भारत ने ओमान के पास भारतीय चालक दल वाले टैंकर पर हमले की खबरों का खंडन किया
खाड़ी क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों पर हालिया हमलों और बढ़ते समुद्री तनाव के बीच भारत ने कहा है कि एमटी लिआकी फ्रीडम पर सवार भारतीय चालक दल सुरक्षित है। यह स्पष्टीकरण उस समय आया है जब नई दिल्ली पहले से ही क्षेत्र में भारतीय नाविकों की मौत और जहाजरानी सुरक्षा को लेकर कड़ा विरोध दर्ज करा रही है।
हाइलाइट्स
- विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की कि ओमान के पास लिआकी फ्रीडम टैंकर पर कोई हमला नहीं हुआ और सभी भारतीय चालक दल सुरक्षित हैं।
- एमटी सेटेबेलो पर हुए हालिया हमले में 24 भारतीय दल में से तीन की मौत और 21 की बचाव के बाद भारत ने U.S. से कड़ा विरोध दर्ज कराया।
- ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य बंद करने की चेतावनी और खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते समुद्री हमलों के चलते भारत स्थिति पर करीबी नजर रख रहा है।
सरकारी स्पष्टीकरण और गलत सूचना पर चेतावनी
As reported by Financial Express, विदेश मंत्रालय के आधिकारिक बयान के अनुसार, मंत्रालय ने जहाज के मास्टर से बात की, जिन्होंने पुष्टि की कि लिआकी फ्रीडम पर कोई हमला नहीं हुआ और सभी चालक दल सदस्य सुरक्षित हैं। मंत्रालय ने कहा कि जहाज पर हमले की प्रसारित जानकारी गलत है और लोगों को अपुष्ट ऑनलाइन दावों से सावधान रहना चाहिए।
विदेश मंत्रालय की फैक्ट-चेक इकाई ने भी सोशल मीडिया पर प्रसारित दावों को भ्रामक बताया। ओमान के पास रातोंरात हमले की कई खबरों और पोस्टों के बाद भारतीय चालक दल की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी थी, खासकर इसलिए क्योंकि यह जहाज मार्शल आइलैंड्स के ध्वज वाला टैंकर है और खाड़ी के संवेदनशील मार्ग से गुजर रहा था।
खाड़ी में बढ़ते जोखिम और भारत की कूटनीतिक प्रतिक्रिया
यह प्रकरण ऐसे समय में सामने आया है जब खाड़ी क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों पर हमलों को लेकर तनाव तेज है। भारत ने हाल के उन हमलों पर कड़ा विरोध जताया है जिनमें भारतीय नाविकों की जान गई, जबकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह दावा किया कि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से निकलने वाले भारतीय जहाजों पर ड्रोन हमले किए हैं।इससे पहले इसी सप्ताह खाड़ी-ए-ओमान में एमटी सेटेबेलो पर हुए हमले में 24 भारतीय चालक दल सदस्यों में से तीन नाविक मारे गए थे और 21 को बचा लिया गया था। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि उन्होंने U.S. विदेश मंत्री मार्को रुबियो से बात कर U.S. नौसेना की हालिया कार्रवाई पर भारत का कड़ा विरोध दर्ज कराया, जबकि नई दिल्ली ने क्षेत्र में बार-बार हो रही घटनाओं के बाद U.S. प्रभारी राजदूत को दो बार तलब भी किया है।
सरकार ने यह भी चिंता जताई है कि खाड़ी के समुद्री मार्गों से गुजरने वाले अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक जहाजों पर बड़ी संख्या में भारतीय नाविक कार्यरत हैं। ईरान की ओर से होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की घोषणा और मार्ग से गुजरने वाले जहाजों को निशाना बनाने की चेतावनी के बाद भारत स्थिति पर करीबी नजर रख रहा है।
हमारी पिछली रिपोर्ट में ओमान तट के पास MT Settebello पर हुए मिसाइल हमले और उसमें तीन भारतीय चालक दल सदस्यों की मौत के बाद खाड़ी क्षेत्र में भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंता पर चर्चा की गई थी। उस लेख में बताया गया था कि सरकार ने समुद्री गतिविधियों की निगरानी और आपात प्रतिक्रिया व्यवस्था कड़ी की, राहत व प्रत्यावर्तन समन्वय तेज किया और शिपिंग कंपनियों व एजेंसियों को उच्च सतर्कता के निर्देश दिए।
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