पश्चिम बंगाल में भाजपा बहुमत के पार, पनिहाटी सीट पर आरजी कर पीड़िता की मां आगे

पश्चिम बंगाल में भाजपा बहुमत के पार, पनिहाटी सीट पर आरजी कर पीड़िता की मां आगे
बंगाल चुनाव में BJP बढ़त

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की मतगणना के अंतिम चरणों में राज्य की राजनीतिक तस्वीर तेजी से बदल रही है। इसी बीच पनिहाटी सीट पर आरजी कर मेडिकल कॉलेज मामले की पीड़िता की मां और भाजपा उम्मीदवार रत्ना देबनाथ बढ़त बनाए हुए हैं, जबकि राज्यभर के रुझानों में भाजपा बहुमत के आंकड़े से आगे निकलती दिख रही है।

हाइलाइट्स

  • पनिहाटी सीट पर भाजपा की रत्ना देबनाथ 5,067 वोटों से तृणमूल के तिर्थंकर घोष से आगे हैं, उन्हें 13,784 वोट मिले।
  • आरजी कर मेडिकल कॉलेज मामले में पीड़िता की मां देबनाथ के चुनावी अभियान को महिला मतदाताओं का भावनात्मक समर्थन और राज्यव्यापी विरोध का लाभ मिला।
  • दोपहर 1 बजे तक भाजपा 294 में से 185 सीटों पर बढ़त और तृणमूल कांग्रेस 91 सीटों पर, बहुमत के 148 के आंकड़े को भाजपा ने पार किया।

पनिहाटी सीट की बढ़त और मतगणना का परिदृश्य

Financial Express की रिपोर्ट के अनुसार, पनिहाटी विधानसभा सीट पर भाजपा उम्मीदवार रत्ना देबनाथ दूसरे दौर की मतगणना के बाद तृणमूल कांग्रेस के तिर्थंकर घोष से 5,067 मतों से आगे हैं। देबनाथ को 13,784 वोट मिले हैं, जबकि घोष को 8,717 वोट मिले हैं।

यह सीट इसलिए भी विशेष ध्यान में है क्योंकि देबनाथ 2024 में कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में बलात्कार और हत्या की शिकार युवा डॉक्टर की मां हैं। राजनीति में आने के बाद उन्होंने अपने अभियान को न्याय और महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे पर केंद्रित रखा है।

द इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में देबनाथ ने कहा कि उनकी लड़ाई अपनी बेटी के लिए न्याय और राज्य में महिलाओं की सुरक्षा के लिए है। भाजपा ने उन्हें इस सीट से उतारा, और उनके अभियान को विशेषकर महिला मतदाताओं से भावनात्मक समर्थन मिला।

पनिहाटी में उनके सामने तृणमूल कांग्रेस के तिर्थंकर घोष और माकपा युवा नेता कोल्तन दासगुप्ता मैदान में हैं, जो आरजी कर विरोध आंदोलन का एक प्रमुख चेहरा रहे हैं। मतगणना के बीच यह मुकाबला राज्य की व्यापक राजनीतिक दिशा का भी संकेत दे रहा है।

आरजी कर मामले का असर और राज्यव्यापी राजनीतिक संकेत

देबनाथ की बेटी, जो स्नातकोत्तर प्रशिक्षु डॉक्टर थीं, 9 अगस्त 2024 को आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में मृत पाई गई थीं। इस मामले में अगले दिन संजॉय रॉय को गिरफ्तार किया गया था और जनवरी 2025 में उसे उम्रकैद की सजा मिली, हालांकि पीड़िता के परिवार ने लगातार कहा है कि अपराध में और लोग भी शामिल थे।

बाद में कलकत्ता हाई कोर्ट ने जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो को सौंप दी। इस घटना ने देशभर में विरोध प्रदर्शन भड़काए और तब से यह पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बड़ा मुद्दा बना हुआ है।

मतदान के दिन पनिहाटी में तनाव भी देखने को मिला। देबनाथ ने आरोप लगाया कि एक बूथ पर तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उन पर मतदाताओं को प्रभावित करने का आरोप लगाकर उन्हें वहां से निकलने से रोका, जबकि केंद्रीय बलों की मदद से वह बाहर आ सकीं। चुनाव आयोग ने इस मामले में रिपोर्ट मांगी है, वहीं तृणमूल कांग्रेस ने आरोपों से इनकार किया है।

राज्यव्यापी रुझानों में दोपहर करीब 1 बजे तक भाजपा 294 सदस्यीय विधानसभा की 185 सीटों पर आगे चल रही है, जबकि सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस 91 सीटों पर बढ़त में है। 148 के बहुमत के आंकड़े को पार करने के साथ रुझान भाजपा के मजबूत प्रदर्शन की ओर इशारा कर रहे हैं, जबकि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भवानीपुर सीट से आगे चल रही हैं।

हमारी पिछली रिपोर्ट में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की मतगणना और 148 सीटों के बहुमत के आंकड़े के महत्व पर फोकस किया गया था। इसमें 293 सीटों पर जारी गिनती (एक सीट पर पुनर्मतदान के कारण) के बीच BJP और तृणमूल कांग्रेस के कड़े मुकाबले तथा 92.47% के उच्च मतदान प्रतिशत को नतीजों को प्रभावित करने वाला अहम कारक बताया गया था।

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