केरल में कांग्रेस नीत संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा की प्रचंड चुनावी जीत के बाद करीब 10 दिन से चल रहा नेतृत्व का सस्पेंस अब खत्म होता है। 140 सदस्यीय विधानसभा में 102 सीटें जीतने वाले गठबंधन के भीतर VD Satheesan सहमति के उम्मीदवार के रूप में उभरते हैं, जिससे राज्य में सत्ता हस्तांतरण की दिशा साफ होती है।
हाइलाइट्स
- VD Satheesan को 14 मई को केरल का अगला मुख्यमंत्री नामित किया गया, कांग्रेस नेतृत्व और सहयोगियों से विचार-विमर्श के बाद सर्वसम्मति से चुना गया।
- UDF ने 4 मई को घोषित नतीजों में 140 सदस्यीय विधानसभा में 102 सीटें हासिल कर दो-तिहाई से अधिक बहुमत और हाल के दशकों का सबसे मजबूत प्रदर्शन दर्ज किया।
- Satheesan ने 2026 के चुनाव में Paravur से 78,658 वोट पाकर CPI के ET Taison Master को 20,600 मतों से हराया, मुख्यमंत्री बनने से पहले विपक्ष के नेता थे।
नेतृत्व चयन और चुनावी गणित
Financial Express के अनुसार, वरिष्ठ कांग्रेस नेता VD Satheesan को बृहस्पतिवार, 14 मई को केरल का अगला मुख्यमंत्री नामित किया जाता है, जब पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व और सहयोगी दलों के साथ विचार-विमर्श पूरा होता है। यह फैसला राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष Mallikarjun Kharge के बीच दिल्ली में हुई चर्चा के एक दिन बाद सामने आता है, जिसके बाद पार्टी संकेत देती है कि नेतृत्व पर परामर्श समाप्त हो चुका है।
शीर्ष पद के लिए KC Venugopal और Ramesh Chennithala भी प्रमुख दावेदारों में शामिल थे, लेकिन अंततः Satheesan सर्वसम्मति की पसंद बनते हैं। कांग्रेस नीत UDF ने 4 मई को घोषित नतीजों में 140 सदस्यीय विधानसभा में 102 सीटें जीतकर दो-तिहाई बहुमत से आगे निकलते हुए हाल के दशकों में अपना सबसे मजबूत प्रदर्शन दर्ज किया है।
गठबंधन के भीतर कांग्रेस 63 विधायकों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरती है। Indian Union Muslim League 22 सीटें, Kerala Congress 8 सीटें और Revolutionary Socialist Party 3 सीटें जीतती है, जबकि IUML नेतृत्व चर्चा के दौरान खुले तौर पर Satheesan के पक्ष में खड़ा दिखता है।
कांग्रेस संगठन में Satheesan की स्थिति और क्षेत्रीय असर
Paravur से छह बार विधायक रहे Satheesan पिछले दो दशकों में केरल कांग्रेस राजनीति में लगातार ऊपर उठते हैं और 2026 के चुनाव में 78,658 वोट लेकर CPI के ET Taison Master को 20,600 मतों से हराते हैं। मुख्यमंत्री पद पर चुने जाने से पहले वह विधानसभा में विपक्ष के नेता रहते हैं और राज्य में कांग्रेस के सबसे मुखर विधायी चेहरों में गिने जाते हैं।1964 में कोच्चि के पास Nettoor में जन्मे Satheesan वकील और सामाजिक कार्यकर्ता की पृष्ठभूमि से आते हैं। वह Kerala Students Union से राजनीति में प्रवेश करते हैं, फिर Youth Congress और प्रदेश संगठन के जरिए आगे बढ़ते हैं, जिससे उनकी छवि दिल्ली केंद्रित शक्ति संरचना से अलग जमीनी कांग्रेस नेता की बनती है।
उनकी सबसे बड़ी राजनीतिक ताकत Paravur से लगातार जुड़ाव मानी जाती है, जहां वह 2001, 2006, 2011, 2016, 2021 और 2026 में जीत दर्ज करते हैं। विधायी बहस, भ्रष्टाचार विरोधी अभियान और संगठनात्मक पुनर्गठन पर केंद्रित उनकी शैली 2021 के बाद खास तौर पर मजबूत होती है, जब UDF सत्ता में वापसी नहीं कर पाता लेकिन Satheesan विपक्ष के नेता के रूप में LDF सरकार पर भ्रष्टाचार, प्रशासनिक विफलताओं और कानून व्यवस्था के मुद्दों पर लगातार दबाव बनाते हैं।
हमारी पिछली रिपोर्ट में CBI के अगले निदेशक के चयन को लेकर उच्चाधिकार प्राप्त समिति की बैठक में उठे विवाद पर चर्चा की गई थी। इसमें बताया गया था कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने जरूरी अभिलेख (self-appraisal और 360-degree रिपोर्ट्स) साझा न किए जाने का आरोप लगाते हुए प्रक्रिया को पक्षपातपूर्ण और अपारदर्शी बताया, जिससे चयन की निष्पक्षता और संस्थागत विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हुए।
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