खाड़ी में हमलों के बीच भारतीय नाविकों की सुरक्षा चिंता बढ़ी, ओमान टैंकर घटना पर भारत का विरोध
ओमान तट के पास तीन भारतीय नाविकों की मौत के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में काम कर रहे 18,000 से अधिक भारतीय समुद्री कर्मियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ रही है। यह घटना 13 अप्रैल से जारी नाकाबंदी के दौरान सामने आई पहली दर्ज मौतों में शामिल है और भारत ने तेल टैंकर पर हुए हमले को लेकर U.S. के समक्ष कड़ा विरोध दर्ज किया है।
हाइलाइट्स
- भारत ने ओमान तट के पास Palau-flagged MT Settebello पर अमेरिकी कार्रवाई के खिलाफ औपचारिक विरोध दर्ज कर कूटनीतिक संपर्क तेज किए।
- U.S. Navy ने 13 अप्रैल से पिछली नाकाबंदी में नौ पोतों को निष्क्रिय किया, 135 को मोड़ा और 42 मानवीय सहायता जहाजों को सुरक्षित गुजरने दिया।
- खाड़ी क्षेत्र में 18,000 से अधिक भारतीय समुद्री कर्मी कार्यरत हैं, जिनकी सुरक्षा को लेकर भारत ने गंभीर चिंता जताई और जल्द समाधान की मांग की।
ओमान टैंकर घटना और सरकारी प्रतिक्रिया
FinancialExpress.com के अनुसार, विदेश मंत्रालय ने कहा कि ओमान के पास Palau-flagged MT Settebello पर हमले के बाद नई दिल्ली ने अमेरिकी पक्ष के सामने औपचारिक और कड़ा विरोध दर्ज कराया है तथा इस मामले में U.S. State Department के साथ सीधा संपर्क बनाए रखा है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि इस सप्ताह भारतीय चालक दल वाले तीन जहाज U.S. Navy की कार्रवाई की चपेट में आए हैं और भारत ने इन लगातार हमलों पर अपनी गहरी चिंता जताई है।
जायसवाल ने कहा कि ये जहाज भारतीय स्वामित्व वाले नहीं थे, बल्कि विदेशी ध्वज वाले पोत थे। उन्होंने जोर देकर कहा कि ये हमले बंद होने चाहिए और क्षेत्र में शांति व स्थिरता की शीघ्र वापसी के लिए संवाद और कूटनीति को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
U.S. Central Command ने X पर कहा कि उसने MT Settebello के इंजन कक्ष में दो Hellfire मिसाइलें दागीं, क्योंकि चालक दल ने ओमान तट के पास Hormuz जलडमरूमध्य के बाहर लागू नाकाबंदी के दौरान अमेरिकी बलों के निर्देशों का पालन नहीं किया। उसके अनुसार, 13 अप्रैल से नाकाबंदी शुरू होने के बाद U.S. Navy नौ गैर-अनुपालक पोतों को निष्क्रिय कर चुकी है, 135 जहाजों को मोड़ चुकी है और मानवीय सहायता से जुड़े 42 पोतों को गुजरने दिया गया है।
भारतीय समुद्री क्षेत्र और कूटनीतिक असर
पोत, नौवहन और जलमार्ग मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव मुकेश मंगल ने कहा कि इस समय भारतीय ध्वज वाले जहाजों पर 562 भारतीय समुद्री कर्मी तैनात हैं, जिनमें 329 फारस की खाड़ी क्षेत्र में, Hormuz के पश्चिम में, और 233 ओमान की खाड़ी में, Hormuz के पूर्व में हैं। उन्होंने कहा कि पूरे खाड़ी क्षेत्र में कुल 18,000 से अधिक भारतीय समुद्री कर्मी काम कर रहे हैं, जबकि सरकारी आंकड़ों के अनुसार वैश्विक शिपिंग बेड़ों में 300,000 से अधिक भारतीय नाविक कार्यरत हैं।मृतकों में शिवानंद चौरसिया और हिमाचल प्रदेश के युवा डेक कैडेट आदित्य शर्मा शामिल हैं। शिपिंग मंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने इन मौतों को भारत के समुद्री परिवार के लिए गहरी क्षति बताया है।
यह मामला 15 से 17 जून तक फ्रांस के Évian-les-Bains में होने वाले G7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और U.S. राष्ट्रपति Donald Trump की संभावित द्विपक्षीय बैठक में भी उठ सकता है। यह संभावित वार्ता व्यापार, ऊर्जा सहयोग और व्यापक रणनीतिक तालमेल के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है, खासकर ऐसे समय में जब क्षेत्रीय तनाव और समुद्री सुरक्षा जोखिम बढ़ रहे हैं।
हमारी पिछली रिपोर्ट में U.S.-ईरान तनाव और होरमुज़ जलडमरूमध्य से जुड़ी आशंकाओं के बीच सोने (XAU) की कीमत में आई तेज गिरावट पर चर्चा की गई थी। लेख में बताया गया था कि नाज़ुक युद्धविराम के बाद सुरक्षित निवेश (सेफ-हेवन) मांग कमजोर पड़ी, जबकि तकनीकी संकेतकों ने XAU के प्रमुख मूविंग एवरेज से नीचे बने रहने और आगे भी दबाव की संभावना का संकेत दिया।
नवीनतम भारत समाचार
- Forex
- Crypto