तमिलनाडु में कांग्रेस-टीवीके गठबंधन सत्ता गठन के बीच पुरानी राजनीतिक समझ पर टिका
तमिलनाडु में त्रिशंकु जनादेश के बाद कांग्रेस और TVK का तेज गठबंधन राज्य की अगली सरकार की दिशा तय कर रहा है। यह साझेदारी केवल चुनावी अंकगणित का नतीजा नहीं दिखती, बल्कि Vijay और राहुल गांधी के बीच 2009 से बने व्यक्तिगत और वैचारिक रिश्ते से भी जुड़ी है.
हाइलाइट्स
- Vijay और राहुल गांधी के बीच 2009 में हुई मुलाकात और Youth Congress प्रमुख पद की पेशकश ने दोनों के बीच भरोसे की नींव रखी।
- 2024 में TVK के गठन के बाद कांग्रेस-टीवीके गठबंधन ने त्रिशंकु जनादेश के बीच वैचारिक सामंजस्य और व्यक्तिगत विश्वास के आधार पर सरकार गठन को दिशा दी।
- यह गठबंधन कांग्रेस को तमिलनाडु में खोई राजनीतिक जमीन पुनः हासिल करने और TVK को राष्ट्रीय अनुभवी सहयोगी मिलने की रणनीतिक संभावना देता है।
गठबंधन की पृष्ठभूमि और 2009 की मुलाकात
The Indian Express की रिपोर्ट के अनुसार, इस राजनीतिक समीकरण की बुनियाद अगस्त 2009 की एक निजी मुलाकात में पड़ती है, जब Vijay अपने पिता S.A. Chandrasekhar के साथ दिल्ली में राहुल गांधी के आवास पर मिले थे। उस समय राहुल गांधी राष्ट्रीय राजनीति में उभरता चेहरा थे और Youth Congress की जिम्मेदारी संभाल रहे थे, जबकि Vijay तमिल फिल्म उद्योग के बड़े सितारे थे.कांग्रेस नेताओं के हवाले से कहा गया है कि यह मुलाकात केवल शिष्टाचार भेंट नहीं थी। रिपोर्ट के मुताबिक राहुल गांधी ने Vijay को तमिलनाडु Youth Congress प्रमुख का पद संभालने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन DMK-प्रभावित फिल्म उद्योग गुटों के कथित दबाव के बाद Vijay ने इसे स्वीकार नहीं किया.
इसके बावजूद, दोनों नेताओं के बीच संपर्क और परस्पर सम्मान का रिश्ता बना रहा। Vijay की पुरानी टिप्पणियां भी फिर से चर्चा में हैं, जिनमें उन्होंने कहा था कि शुरुआत में उन्हें यह मुलाकात किसी शरारत जैसी लगी, लेकिन बाद में उन्होंने इसे एक महत्वपूर्ण अवसर माना और राहुल गांधी से मिलना अपने, अपने प्रशंसकों और तमिलनाडु के लोगों के लिए गर्व की बात बताया था.
सत्ता गठन पर असर और राजनीतिक महत्व
Vijay ने औपचारिक रूप से 2024 में राजनीति में प्रवेश किया, लेकिन उसके बाद भी राहुल गांधी के साथ उनका संपर्क बीच-बीच में बना रहा। TVK के गठन के तुरंत बाद गांधी का फोन, जन्मदिन की शुभकामनाएं, करूर भगदड़ त्रासदी के बाद बातचीत और हालिया चुनावी प्रदर्शन के बाद संपर्क, इस रिश्ते की निरंतरता को रेखांकित करते हैं.त्रिशंकु जनादेश के बाद Vijay के पास अन्य विकल्प भी थे, जिनमें BJP के बिना AIADMK के साथ संभावित तालमेल शामिल था। फिर भी कांग्रेस के साथ जाने का फैसला यह संकेत देता है कि धर्मनिरपेक्षता और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दों पर वैचारिक निकटता ने सत्ता गणित पर बढ़त बनाई.
कांग्रेस के लिए यह गठबंधन तमिलनाडु में अपनी खोई राजनीतिक जमीन वापस पाने का अवसर देता है, जबकि TVK को राष्ट्रीय स्तर का अनुभवी सहयोगी मिलता है। राज्य में सरकार गठन की प्रक्रिया अब इस बात का भी संकेत बन रही है कि व्यक्तिगत भरोसा और वैचारिक सामंजस्य, क्षेत्रीय राजनीति में सत्ता निर्माण के निर्णायक कारक बन सकते हैं.
हमारी पिछली रिपोर्ट में तमिलनाडु की त्रिशंकु विधानसभा में Congress द्वारा DMK से पुराना गठबंधन तोड़कर Vijay की Tamilaga Vettri Kazhagam (TVK) को सरकार गठन के लिए समर्थन देने के फैसले पर चर्चा की गई थी। हमने बताया था कि TVK की 108 सीटों के बावजूद 118 के बहुमत आंकड़े तक पहुंचने के लिए CPI, CPI(M), VCK, PMK जैसे छोटे दल निर्णायक हो सकते हैं और आगे फ्लोर टेस्ट व राज्यपाल की संवैधानिक प्रक्रिया इस समीकरण की दिशा तय करेगी।
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