असम विधानसभा चुनाव में मतदान पूरा होने के बाद अब 4 मई को सुबह 8 बजे से मतगणना पर राजनीतिक फोकस आ गया है। 9 अप्रैल को एक चरण में हुए मतदान में 85% से अधिक रिकॉर्ड भागीदारी दर्ज हुई, जबकि परिसीमन के बाद बदली 80 से अधिक सीटों ने इस मुकाबले को और अहम बना दिया है।
हाइलाइट्स
- असम विधानसभा की 126 सीटों के लिए सुबह 8 बजे मतगणना शुरू हुई, बहुमत के लिए 64 सीटों की आवश्यकता है।
- नई परिसीमन के बाद मुस्लिम बहुल सीटें घटकर करीब 24 रह गईं और एसटी सीटों की संख्या बढ़ी, जिससे स्थानीय समीकरण बदले हैं।
- करीब 2.5 करोड़ पंजीकृत मतदाताओं वाले चुनाव में 18-29 आयु वर्ग की हिस्सेदारी 29% रही, और मुस्लिम बहुल सीटों पर मतदान 90% से अधिक रहा।
मतगणना का कार्यक्रम और मुख्य मुकाबले
Financial Express के लाइव कवरेज के अनुसार, असम की 126 विधानसभा सीटों के लिए मतगणना सुबह 8 बजे से शुरू होती है और बहुमत का आंकड़ा 64 सीटों का है। सत्तारूढ़ भाजपा नीत एनडीए, मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma के नेतृत्व में लगातार तीसरी बार सत्ता में लौटने की कोशिश कर रहा है, जबकि कांग्रेस नीत विपक्षी गठबंधन वापसी की उम्मीद लगाए हुए है।
यह चुनाव परिसीमन के बाद राज्य का पहला विधानसभा चुनाव है, इसलिए कई सीटों पर मतदाता संरचना और स्थानीय समीकरण बदले हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि मुस्लिम बहुल सीटों की संख्या पहले के लगभग 35 से घटकर करीब 24 रह गई है, जबकि नई सीमांकन प्रक्रिया ने एसटी सीटों की संख्या बढ़ाई है।
जालुकबाड़ी, धुबरी और सिबसागर जैसे क्षेत्र प्रमुख मुकाबलों में शामिल हैं। Kamrup Metropolitan, जिसमें Guwahati शामिल है, में मतदान राज्य औसत से कम, लगभग 77%, रहा, जबकि Kamrup Rural में अपेक्षाकृत अधिक भागीदारी दर्ज हुई और Palasbari तथा Rangia जैसी सीटों पर करीबी मुकाबले पर नजर है।
क्षेत्रीय समीकरण और नतीजों का असर
राज्य में लगभग 2.5 करोड़ पंजीकृत मतदाता हैं और पुरुष तथा महिला मतदाताओं की संख्या लगभग बराबर बताई गई है। 18 से 29 वर्ष आयु वर्ग के मतदाताओं की हिस्सेदारी करीब 29% रही, जिसमें 6 लाख से अधिक पहली बार मतदान करने वाले शामिल हैं, जबकि कई इलाकों में महिलाओं की भागीदारी पुरुषों से भी अधिक रही।रिपोर्ट के मुताबिक, उल्लेखनीय मुस्लिम आबादी वाली सीटों पर मतदान 90% से ऊपर रहा, जिसने कुल मतदान प्रतिशत को ऊपर खींचा। इसके विपरीत, Upper Assam के शहरी और औद्योगिक इलाकों में भागीदारी अपेक्षाकृत कमजोर रही, जो पिछले चुनावों जैसी प्रवृत्ति को दिखाती है।
Jorhat, Sonitpur, Dibrugarh, Cachar और Nagaon जैसे जिले अंतिम तस्वीर तय करने में महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। एग्जिट पोल सत्तारूढ़ गठबंधन को बढ़त का संकेत देते हैं, लेकिन अंतिम नतीजा इस बात पर निर्भर करता है कि चाय बागान क्षेत्र, बोडो इलाकों और कांग्रेस की संभावित मुस्लिम वोट समेकन वाली सीटों पर मतगणना किस दिशा में जाती है।
2026 विधानसभा चुनावों की मतगणना के कार्यक्रम और नतीजे देखने के तरीकों पर हमारी पिछली रिपोर्ट में बताया गया था कि 4 मई को सुबह 8 बजे से कई राज्यों में गिनती शुरू होगी और रुझान कुछ घंटों में सामने आने लगेंगे। उसी लेख में EVM की निगरानी, मतगणना केंद्रों पर कड़े सुरक्षा इंतजाम और भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर निर्वाचन क्षेत्रवार परिणाम/रुझान उपलब्ध होने जैसी अहम बातों को भी रेखांकित किया गया था।
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