तमिलनाडु में सरकार गठन पर अनिश्चितता, TVK बहुमत अड़चन के बीच DMK-AIADMK वैकल्पिक गठजोड़ पर विचार
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के बाद सरकार गठन की प्रक्रिया में नई जटिलता उभर रही है, क्योंकि विजय की TVK स्पष्ट बहुमत के दस्तावेजी समर्थन के बिना सत्ता का दावा आगे नहीं बढ़ा पा रही है। 233 सदस्यीय सदन में बहुमत के लिए 117 सीटें चाहिए, जबकि TVK की प्रभावी संख्या 107 पर आ जाती है और इससे प्रतिद्वंद्वी द्रविड़ दलों के बीच वैकल्पिक समीकरणों पर चर्चा तेज हो रही है।
हाइलाइट्स
- TVK ने चुनाव में 108 सीटें जीतीं, लेकिन विजय के दो सीटों से जीतने के कारण पार्टी की प्रभावी संख्या 107 रह गई, बहुमत संकट बरकरार है।
- DMK और AIADMK नेताओं ने पहली बार वैकल्पिक गठजोड़ की चर्चा शुरू की, जिसमें AIADMK नेतृत्व वाली सरकार को DMK का बाहरी समर्थन संभावित है।
- कांग्रेस के खुले समर्थन के चलते PMK, VCK और AMMK जैसे संभावित सहयोगी TVK से दूर हुए, जिससे गठबंधन समीकरण और संकुचित हो गए।
बहुमत दावे पर राज्यपाल की सख्ती
द इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, राज्यपाल राजेंद्र अर्लेकर विजय के नेतृत्व में स्थिर सरकार बनने को लेकर आश्वस्त नहीं हैं और उन्होंने TVK से बहुमत समर्थन के स्पष्ट दस्तावेजी प्रमाण मांगे हैं। इसी रुख के बाद शपथ ग्रहण की संभावना टलती दिख रही है, जबकि TVK खेमे में बुधवार तक पहले शपथ और बाद में सदन में बहुमत साबित करने की उम्मीद बनी हुई थी।सोमवार को घोषित नतीजों में TVK ने 108 सीटें जीतीं, लेकिन विजय के दो सीटों से जीतने के कारण एक सीट छोड़नी होगी, जिससे पार्टी की प्रभावी ताकत 107 रह जाती है। इसके विपरीत, DMK को 59 और AIADMK को 47 सीटें मिली हैं, जिससे दोनों की संयुक्त संख्या 106 बनती है।
द्रविड़ दलों के समीकरण और सहयोगी दलों की दूरी
बुधवार देर शाम एक अप्रत्याशित राजनीतिक मोड़ में DMK और AIADMK नेताओं ने उस स्थिति के लिए वैकल्पिक योजना पर चर्चा शुरू की, जिसमें TVK बहुमत जुटाने में विफल रहती है। दोनों दलों के सूत्रों के मुताबिक, एक प्रस्ताव यह है कि AIADMK सरकार बनाए और उसे DMK बाहर से समर्थन दे, साथ में छोटे दलों का सहयोग भी जोड़ा जाए।हालांकि इस पर कोई औपचारिक फैसला नहीं हुआ है, लेकिन आंतरिक बैठकों और बातचीत से संकेत मिलते हैं कि यह विकल्प अब केवल सैद्धांतिक चर्चा नहीं रह गया है। यह बदलाव तमिलनाडु की सत्ता संरचना में पारंपरिक प्रतिद्वंद्वियों के बीच व्यावहारिक राजनीतिक पुनर्संतुलन की संभावना को सामने लाता है।
उधर, कांग्रेस द्वारा TVK को समर्थन देने का फैसला विजय के लिए लाभ से अधिक बाधा बनता दिख रहा है। कांग्रेस ने न केवल सरकार गठन में समर्थन दिया, बल्कि स्थानीय निकाय चुनाव, राज्यसभा चुनाव और अगली लोकसभा चुनाव प्रक्रिया में व्यापक राजनीतिक समन्वय का भी संकेत दिया, जिसके बाद PMK, VCK और AMMK जैसे संभावित सहयोगी पीछे हटने लगे।
रिपोर्ट के मुताबिक, NDA खेमे के भीतर भी यह संदेश गया कि कांग्रेस समर्थित TVK सरकार के गठन को सहयोगी दल आसान न बनाएं। इससे विजय की संख्या जुटाने की गुंजाइश और संकुचित होती दिख रही है, जबकि राज्य की राजनीति में गठबंधन-आधारित सत्ता विकल्पों का महत्व बढ़ रहा है।
हमारी पिछली रिपोर्ट में तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 में TVK के सबसे बड़ी पार्टी बनने के बावजूद 118 के बहुमत आंकड़े से पीछे रहने और सरकार गठन के लिए बाहरी समर्थन/चुनाव बाद गठबंधन पर निर्भरता की स्थिति बताई गई थी। उस लेख में यह भी समझाया गया था कि Vijay के एक सीट छोड़ने की बाध्यता और स्पीकर पद जैसे कारक संख्या-बल को और तंग कर सकते हैं, जबकि अंतिम परिणाम राज्यपाल की संवैधानिक प्रक्रिया और फ्लोर टेस्ट की समय-सीमा पर टिका रहेगा।
नवीनतम नागरिक अधिकार समाचार
- Forex
- Crypto