी साजिश का हिस्सा बताते हैं और शांति बनाए रखने की अपील करते हैं। उनका बयान ऐसे समय में आता है जब नोएडा, दिल्ली से जुड़ा एक प्रमुख औद्योगिक और निर्यात केंद्र, श्रम लागत और उत्पादन स्थिरता के सवालों से जूझ रहा है। वेतन विवाद लंबा खिंचता है तो इसका असर परिधान विनिर्माण, आपूर्ति शृंखला और क्षेत्रीय निवेश माहौल पर पड़ सकता है। दूसरी ओर, श्रमिकों की मांगें यह संकेत देती हैं कि अंतरराज्यीय वेतन असमानता अब औद्योगिक प्रतिस्पर्धा और श्रम संबंधों का महत्वपूर्ण मुद्दा बन रही है।हमने पहले नोएडा फेज 2 में अधिक वेतन की मांग को लेकर श्रमिकों के हिंसक विरोध और उससे दिल्ली-नोएडा सीमा पर ट्रैफिक व औद्योगिक संचालन पर पड़े असर के बारे में रिपोर्ट किया था। उस रिपोर्ट में उत्तर प्रदेश और हरियाणा के न्यूनतम वेतन के बढ़ते अंतर को असंतोष की बड़ी वजह बताते हुए, पुलिस तैनाती और प्रशासन द्वारा साप्ताहिक अवकाश, दोगुना ओवरटाइम भुगतान, समय पर बोनस व अन्य श्रमिक सुविधाओं जैसे कदमों का भी उल्लेख था।
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