RBI ने 12 जून की सरकारी प्रतिभूति अंडरराइटिंग नीलामी के कट-ऑफ कमीशन तय किए

RBI ने 12 जून की सरकारी प्रतिभूति अंडरराइटिंग नीलामी के कट-ऑफ कमीशन तय किए
RBI ने कट-ऑफ कमीशन तय किए

भारत सरकार की दो प्रतिभूतियों के लिए 12 जून 2026 को हुई अतिरिक्त प्रतिस्पर्धी अंडरराइटिंग नीलामी में भारतीय रिजर्व बैंक ने प्राथमिक डीलरों को देय अंडरराइटिंग कमीशन की कट-ऑफ दरें तय कर दी हैं। यह प्रक्रिया 2031 और 2066 परिपक्वता वाली सरकारी प्रतिभूतियों के निर्गम से पहले जोखिम वहन और बोली भागीदारी की शर्तों को स्पष्ट करती है।

हाइलाइट्स

  • 6.36% GS 2031 के लिए 21,000 करोड़ रुपये का अंडरराइटिंग दायित्व और कमीशन कट-ऑफ दर 100 रुपये पर 0.25 पैसे तय की गई।
  • 7.71% GS 2066 के लिए 11,000 करोड़ रुपये की अंडरराइटिंग का कमीशन कट-ऑफ 100 रुपये पर 0.61 पैसे रहा, जो लंबी अवधि के लिए उच्च जोखिम प्रीमियम दर्शाता है।
  • अंडरराइटिंग परिणाम 12 जून की नीलामी में सरकारी उधारी के निष्पादन से सीधे जुड़े हैं, जिससे प्राइमरी डीलरों की जोखिम मूल्य निर्धारण स्पष्ट होती है।

12 जून नीलामी के कमीशन स्तर

Reserve Bank of India की Reserve Bank of India प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 6.36% GS 2031 के लिए 21,000 करोड़ रुपये की अधिसूचित राशि पर 10,500 करोड़ रुपये का न्यूनतम अंडरराइटिंग दायित्व रखा गया और अतिरिक्त प्रतिस्पर्धी अंडरराइटिंग में 10,500 करोड़ रुपये स्वीकार किए गए। इस प्रतिभूति के लिए कुल 21,000 करोड़ रुपये अंडरराइट किए गए और एसीयू कमीशन की कट-ऑफ दर 100 रुपये पर 0.25 पैसे तय की गई।

7.71% GS 2066 के लिए 11,000 करोड़ रुपये की अधिसूचित राशि पर 5,502 करोड़ रुपये का न्यूनतम अंडरराइटिंग दायित्व रखा गया। अतिरिक्त प्रतिस्पर्धी अंडरराइटिंग में 5,498 करोड़ रुपये स्वीकार किए गए, जिससे कुल 11,000 करोड़ रुपये अंडरराइट हुए, और कट-ऑफ कमीशन दर 100 रुपये पर 0.61 पैसे रही।

सरकारी उधारी और बाजार पर असर

इसी दिन इन प्रतिभूतियों की बिक्री के लिए नीलामी भी आयोजित की जा रही है, जिससे अंडरराइटिंग परिणाम सीधे सरकारी उधारी कार्यक्रम के निष्पादन से जुड़ते हैं। अलग-अलग कट-ऑफ दरें यह संकेत देती हैं कि परिपक्वता अवधि और मांग प्रोफाइल के आधार पर प्राथमिक डीलरों की जोखिम कीमत तय होती है।

अंडरराइटिंग व्यवस्था सरकारी प्रतिभूति बाजार में निर्गम की सुचारु पूर्ति सुनिश्चित करती है, क्योंकि प्राथमिक डीलर अधिसूचित उधारी के लिए समर्थन उपलब्ध कराते हैं। लंबी अवधि की प्रतिभूति 7.71% GS 2066 पर ऊंची कमीशन दर यह दिखाती है कि अधिक दीर्घावधि वाले कागज में जोखिम वहन की कीमत अपेक्षाकृत अधिक रखी गई है।

हमारी पिछली रिपोर्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लगातार 4,399 दिनों के कार्यकाल को भारत की आर्थिक दिशा, नीतिगत सुधारों और बुनियादी ढांचा निवेश के बड़े संदर्भ में रखा गया था। उसी लेख में सरकार की आर्थिक उपलब्धियों के साथ व्यापार नीति के मोर्चे पर RCEP में शामिल न होने के फैसले और घरेलू उद्योगों पर संभावित प्रभावों को भी रेखांकित किया गया था।

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