तमिलनाडु में अन्नामलाई का नया राजनीतिक अभियान 10 घंटे में 10 लाख पंजीकरण जुटाता है

तमिलनाडु में अन्नामलाई का नया राजनीतिक अभियान 10 घंटे में 10 लाख पंजीकरण जुटाता है
10 घंटे, 10 लाख पंजीकरण

तमिलनाडु की राजनीति में भाजपा से अलग होने के तुरंत बाद के अन्नामलाई के नए अभियान, इधु नम्मा इयक्कम, को शुरुआती स्तर पर तेज समर्थन मिल रहा है। लॉन्च के 10 घंटे के भीतर 10 लाख से अधिक स्वयंसेवकों के पंजीकरण का दावा इस पहल को राज्य में उभरती संगठित राजनीतिक ताकत के रूप में पेश करता है।

हाइलाइट्स

  • अन्नामलाई के 'इधु नम्मा इयक्कम' अभियान ने लॉन्च के 10 घंटे में 10 लाख से अधिक स्वयंसेवकों का पंजीकरण हासिल किया।
  • अन्नामलाई के इस्तीफे के बाद भाजपा पदाधिकारियों जैसे उमा हिमावथी सेल्वराज और अभिलाष गोपीनाथन ने अपने पद और पार्टी छोड़ी।
  • भाजपा के लगभग 3 प्रतिशत वोट शेयर के बाद यह अभियान असंतुष्ट और युवा मतदाताओं को आकर्षित करने हेतु तेजी से क्षेत्रीय समर्थन जुटा रहा है।

अभियान की शुरुआत और इस्तीफे की पृष्ठभूमि

FinancialExpress.com के अनुसार, अन्नामलाई ने X पर कहा कि इधु नम्मा इयक्कम के लॉन्च के 10 घंटे के भीतर 10 लाख से अधिक स्वयंसेवकों ने पंजीकरण किया है। उन्होंने इसे साझा दृष्टि और सामूहिक मिशन में बढ़ते भरोसे का संकेत बताया और समर्थकों का आभार जताया।

अन्नामलाई शुक्रवार, 5 जून 2026 को भारतीय जनता पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से औपचारिक रूप से इस्तीफा देते हैं। अपने इस्तीफे के पत्र में वे पार्टी नेतृत्व के समर्थन के लिए आभार जताते हैं, लेकिन तमिलनाडु को लेकर अलग विचारों को अलग होने की मुख्य वजह बताते हैं।

इस्तीफे से पहले उनकी नई दिल्ली यात्रा और भाजपा के वरिष्ठ नेताओं, जिनमें नितिन नवीन, बीएल संतोष और अमित शाह शामिल हैं, से मुलाकात के बाद स्वतंत्र राजनीतिक पहल की अटकलें तेज हो गई थीं। हालिया तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में भाजपा के कमजोर प्रदर्शन ने भी इस नए अभियान की राजनीतिक पृष्ठभूमि को मजबूत किया है।

तमिलनाडु की राजनीति पर असर और संगठनात्मक संकेत

अभियान की घोषणा के बाद जमीनी स्तर पर समर्थन के संकेत तेजी से सामने आते हैं। कांचीपुरम के कामाक्षी अम्मन मंदिर में समर्थक इसकी सफलता के लिए विशेष प्रार्थना करते हैं, जबकि भाजपा के कुछ पदाधिकारी अन्नामलाई के समर्थन में अपने पदों से इस्तीफा देते हैं।

पेरम्बलूर जिला महासचिव उमा हिमावथी सेल्वराज सभी भाजपा संगठनात्मक पदों से हटने की घोषणा करती हैं। तमिलनाडु भाजपा युवा मोर्चा के राज्य विधिक संयोजक अभिलाष गोपीनाथन भी अपना पद और पार्टी छोड़ते हुए कहते हैं कि उनका फैसला अन्नामलाई के नेतृत्व में विश्वास से प्रेरित है।

समर्थक इस कदम को तमिलनाडु की राजनीति में नई शुरुआत के रूप में देख रहे हैं, खासकर युवा मतदाताओं के बीच। राज्य में हालिया चुनावों में भाजपा का मत प्रतिशत लगभग 3 प्रतिशत रहने के बाद, यह नया अभियान असंतुष्ट और गैर-पारंपरिक राजनीतिक विकल्प तलाश रहे मतदाताओं को आकर्षित करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

तेज पंजीकरण, समर्थकों की सक्रियता और भाजपा से हो रहे प्रस्थान यह संकेत देते हैं कि इधु नम्मा इयक्कम जल्द संगठनात्मक ढांचे, सदस्यता विस्तार और अपने भविष्य के राजनीतिक स्वरूप पर अगला कदम तय कर सकता है।

हमारी पिछली रिपोर्ट में के अन्नामलाई के भाजपा से इस्तीफे के तुरंत बाद तमिलनाडु में ‘नई राह, नया आंदोलन’ के तहत नए राजनीतिक दल/आंदोलन शुरू करने की घोषणा पर बात की गई थी। लेख में बताया गया था कि राज्य की पहचान, संस्कृति और जल अधिकारों जैसे मुद्दों पर मतभेदों तथा हालिया चुनावी प्रदर्शन की पृष्ठभूमि में यह कदम 2026 विधानसभा चुनाव से पहले राज्य के राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित कर सकता है।

इस सामग्री में तृतीय-पक्ष की राय शामिल हो सकती है, इस वेबपेज पर कोई भी डेटा और जानकारी हमारे अस्वीकरण के अनुसार निवेश सलाह का गठन नहीं करती है। जबकि हम सख्त संपादकीय अखंडता का पालन करते हैं, इस पोस्ट में हमारे भागीदारों के उत्पादों के संदर्भ शामिल हो सकते हैं।