पश्चिम बंगाल में 294 सीटों की मतगणना शुरू, TMC और BJP के लिए सत्ता की अहम परीक्षा
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों के लिए राज्य के 77 मतगणना केंद्रों पर आज सुबह 8 बजे से वोटों की गिनती शुरू होती है। 294 सीटों पर यह मुकाबला मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की TMC और सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली BJP चुनौती के बीच राज्य की राजनीतिक दिशा तय करता है।
हाइलाइट्स
- पश्चिम बंगाल की 294 सीटों की मतगणना 77 केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा के बीच शुरू, रिकॉर्ड 92.47% वोटिंग दर्ज हुई।
- ममता बनर्जी बनाम सुवेंदु अधिकारी वाली भवानीपुर सीट समेत नंदीग्राम, डायमंड हार्बर और मुर्शिदाबाद जैसी प्रमुख सीटों पर कड़ी टक्कर।
- 2021 में TMC को 213 और BJP को 77 सीटें मिली थीं; इस बार नतीजे दोनों दलों की क्षेत्रीय और राष्ट्रीय राजनीति को प्रभावित करेंगे।
मतगणना की रूपरेखा और प्रमुख मुकाबले
Financial Express के लाइव अपडेट के मुताबिक, राज्य भर के 77 निर्धारित केंद्रों पर मतगणना के लिए सभी लॉजिस्टिक और तकनीकी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं, और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए बहुस्तरीय सुरक्षा तैनात है। यह प्रक्रिया ऐसे चुनाव के बाद शुरू होती है जिसमें लगभग 92.47% का रिकॉर्ड मतदान दर्ज हुआ, जो 2011 के पिछले उच्च स्तर 84.72% से ऊपर है।
इस चुनाव में नागरिकता संशोधन कानून, NRC, कथित भर्ती घोटालों और राज्य तथा केंद्र के बीच जारी तनाव जैसे मुद्दे प्रमुख रहे। सबसे ज्यादा नजर भवानीपुर पर है, जहां ममता बनर्जी और सुवेंदु अधिकारी के बीच सीधा मुकाबला राजनीतिक रूप से सबसे प्रतीकात्मक लड़ाइयों में शामिल है।
नंदीग्राम, डायमंड हार्बर, जादवपुर, खड़गपुर सदर और आसनसोल दक्षिण जैसी सीटें भी रुझान तय करने वाली मानी जा रही हैं। मुर्शिदाबाद के बहुकोणीय मुकाबले और बारानगर के हाई-प्रोफाइल प्रचार अभियान जैसे स्थानीय कारक भी अंतिम तस्वीर पर असर डाल सकते हैं।
क्षेत्रीय और राजनीतिक असर पर नजर
इस बार के नतीजे TMC के लिए उसके गढ़ को बचाने की परीक्षा हैं, जबकि BJP के लिए यह देखना अहम है कि क्या वह प्रमुख विपक्ष की अपनी स्थिति को बड़े चुनावी लाभ में बदल पाती है। मुस्लिम बहुल सीटों, मतुआ बेल्ट, SC और ST आरक्षित क्षेत्रों तथा बांग्लादेश सीमा से सटे निर्वाचन क्षेत्रों पर खास नजर है, क्योंकि इन इलाकों के नतीजे व्यापक राजनीतिक संदेश देंगे।2021 में TMC ने 294 में से 213 सीटें जीतकर दो-तिहाई बहुमत हासिल किया था, जबकि BJP 77 सीटों के साथ मुख्य विपक्ष बनकर उभरी थी। इस बार अगर TMC अपने निर्णायक सामाजिक और क्षेत्रीय आधार को बनाए रखती है तो उसकी सत्ता बरकरार रह सकती है, लेकिन BJP की बढ़त पश्चिम बंगाल की विपक्षी राजनीति और राष्ट्रीय स्तर की रणनीति दोनों पर असर डाल सकती है।
हमारी पिछली रिपोर्ट में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में दो चरणों के मतदान पूरा होने के बाद 4 मई की मतगणना से पहले का सियासी परिदृश्य और प्रमुख मुकाबलों पर फोकस किया गया था। इसमें भवानीपुर, नंदीग्राम, भांगर, समसेरगंज और पानीहाटी जैसी हाई-प्रोफाइल सीटों पर कड़े मुकाबले, मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विवाद और इन नतीजों के राज्यव्यापी शक्ति-संतुलन पर संभावित असर को रेखांकित किया गया था।
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