तमिलनाडु चुनावी उम्मीदवारों में आपराधिक मामलों और संपत्ति घोषणाओं में बढ़ोतरी दिखी
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 से पहले उम्मीदवारों के शपथपत्रों के विश्लेषण में बड़ी संख्या में ऐसे प्रत्याशी सामने आते हैं, जिन्होंने अपने खिलाफ आपराधिक मामले घोषित किए हैं। इसी अध्ययन में करोड़पति उम्मीदवारों की हिस्सेदारी और औसत घोषित संपत्ति में भी 2021 के मुकाबले तेज वृद्धि दर्ज की जाती है।
हाइलाइट्स
- तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 में 3,992 में से 722 उम्मीदवारों ने आपराधिक मामले और 404 ने गंभीर आपराधिक मामले घोषित किए हैं।
- 2021 के मुकाबले करोड़पति उम्मीदवारों की संख्या 652 से 981 हो गई तथा प्रति उम्मीदवार औसत संपत्ति 1.72 करोड़ से बढ़कर 5.17 करोड़ रुपये हुई।
- AIADMK उम्मीदवारों की औसत घोषित संपत्ति 53.02 करोड़ रुपये रही, जो प्रमुख दलों में सबसे अधिक दर्ज की गई है।
उम्मीदवार प्रोफाइल पर एडीआर का विश्लेषण
एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स, तमिलनाडु इलेक्शन वॉच की 19 अप्रैल 2026 की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 में 4,023 में से 3,992 उम्मीदवारों के स्व-शपथपत्रों का विश्लेषण किया गया, जिनमें 722 उम्मीदवारों, यानी 18 प्रतिशत, ने अपने खिलाफ आपराधिक मामले घोषित किए हैं। इनमें 404 उम्मीदवार, यानी 10 प्रतिशत, गंभीर आपराधिक मामलों की श्रेणी में आते हैं।रिपोर्ट के अनुसार, गंभीर आपराधिक मामलों में वे मामले शामिल हैं जिनमें अधिकतम सजा पांच वर्ष या उससे अधिक है, या जो गैर-जमानती अथवा चुनावी अपराध से जुड़े हैं। एडीआर की ओर से उपलब्ध जानकारी के मुताबिक कुछ विशिष्ट आरोपों वाले मामले भी इसी श्रेणी में रखे जाते हैं।
पार्टीवार आंकड़ों में AIADMK के 170 विश्लेषित उम्मीदवारों में 118 पर आपराधिक मामले और 60 पर गंभीर मामले घोषित हैं। DMK के 175 में से 70, TVK के 231 में से 92, BJP के 33 में से 16 और कांग्रेस के 28 में से 14 उम्मीदवारों ने आपराधिक मामले घोषित किए हैं। निर्दलीयों में 2,192 उम्मीदवारों में से 162 ने ऐसे मामले घोषित किए हैं।
अरप्पोर इयक्कम के राज्य समन्वयक जयराम वेंकटेशन के मुताबिक, आपराधिक मामलों वाले उम्मीदवारों का फैलाव विभिन्न दलों में व्यापक है, जिससे यह संकेत मिलता है कि यह मुद्दा किसी एक राजनीतिक दल तक सीमित नहीं है।
2021 की तुलना में संपत्ति और जोखिम प्रोफाइल
2021 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में 3,559 उम्मीदवारों में से 466, यानी 13 प्रतिशत, ने आपराधिक मामले घोषित किए थे, जबकि गंभीर मामलों वाले उम्मीदवार 207, यानी 6 प्रतिशत थे। 2026 के लिए यह अनुपात बढ़कर क्रमशः 18 प्रतिशत और 10 प्रतिशत हो जाता है, जिससे चुनावी मैदान की जोखिम प्रोफाइल अधिक ऊंची दिखती है।धन-संपत्ति के मोर्चे पर भी रिपोर्ट तेज वृद्धि दिखाती है। 2026 में 981 उम्मीदवार, यानी 25 प्रतिशत, करोड़पति हैं, जबकि 2021 में यह संख्या 652, यानी 18 प्रतिशत, थी। प्रति उम्मीदवार औसत घोषित संपत्ति 2021 के 1.72 करोड़ रुपये से बढ़कर 2026 में 5.17 करोड़ रुपये हो जाती है।
सभी 3,992 उम्मीदवारों की कुल घोषित संपत्ति 20,678 करोड़ रुपये बताई गई है। पार्टीवार औसत संपत्ति में AIADMK 53.02 करोड़ रुपये के साथ सबसे ऊपर है, जबकि DMK के लिए औसत 21.37 करोड़ रुपये, कांग्रेस के लिए 27.37 करोड़ रुपये, TVK के लिए 16.04 करोड़ रुपये और BJP के लिए 14.82 करोड़ रुपये दर्ज की गई है।
एडीआर और तमिलनाडु इलेक्शन वॉच ने कहा कि 31 उम्मीदवारों के शपथपत्रों का विश्लेषण नहीं हो सका, क्योंकि वे या तो अस्पष्ट स्कैन में उपलब्ध थे या चुनाव आयोग की वेबसाइट पर पूर्ण रूप से अपलोड नहीं थे। इससे स्पष्ट होता है कि अंतिम तस्वीर उपलब्ध शपथपत्रों पर आधारित है, और पारदर्शिता की गुणवत्ता भी चुनावी विश्लेषण का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनी हुई है।
हमारे पहले के लेख में 2026 के बाद प्रस्तावित परिसीमन को लेकर तमिलनाडु में बढ़ते राजनीतिक टकराव पर चर्चा की गई थी, जहां इसे राज्य के प्रतिनिधित्व और संघीय संतुलन के लिए दीर्घकालिक जोखिम के रूप में पेश किया गया। उस रिपोर्ट में मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की कानूनी गारंटी की मांग, और डीएमके द्वारा इसे पहचान, राज्य अधिकार और संघीय ढांचे से जोड़कर चलाए गए राज्यव्यापी अभियान का उल्लेख था।
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