पश्चिम बंगाल में भाजपा के उभार को Axis My India ने सत्ता-विरोधी रुझान और संगठनात्मक ताकत से जोड़ा

पश्चिम बंगाल में भाजपा के उभार को Axis My India ने सत्ता-विरोधी रुझान और संगठनात्मक ताकत से जोड़ा
भाजपा उभार के संकेत

पश्चिम बंगाल में भाजपा के चुनावी उभार पर बहस के बीच Axis My India के प्रमुख प्रदीप गुप्ता का कहना है कि मतदाताओं का रुझान राज्य की शासन व्यवस्था, नेतृत्व की अपील और जमीनी संगठन से तय होता है। उन्होंने यह भी कहा कि सर्वेक्षण के दौरान मतदाताओं की चुप्पी और उच्च गैर-प्रतिक्रिया दर ने राज्य में राजनीतिक माहौल को समझने में अहम संकेत दिए।

हाइलाइट्स

  • Axis My India के प्रदीप गुप्ता ने पश्चिम बंगाल में भाजपा के उभार का श्रेय सत्ता-विरोधी भावना, मोदी-शाह की नेतृत्व अपील और संगठनात्मक ताकत को दिया।
  • सर्वेक्षण टीमों को बंगाल में बाधाओं और हिरासत का सामना करना पड़ा, तथा 70 प्रतिशत गैर-प्रतिक्रिया दर के कारण एग्जिट पोल अनुमान प्रकाशित नहीं किए गए।
  • गुप्ता के अनुसार तमिलनाडु में C. Joseph Vijay और TVK के समर्थन में उल्लेखनीय वृद्धि दिखी, जिससे युवाओं में स्थापित दलों के विकल्प तलाशने की प्रवृत्ति तीव्र हुई।

बंगाल में मतदान रुझान और सर्वेक्षण संकेत

PTI को दिए एक साक्षात्कार में प्रदीप गुप्ता कहते हैं कि पश्चिम बंगाल में भाजपा के उभार के पीछे सत्ता-विरोधी भावना, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नेतृत्व अपील, अमित शाह और RSS की संगठनात्मक ताकत जैसे कई कारक काम करते हैं। उनके अनुसार केवल हिंदू वोटों के ध्रुवीकरण से नतीजों को समझना अधूरा आकलन है, क्योंकि मतदाता अब अधिक परिपक्व और मुद्दा-आधारित निर्णय लेते हैं।

गुप्ता के मुताबिक तृणमूल कांग्रेस के शासन के दौरान बना भय का माहौल मतदाताओं के व्यवहार को प्रभावित करता है। उन्होंने कहा कि 23 अप्रैल को मतदान के पहले चरण के बाद कई लोगों ने Axis My India की सर्वेक्षण टीमों से बात करने से इनकार कर दिया, जिसे उन्होंने बदलते जनमत का संकेत बताया।

उन्होंने यह भी दावा किया कि राज्य में फील्डवर्क के दौरान उनकी टीमों को बाधाओं का सामना करना पड़ा। गुप्ता के अनुसार कुछ सर्वेक्षणकर्मियों को हिरासत में लिया गया था और बाद में अदालतों के हस्तक्षेप के बाद रिहा किया गया, जबकि पुलिस थानों को सर्वेक्षण टीमों पर नजर रखने के लिए सतर्क किया गया था।

इसी संदर्भ में उन्होंने कहा कि Axis My India ने पश्चिम बंगाल के लिए एग्जिट पोल अनुमान प्रकाशित नहीं किए, क्योंकि गैर-प्रतिक्रिया दर असाधारण रूप से लगभग 70 प्रतिशत थी। उनके अनुसार इतनी ऊंची चुप्पी किसी सामान्य चुनावी प्रवृत्ति से अलग संकेत देती है।

मतदाता व्यवहार, तमिलनाडु संकेत और व्यापक राजनीतिक असर

गुप्ता का कहना है कि किसी भी चुनाव को केवल जाति या धार्मिक समीकरण से नहीं समझा जा सकता। उनके अनुसार जीत और हार का फैसला कई सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक कारकों के मेल से होता है, और केवल एक वोट ब्लॉक पर जोर देने से विकास या शासन के प्रभाव जैसे तत्व छूट जाते हैं।

उन्होंने 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव का उदाहरण देते हुए कहा कि वोट शेयर और सीटों का अनुपात हमेशा सीधा नहीं होता। इसी आधार पर उन्होंने उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों का भी उल्लेख किया, जहां कई परतों वाले सामाजिक और राजनीतिक कारक अंतिम नतीजों को आकार देते हैं।

Axis My India की भविष्यवाणी क्षमता पर बोलते हुए गुप्ता ने तमिलनाडु, असम, केरल और पुडुचेरी जैसे राज्यों में जमीनी शोध का हवाला दिया। उन्होंने अभिनेता-राजनेता C. Joseph Vijay के बढ़ते समर्थन का जिक्र करते हुए कहा कि युवाओं के बीच स्थापित द्रविड़ दलों से परे विकल्प तलाशने की प्रवृत्ति मजबूत हो रही है, और TVK का वोट शेयर चुनाव से पहले के महीनों में लगातार बढ़ता दिखा।

हमारी पहले की रिपोर्ट में भारत की आर्थिक वृद्धि और एफडीआई प्रवाह के कुछ चुनिंदा राज्यों—जैसे महाराष्ट्र, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक और गुजरात—में केंद्रित होने की तस्वीर सामने आई थी। उस लेख में बताया गया था कि सीमित भूगोल में निवेश सिमटने से राज्यों के बीच आय और विकास का अंतर बढ़ता है, जबकि तमिलनाडु व हरियाणा जैसे राज्य उभरते निवेश गंतव्य के रूप में दिख रहे हैं।

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