तमिलनाडु सरकार छोटे और सीमांत किसानों के लिए 2,044.46 करोड़ रुपये की फसल ऋण माफी योजना लागू कर रही है, जिससे 14.22 लाख लाभार्थियों को राहत मिलने की बात कही गई है। यह योजना सहकारी बैंकों से 1 मई 2025 से 28 फरवरी 2026 के बीच लिए गए ऋणों पर लागू होती है और 50,000 रुपये तक के बकाये के लिए पूर्ण या आंशिक माफी का प्रावधान रखती है।
हाइलाइट्स
- तमिलनाडु सरकार ने 2,044.46 करोड़ रुपये की लागत से सीमांत किसानों के लिए 50,000 रुपये तक के सहकारी ऋण की पूरी माफी और छोटे किसानों को 50% राहत की घोषणा की।
- माफी योजना केवल 1 मई 2025 से 28 फरवरी 2026 के बीच सहकारी बैंकों से लिए गए ऋणों पर लागू होगी, जिसमें विभिन्न ऋण शृेणियों पर चरणबद्ध राहत मिलेगी।
- राज्य के सचिवालय ने त्वरित डेटा मिलान, लाभार्थी सूची निर्माण और खर्च निगरानी पर प्राथमिकता देते हुए वरिष्ठ IAS अधिकारी व जिला कलेक्टरों का व्यापक तबादला किया।
माफी योजना की रूपरेखा और पात्रता
FinancialExpress.com के अनुसार, सरकार ने कहा है कि इस पैकेज के तहत 50,000 रुपये तक के बकाया ऋण वाले सीमांत किसानों को पूरी माफी मिलेगी, जबकि इसी सीमा तक के ऋण वाले छोटे किसानों को 50 प्रतिशत राहत दी जाएगी। 50,000 रुपये से अधिक के ऋण पर चरणबद्ध राहत तय की गई है, जिसमें 50,001 से 60,000 रुपये तक के ऋण पर 40,000 रुपये, 60,001 से 70,000 रुपये पर 30,000 रुपये, 70,001 से 80,000 रुपये पर 20,000 रुपये, 80,001 से 1,00,000 रुपये पर 10,000 रुपये और 1,00,000 रुपये से अधिक के ऋण पर 5,000 रुपये की राहत शामिल है।
अधिकारियों ने कहा कि इस फैसले से राज्य के खजाने पर 2,044.46 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। सरकार इस राहत को चुनावी वादे की पूर्ति और ग्रामीण संकट कम करने के उपाय, दोनों रूप में पेश कर रही है।
यह माफी केवल सहकारी बैंकों से लिए गए उन ऋणों पर लागू है जो 1 मई 2025 से 28 फरवरी 2026 के बीच स्वीकृत हुए। लाभार्थियों की पहचान और परिचालन समन्वय के लिए सहकारी बैंक तथा राज्य की एजेंसियां योजना को लागू करेंगी।
कार्यान्वयन, प्रशासनिक तैयारी और क्षेत्रीय असर
राज्य नेतृत्व ने कहा है कि योजना का उद्देश्य पात्र किसानों के खातों में राहत को बिना देरी दर्ज कराना है। सचिवालय में मुख्यमंत्री विजय की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक हुई, जिसमें कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री R Vinoth, सहकारिता मंत्री V Kanthiraj, वित्त, योजना एवं विकास मंत्री N Maria Wilson और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।अधिकारियों के अनुसार, सचिवालय प्रशासनिक प्रक्रियाएं अंतिम रूप दे रहा है ताकि सहकारी बैंक उधारकर्ताओं के खातों में राहत शीघ्र दिखा सकें। मुख्यमंत्री कार्यालय ने X पर घोषणा भी जारी की और सरकार ने राहत की श्रेणियों, पात्रता मानदंडों तथा ऋण अवधि का विस्तृत नोट प्रसारित किया।
इस घोषणा के साथ राज्य ने वरिष्ठ IAS अधिकारियों का व्यापक तबादला भी किया है, जिसमें जिला कलेक्टरों और विभागीय सचिवों के पदस्थापन शामिल हैं। सरकार का कहना है कि तुरंत प्राथमिकता डेटा मिलान, लाभार्थी सूची तैयार करने, बैंकों के साथ समन्वय और खर्च की निगरानी पर है, जबकि विपक्षी दल और किसान संगठन आने वाले दिनों में लाभार्थी सूची तथा राहत वितरण की गति पर नजर रख सकते हैं।
हमारी पिछली रिपोर्ट में IMD द्वारा मानसून वर्षा अनुमान घटाए जाने और एल नीनो व लू जैसी मौसमीय आशंकाओं से खरीफ सीजन में कृषि उत्पादन तथा ग्रामीण मांग पर बढ़ते दबाव की चर्चा की गई थी। उसमें यह भी बताया गया था कि कमजोर मानसून से खाद्य महंगाई का जोखिम बढ़ सकता है और कुछ उद्योगों पर असर पड़ सकता है, जबकि जोखिम प्रबंधन के लिए NCDEX के वर्षा-आधारित मौसम डेरिवेटिव जैसे बाजार-आधारित विकल्प उभर रहे हैं।
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