आरबीआई की मनी मार्केट परिचालन रिपोर्ट में 11 जून को तरलता अवशोषण दिखा
भारतीय मुद्रा बाजार में 11 जून 2026 को ओवरनाइट खंड का कुल कारोबार 7,23,737.09 करोड़ रुपये दर्ज होता है और समग्र भारित औसत दर 5.14 प्रतिशत रहती है। इसी दिन आरबीआई की दैनिक परिचालन गतिविधियों से 1,92,961 करोड़ रुपये की शुद्ध तरलता अवशोषित होती है, जबकि कुल शुद्ध तरलता स्थिति, बकाया परिचालनों सहित, 1,58,987.21 करोड़ रुपये के अवशोषण पर रहती है।
हाइलाइट्स
- 11 जून 2026 को ओवरनाइट मनी मार्केट का कुल वॉल्यूम 7,23,737.09 करोड़ रुपये और औसत दर 5.14 प्रतिशत रही।
- आरबीआई के एमएसएफ और एसडीएफ परिचालनों से उस दिन शुद्ध तरलता अवशोषण 1,92,961.00 करोड़ रुपये दर्ज हुआ।
- 11 जून 2026 को शुद्ध तरलता स्थिति 1,58,987.21 करोड़ रुपये के अवशोषण पर और बैंकों की आरबीआई में नकद शेष 7,61,893.16 करोड़ रुपये रही।
11 जून के बाजार परिचालन और दरें
एक Reserve Bank of India की प्रेस विज्ञप्ति 2026-2027/439 के अनुसार, ओवरनाइट मनी मार्केट खंड में कॉल मनी, ट्रिपार्टी रेपो, मार्केट रेपो और कॉरपोरेट बॉन्ड में रेपो सहित कुल कारोबार 7,23,737.09 करोड़ रुपये रहता है। इस खंड में कॉल मनी का वॉल्यूम 16,981.69 करोड़ रुपये, ट्रिपार्टी रेपो 5,15,214.50 करोड़ रुपये, मार्केट रेपो 1,84,830.60 करोड़ रुपये और कॉरपोरेट बॉन्ड रेपो 6,710.30 करोड़ रुपये दर्ज होता है।ओवरनाइट खंड की भारित औसत दर 5.14 प्रतिशत रहती है, जबकि कॉल मनी 5.27 प्रतिशत, ट्रिपार्टी रेपो 5.13 प्रतिशत, मार्केट रेपो 5.16 प्रतिशत और कॉरपोरेट बॉन्ड रेपो 5.28 प्रतिशत पर रहता है। दरों की सीमा ओवरनाइट समग्र खंड में 1.00 प्रतिशत से 5.40 प्रतिशत के बीच रहती है।
टर्म सेगमेंट में नोटिस मनी का कारोबार 257.60 करोड़ रुपये पर 5.28 प्रतिशत की भारित औसत दर के साथ दर्ज होता है। टर्म मनी में 990.20 करोड़ रुपये का वॉल्यूम दिखता है, जबकि ट्रिपार्टी रेपो 4,872.00 करोड़ रुपये और मार्केट रेपो 3,335.95 करोड़ रुपये पर रहते हैं; कॉरपोरेट बॉन्ड में टर्म रेपो में कोई लेनदेन नहीं होता।
तरलता स्थिति और बैंकिंग प्रभाव
आरबीआई की उसी दिन की परिचालन गतिविधियों में एमएसएफ के तहत 446.00 करोड़ रुपये 5.50 प्रतिशत पर और एसडीएफ के तहत 1,93,407.00 करोड़ रुपये 5.00 प्रतिशत पर दर्ज होते हैं। इन दैनिक परिचालनों से शुद्ध तरलता प्रभाव 1,92,961.00 करोड़ रुपये के अवशोषण का रहता है।बकाया परिचालनों में 8 जून 2026 की 4 दिन की वेरिएबल रेट रेपो व्यवस्था के तहत 23,680.00 करोड़ रुपये 5.26 प्रतिशत पर परिपक्वता तिथि 12 जून 2026 के लिए दिखते हैं। एसएलएफ के तहत आरबीआई से 10,293.79 करोड़ रुपये की सुविधा ली जाती है, जिससे बकाया परिचालनों से शुद्ध तरलता इंजेक्शन 33,973.79 करोड़ रुपये पर रहता है।
दैनिक और बकाया दोनों परिचालनों को मिलाकर शुद्ध तरलता स्थिति 1,58,987.21 करोड़ रुपये के अवशोषण पर रहती है। अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों की आरबीआई के पास नकद शेष राशि 11 जून 2026 को 7,61,893.16 करोड़ रुपये रहती है, जबकि 15 जून 2026 को समाप्त पखवाड़े के लिए औसत दैनिक नकद आरक्षित आवश्यकता 7,90,713.00 करोड़ रुपये दर्ज होती है।
मोदी सरकार के 12 साल और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 4,399 दिनों के लगातार कार्यकाल पर हमारी पिछली रिपोर्ट में इस अवधि के आर्थिक सुधारों, बुनियादी ढांचा निवेश और डिजिटल भुगतान विस्तार के साथ-साथ प्रमुख नीतिगत फैसलों का समग्र आकलन किया गया था। लेख में GDP, राजमार्ग व मेट्रो नेटवर्क, ऊर्जा क्षमता जैसी उपलब्धियों के आंकड़े दिए गए थे और साथ ही RCEP में शामिल न होने के फैसले तथा उससे जुड़े घरेलू उद्योग/व्यापार-घाटा जोखिमों पर सरकार के तर्क भी रेखांकित किए गए थे।
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